नई तबादला नीति तक आपसी सहमति से होगा ट्रांसफर,
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 16 जून। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने रोडवेज कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई स्थानांतरण नीति लागू होने तक हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों को आपसी सहमति के आधार पर एक बार स्थानांतरण का अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों की कार्यस्थल सुविधाओं, पदोन्नति, आवासीय कॉलोनियों, सड़क सुरक्षा और विभागीय भूमि से अवैध कब्जे हटाने जैसे कई अहम मुद्दों पर भी सरकार ने गंभीर कदम उठाने का फैसला किया है।
यह घोषणाएं मंगलवार को चंडीगढ़ में परिवहन विभाग के अधिकारियों, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन तथा हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में की गईं। बैठक में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कर्मचारियों को मिलेगा ट्रांसफर का विशेष अवसर
परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि कई कर्मचारियों की पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को देखते हुए नई तबादला नीति लागू होने तक आपसी सहमति से स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी। इससे कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान होगा और विभिन्न डिपो में कार्य व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
रोडवेज कार्यशालाओं में बढ़ेंगी सुविधाएं
बैठक में कर्मचारियों के कार्यस्थल की सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विज ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी रोडवेज कार्यशालाओं और डिपो में कर्मचारियों के लिए पर्याप्त पंखे, बैठने की उचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल हेतु वाटर कूलर तथा महिला और पुरुष कर्मचारियों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य वातावरण मिलने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मनोबल दोनों में वृद्धि होगी।
निजी बस संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा
बैठक में किलोमीटर स्कीम और स्टेज कैरिज स्कीम के तहत संचालित निजी बसों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अनिल विज ने स्पष्ट कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन जब तक अंतिम फैसला नहीं आता तब तक सभी निजी बस संचालकों को वर्तमान नियमों और नीतियों का सख्ती से पालन करना होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वाले निजी बस ऑपरेटरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनकी बसों का संचालन भी बंद कराया जा सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि, चालकों की होगी सख्त टेस्टिंग
सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन मंत्री ने बड़ा संकेत देते हुए कहा कि विभाग जल्द ही चालकों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चालक परीक्षण प्रणाली को पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुशल और प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की आधारशिला हैं।
सरकारी बसों को मिलेगी प्राथमिकता
अनिल विज ने अधिकारियों को प्रदेशभर में बसों के रूट और समय-सारिणी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां पहले सरकारी बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए और उसके लगभग 20 से 25 मिनट बाद निजी बसों को चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा रोडवेज को अनावश्यक प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ेगा और सरकारी परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी।
साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए भी एक व्यवहारिक और प्रभावी मॉडल तैयार करने की बात कही, जिससे भविष्य में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ बनाया जा सके।
बस अड्डों और डिपो की जमीनों से हटेंगे अवैध कब्जे
परिवहन विभाग की संपत्तियों पर संभावित अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए विज ने सभी महाप्रबंधकों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में बस अड्डों और डिपो की जमीनों का व्यापक सर्वेक्षण करवाएं।
उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी अवैध कब्जा पाया जाए, उसे तत्काल हटाया जाए। इसके अलावा बस अड्डों के परिसरों में होने वाले अतिक्रमणों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि खाली कराई गई भूमि पर भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और अन्य जनसुविधाओं का विकास किया जा सकेगा।
समय पर होगी कर्मचारियों की पदोन्नति
बैठक में हरियाणा रोडवेज इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन, गुरुग्राम में कर्मचारियों की भर्ती और सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। अनिल विज ने अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में सभी पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाएगी ताकि कोई भी कर्मचारी अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित न रहे।
रोडवेज कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनियों पर भी विचार
यूनियनों की मांग पर परिवहन मंत्री ने रोडवेज कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनियों के निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन करने और विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
यदि यह योजना साकार होती है तो प्रदेशभर के हजारों रोडवेज कर्मचारियों को आवास संबंधी बड़ी राहत मिल सकती है।
लंबित मांगों के समाधान के लिए बनेगा विशेष एजेंडा
बैठक में अर्जित अवकाश, तकनीकी वेतनमान, बोनस, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कम्यूटेड पेंशन, जोखिम भत्ता, वर्दी एवं जूता भत्ता, वार्षिक वेतन वृद्धि, विश्राम गृह, दैनिक भत्ता और दिल्ली आईएसबीटी में टिकट काउंटर के लिए स्थान सहित कई लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अनिल विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मामलों का विस्तृत अध्ययन कर एक समग्र एजेंडा तैयार किया जाए और संबंधित विभागों के साथ संयुक्त बैठक कर लंबित मांगों का स्थायी समाधान निकाला जाए।
कर्मचारी हित और जनसेवा दोनों पर सरकार का जोर
बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि हरियाणा सरकार एक ओर जहां रोडवेज कर्मचारियों की सुविधाओं, पदोन्नति और कल्याण योजनाओं पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की सुरक्षा, सरकारी परिवहन सेवाओं की मजबूती और विभागीय संपत्तियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है। परिवहन मंत्री अनिल विज की घोषणाओं को रोडवेज कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और विभागीय सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














Total Users : 349164
Total views : 576485