May 23, 2026 8:46 pm

May 23, 2026 8:46 pm

पंचकूला नगर निगम FD घोटाला: सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक गिरफ्तार, करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा

पंचकूला, 2 अप्रैल 2026: पंचकूला नगर निगम में हुए बहुचर्चित एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पूर्व सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 24 मार्च 2026 को दर्ज मामले में की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी विकास कौशिक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक संगठित तरीके से करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया। आरोप है कि आरोपित पर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में मैनेजर फाईनेंस का चार्ज था, राजनीति सिफारिश करवाकर नगर निगम में अकाउंट ऑफिसर का भी एडिशनल चार्ज लिया था, जबकि निगम में चीफ एकाउंट ऑफिसर की पोस्ट थी, पावर के दम पर चीफ़ अकाउंट ऑफिसर को भी बदलाव दिया था। जिसके बाद खुद नगर निगम पंचकूला में अकाउंट ऑफिसर के रूप में तैनात था, उसी दौरान उसने अपने सहयोगी पुष्पेंद्र (मैनेजर) के साथ मिलकर कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11 पंचकूला में नगर निगम के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए।
बताया गया कि वर्ष 2020 में पहला फर्जी खाता और वर्ष 2022 में दूसरा खाता खोला गया। इन खातों को खोलने के लिए आरोपी ने अधिकारियों की मोहर और हस्ताक्षर तक फर्जी तरीके से तैयार किए। इसके बाद नगर निगम के नाम से फर्जी डेबिट वाउचर (RTGS/NEFT) बनाकर सरकारी खातों से रकम इन फर्जी खातों में ट्रांसफर की जाती रही।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने नगर निगम की एफडी को समय से पहले तुड़वाकर उनकी राशि को भी इन फर्जी खातों में ट्रांसफर किया और फिर अलग-अलग खातों के जरिए आगे भेज दिया। इस पूरे घोटाले में बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए सुनियोजित तरीके से धन की हेराफेरी की गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जुलाई 2025 और फरवरी 2026 में नगर निगम ने अपनी एफडी और खातों की जानकारी मांगी। जांच में सामने आया कि खातों में कोई राशि शेष नहीं थी और सभी एफडी पहले ही तुड़वाई जा चुकी थीं। इसके बाद फर्जी स्टेटमेंट और दस्तावेज बनाकर मामले को छुपाने की कोशिश भी की गई।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
यह घोटाला नगर निगम की वित्तीय प्रणाली में बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर करता है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 2 3 5 6 5
Total Users : 323565
Total views : 540284

शहर चुनें