October 13, 2026 8:43 pm

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हरियाणा में एचआईवी/एड्स नियंत्रण को मिलेगा बड़ा बल: 47.16 करोड़ का बजट, पंचकूला में नई वायरल लोड लैब, जीवनसाथी जांच पहल शुरू

चंडीगढ़, 4 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने एचआईवी/एड्स नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (HSACS) की 23वीं कार्यकारी समिति की बैठक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बजट, जांच सेवाओं के विस्तार और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
47.16 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित
बैठक में वर्ष 2026–27 के लिए 47.16 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया, जिसे समिति ने मंजूरी दे दी। इस बजट में लक्षित हस्तक्षेप और लिंक वर्कर स्कीम के लिए 16.45 करोड़ रुपये, ICTC/BSD सेवाओं के लिए 10.90 करोड़ रुपये, संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए 6.22 करोड़ रुपये, देखभाल एवं उपचार (ART) के लिए 4.68 करोड़ रुपये, अन्य गतिविधियों के लिए 3.75 करोड़ रुपये तथा STI सेवाओं के लिए 1.52 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पंचकूला में दूसरी वायरल लोड लैब होगी स्थापित
राज्य में एचआईवी जांच सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पंचकूला में दूसरी वायरल लोड लैब स्थापित की जाएगी, जो अगले एक महीने में शुरू होने की संभावना है। फिलहाल पीजीआईएमएस रोहतक स्थित लैब 17 जिलों को सेवाएं दे रही है, जबकि 5 जिले नई दिल्ली के IHBAS से जुड़े हैं।
नई लैब के शुरू होने से जांच रिपोर्ट मिलने में लगने वाला समय कम होगा और सेवाओं का बेहतर वितरण संभव हो सकेगा। इसके अलावा कैथल, हिसार, पानीपत और फरीदाबाद में चार नई CD4 मशीनें भी स्थापित की गई हैं, जो जल्द चालू होंगी। करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज और पंचकूला सिविल अस्पताल में भी नई CD4 लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है।
गर्भवती महिलाओं के साथ जीवनसाथी की भी होगी जांच
सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए गर्भवती महिलाओं (ANC) के साथ उनके जीवनसाथियों की भी एचआईवी और सिफलिस की संयुक्त जांच करने को मंजूरी दी है। NACO के अनुसार वर्ष 2025-26 में हरियाणा के लिए 5,95,880 जांच का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि इस नई पहल के तहत हर साल करीब 12 लाख संयुक्त जांच की आवश्यकता होगी।
इस कदम से मातृ-से-शिशु संक्रमण को लगभग शून्य तक लाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी मरीजों की निगरानी
एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों (PLHIV) के लिए एक सुरक्षित वेब-आधारित प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से मरीजों को वॉइस मैसेज, एसएमएस अलर्ट और फॉलो-अप रिमाइंडर भेजे जाएंगे, जिससे उपचार की निरंतरता सुनिश्चित की जा सकेगी।
95-95-99 लक्ष्य हासिल करने पर फोकस
बैठक में एचआईवी नियंत्रण के 95-95-99 लक्ष्य—95% संक्रमितों की पहचान, 95% को उपचार से जोड़ना और 99% मरीजों में वायरल लोड नियंत्रित करना—को हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
जागरूकता और समन्वय पर जोर
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जागरूकता ही एचआईवी/एड्स से जुड़े सामाजिक कलंक को खत्म करने की कुंजी है। उन्होंने श्रम एवं उद्योग विभाग को सभी बड़े संस्थानों में एचआईवी कार्यस्थल नीति लागू करने और CSR गतिविधियों में इसे शामिल करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा शिक्षा विभाग को कॉलेजों में रेड रिबन क्लब स्थापित करने और स्कूलों में किशोर शिक्षा कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया गया, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग को जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।
सरकार के इन कदमों से न केवल एचआईवी संक्रमित मरीजों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि नए संक्रमणों की रोकथाम में भी बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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