चंडीगढ़, 6 अप्रैल। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अनुसार, जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, लंबित हैं या जिनमें वे दोषी ठहराए जा चुके हैं, उन्हें इसकी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।
जारी निर्देशों के तहत ऐसे उम्मीदवारों को कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार में अपने आपराधिक मामलों से संबंधित घोषणा प्रकाशित करनी होगी। यह घोषणा उम्मीदवारों को नाम वापसी की अंतिम तिथि के अगले दिन से लेकर मतदान की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन बार प्रकाशित करवानी होगी।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उदाहरण के तौर पर यदि नाम वापसी की अंतिम तिथि 10 तारीख है और मतदान 20 तारीख को होना है, तो उम्मीदवारों को 11 से 18 तारीख के बीच तीन अलग-अलग दिनों में यह घोषणा प्रकाशित करनी होगी। इसके अलावा, यह जानकारी स्थानीय टीवी चैनल या केबल नेटवर्क पर भी प्रसारित करना जरूरी होगा, जिसे मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले तक पूरा करना होगा।
निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवारों को यह भी घोषणा करनी होगी कि उन्होंने अपने आपराधिक मामलों की जानकारी संबंधित राजनीतिक दल को दे दी है। वहीं, राजनीतिक दलों को भी ऐसे उम्मीदवारों की जानकारी अपनी वेबसाइट, स्थानीय टीवी चैनलों और अधिक प्रसार वाले हिंदी व अंग्रेजी अखबारों में निर्धारित प्रारूप में प्रकाशित करनी होगी।
उपायुक्त को देनी होगी रिपोर्ट
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में राजनीतिक दलों को संबंधित उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट में यह प्रमाणित करना होगा कि सभी निर्देशों का पालन किया गया है, साथ ही प्रकाशित विज्ञापनों की कटिंग भी संलग्न करनी होगी। यह प्रक्रिया चुनाव समाप्त होने के 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
आयोग ने कहा कि ये निर्देश आगामी सभी पंचायत आम और उपचुनावों में लागू होंगे, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।










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