ड्रोन के जरिए सरहद पार से आ रही थी हथियारों की खेप, सोशल मीडिया के जरिए पाक तस्करों से जुड़े थे आरोपी
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़/अमृतसर, 8 अप्रैल: पंजाब को सुरक्षित बनाने की दिशा में चल रही मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 आधुनिक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे और सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजी गई हथियारों की खेप को उठाकर आगे सप्लाई करते थे।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह उर्फ गिंदर (32), जॉबनबीर सिंह उर्फ जॉबन (23), लवप्रीत सिंह उर्फ लव तथा एक 16 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है। ये सभी अमृतसर और तरनतारन क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से 2 इटली निर्मित पीएक्स 5 स्टॉर्म पिस्तौल, 2 अन्य इटली निर्मित .30 बोर पिस्तौल, 1 चीनी पिस्तौल, 1 ऑस्ट्रिया निर्मित पिस्तौल, 1 देसी 9 एमएम पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
ड्रोन के जरिए आ रही थी खेप
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे। हथियारों की सप्लाई अटारी सेक्टर के गांव भैणी और नेश्टा क्षेत्र के पास ड्रोन के माध्यम से की जा रही थी।
आरोपी तय स्थानों से हथियार उठाकर उन्हें स्थानीय नेटवर्क तक पहुंचाते थे।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासे
पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पहले तीन आरोपियों को 6 पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया गया था, जबकि चौथा आरोपी मौके से फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए नाबालिग आरोपी को एक पिस्तौल के साथ काबू कर लिया।
पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
जांच में सामने आया है कि गुरविंदर और लवप्रीत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वहीं नाबालिग आरोपी के खिलाफ भी असला एक्ट के तहत पहले केस दर्ज है, जिसमें उसके पास से तीन पिस्तौल बरामद हुई थीं।
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
इस मामले में थाना छेहरटा, अमृतसर में असला एक्ट की धारा 25(8) के तहत एफआईआर नंबर 72 दिनांक 2 अप्रैल 2026 दर्ज की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के पीछे जुड़े अन्य लोगों और विदेशी हैंडलरों की पहचान में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।












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