April 9, 2026 12:56 am

April 9, 2026 12:56 am

पंचकूला नगर निगम एफडी घोटाला: फार्मा कंपनी में 50 करोड़ निवेश की तैयारी, डील फाइनल होने से पहले खुला खेल

बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 8 अप्रैल 2026: पंचकूला नगर निगम से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के एफडी घोटाले में एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच में पता चला है कि घोटाले की रकम में से करीब 50 करोड़ रुपये एक फार्मा कंपनी में निवेश करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी और डील लगभग फाइनल हो चुकी थी।
50 करोड़ की डील, आखिरी चरण में था समझौता
सूत्रों के मुताबिक, घोटाले से निकाली गई रकम को केवल उधार देने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे बड़े स्तर पर निवेश के जरिए बढ़ाने की भी योजना थी। इसी कड़ी में एक फार्मा कंपनी के साथ करीब 50 करोड़ रुपये के निवेश की डील तय कर ली गई थी।
बताया जा रहा है कि:
निवेश की शर्तें लगभग तय हो चुकी थीं
दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी थी
अंतिम कागजी प्रक्रिया पूरी होने ही वाली थी
हालांकि, इससे पहले ही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच तेज हो गई और यह सौदा अमल में नहीं आ सका।
घोटाले की रकम को “घुमाने” की थी रणनीति
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने गबन की रकम को छिपाने और बढ़ाने के लिए एक सुनियोजित वित्तीय नेटवर्क तैयार किया था। इसमें:
फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर करना
बिल्डरों और अन्य लोगों को ऊंचे ब्याज पर उधार देना
बड़े निवेश के जरिए रकम को “लीगल” दिखाने की कोशिश
फार्मा कंपनी में निवेश की योजना इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
मुख्य आरोपी की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र की भूमिका को बेहद अहम माना जा रहा है, जिसने हाल ही में ACB के सामने आत्मसमर्पण किया है।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में यह स्पष्ट होगा कि:
फार्मा कंपनी कौन थी
डील किन लोगों के माध्यम से कराई जा रही थी
निवेश के पीछे असली मकसद क्या था
बड़े नेटवर्क के संकेत
अब तक की जांच से यह साफ हो रहा है कि यह घोटाला केवल फर्जी एफडी और ट्रांसफर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें एक बड़ा वित्तीय नेटवर्क सक्रिय था, जो गबन की रकम को विभिन्न माध्यमों से बढ़ाने और वैध दिखाने में लगा हुआ था।
जांच का दायरा बढ़ा
एंटी करप्शन ब्यूरो अब इस एंगल पर भी गहन जांच कर रही है। संभावना है कि फार्मा कंपनी से जुड़े लोगों को भी पूछताछ के दायरे में लाया जा सकता है।
निष्कर्ष
पंचकूला नगर निगम का यह एफडी घोटाला अब लगातार नए खुलासों के साथ और गहराता जा रहा है। 50 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से यह साफ हो गया है कि आरोपियों की मंशा केवल गबन तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे इस रकम को बड़े पैमाने पर घुमा कर मुनाफा कमाने की योजना पर काम कर रहे थे।
(मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।)

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 3 3 7 4
Total Users : 293374
Total views : 496507

शहर चुनें