September 14, 2026 10:02 am

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PUNJAB: भगवंत मान सरकार का ऐतिहासिक फैसला: बेअदबी पर उम्र कैद तक की सजा

पंजाब विधानसभा में ‘जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026’ सर्वसम्मति से पास, सख्त कानून से बेअदबी पर लगेगा लगाम

चंडीगढ़, 13 अप्रैल 2026: पंजाब की पंजाब विधानसभा ने सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस कानून के तहत श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने पर अब उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून राज्य में बेअदबी की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए लाया गया है और इससे ऐसा अपराध करने वालों में डर पैदा होगा।

सख्त प्रावधान: 5 साल से लेकर उम्र कैद तक सजा
नए संशोधित कानून में सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं:
कानून उल्लंघन पर 5 साल तक की कैद और जुर्माना
श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर 7 से 20 साल की सजा
धार्मिक सद्भावना भंग करने के इरादे से बेअदबी पर 10 साल से उम्र कैद तक की सजा
20 लाख रुपये तक का जुर्माना
सभी अपराध गैर-जमानती होंगे
मामलों की जांच तेजी से पूरी की जाएगी
सहायता करने वालों को भी मुख्य आरोपी के बराबर सजा

मुख्यमंत्री का बयान: अब कोई हिम्मत नहीं करेगा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कानून सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी इस तरह के घिनौने अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं राज्य की शांति और भाईचारे को तोड़ने की साजिश होती हैं, जिन्हें सख्ती से कुचला जाएगा।

विपक्ष पर हमला: पहले की सरकारों ने छोड़ी कमियां
सीएम मान ने अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की और बेअदबी रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि पहले चार बार बिल लाया गया, लेकिन जानबूझकर कमियां छोड़ी गईं, जिससे दोषियों को सजा नहीं मिल सकी।

धार्मिक सम्मान के लिए अन्य फैसले भी
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने धार्मिक सम्मान को बढ़ावा देने के लिए पालकी साहिब ले जाने वाले वाहनों को टैक्स में छूट दी है। यह कदम विभिन्न धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहित करेगा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगा।

शांति और भाईचारे पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हमेशा से भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की भूमि रहा है।
उन्होंने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब मानवता को एकता, शांति और सहिष्णुता का संदेश देता है, और इसकी पवित्रता की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जलियांवाला बाग हत्याकांड का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ नेता सच्चाई से बचने के लिए सदन से दूर रहे।

निष्कर्ष: मील का पत्थर साबित होगा कानून
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विश्वास जताया कि यह संशोधन कानून पंजाब में धार्मिक सम्मान, शांति और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर हाल में भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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