बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 23 अप्रैल: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यूटी प्रशासन ने एक अहम निर्णय लेते हुए मनीमाजरा और सेक्टर-26 को जोड़ने के लिए सुखना चोए पर उच्च स्तरीय पुल (हाई-लेवल ब्रिज) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह फैसला यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें इंजीनियरिंग विभाग ने परियोजना की तकनीकी और व्यवहारिक रूपरेखा प्रस्तुत की।
मौजूदा पुल बना परेशानी का कारण
वर्तमान में इस मार्ग पर बना वेंटेड लो-लेवल (नीचा) पुल यातायात के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसकी चौड़ाई सीमित होने के कारण यहां रोजाना भारी ट्रैफिक जाम लगता है, खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और खराब हो जाती है। यह मार्ग चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच आवागमन का प्रमुख लिंक है, जिस पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं।
इसके अलावा, मानसून के दौरान सुखना चोए में जलस्तर बढ़ने पर यह पुल कई बार डूब जाता है, जिससे इसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ता है। इससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है, वहीं आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ता है।

महत्वपूर्ण स्थानों तक आसान पहुंच
यह सड़क मार्ग शहर के कई प्रमुख स्थानों को जोड़ता है, जिनमें सुखना झील, सेक्टर-17 प्लाजा, पीजीआई, पंजाब विश्वविद्यालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय शामिल हैं। ऐसे में इस पुल का अपग्रेड होना शहर की समग्र यातायात प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाई-लेवल पुल से मिलेगी बड़ी राहत
प्रस्तावित हाई-लेवल पुल के निर्माण से इस मार्ग पर हर मौसम में निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा। जलभराव या बाढ़ की स्थिति में भी पुल संचालन में बाधा नहीं आएगी। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी।
आधुनिक तकनीक से होगा निर्माण
करीब ₹16.63 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल को दोहरे चार-लेन (डुअल फोर-लेन) के रूप में डिजाइन किया गया है। इसमें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और साइकिल चालकों के लिए अलग ट्रैक भी बनाया जाएगा, जिससे यह परियोजना पर्यावरण और गैर-मोटर चालित परिवहन को भी बढ़ावा देगी।
पुल के निर्माण में आधुनिक आरसीसी (रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) और प्रीकास्ट तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी। इसके साथ ही उन्नत ड्रेनेज सिस्टम और बाढ़-रोधी उपायों को भी शामिल किया गया है, ताकि संरचना लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे।
जुलाई 2026 से शुरू होगा काम
प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना पर कार्य जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है। निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए 12 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है। यदि तय समय पर कार्य पूरा होता है, तो अगले वर्ष तक शहरवासियों को इस नए पुल का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
शहर के विकास में अहम कदम
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना चंडीगढ़ के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल मनीमाजरा और सेक्टर-26 के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर, सुखना चोए पर प्रस्तावित हाई-लेवल पुल शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आने वाले समय में ट्रैफिक प्रबंधन और शहरी विकास को नई गति देगा।









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