April 23, 2026 3:24 pm

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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड { CHB} की समस्याओं को लेकर सांसद मनीष तिवारी के साथ बैठक

– पार्षद गुरप्रीत सिंह गब्बी के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन, वन टाइम सैटलमेंट समाधान करवाने की की मांग

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 22 अप्रैल। चंडीगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 34 के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी के नेतृत्व में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के निवासियों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर सांसद मनीष तिवारी के साथ मीटिंग की और मीटिंग के दौरान उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया। सौंपे गए ज्ञापन में हाऊसिंग बोर्ड के अलाटियों ने ज्ञापन में निवासियों ने बोर्ड के फ्लैट्स के ट्रांसफर की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रांसफर प्रक्रिया में अनावश्यक निरीक्षण और लंबी औपचारिकताओं के कारण आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। निवासियों ने मांग की कि पहले की तरह बिना निरीक्षण के ट्रांसफर की व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए। इसके साथ ही पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से होने वाले ट्रांसफर पर रोक लगने के बाद उत्पन्न समस्याओं का भी जिक्र किया गया। निवासियों ने कहा कि अब वसीयत के आधार पर तुरंत ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए ताकि परिवारों को कानूनी अड़चनों से राहत मिल सके। बोर्ड के अलाटियों ने ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि गुमनाम या आपसी रंजिश के चलते फ्लैटों की की जाने वाली शिकायतों के आधार पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न की जाए। निवासियों का कहना था कि कई बार लोग निजी दुश्मनी निकालने के लिए झूठी शिकायतें करते हैं जिससे निर्दोष लोगों को परेशानी होती है। इसके अलावा पूर्व में जारी नोटिफिकेशन के तहत दी गई रियायतों को जारी रखने की अपील भी की गई। निवासियों ने कहा कि नए नियमों के नाम पर पुरानी छूटों को समाप्त करना उचित नहीं है।

सांसद मनीष तिवारी ने इस मौके कहा कि जहां भाजपा की सरकार देशभर में एसआईआर के नाम पर वोटें काटने का काम कर रही है वहीं चंडीगढ़ में हाऊसिंग बोर्ड के ज़रीए लोगो को बेघर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार करीब 98 प्रतिशत लोगों ने अपने घरों में जरूरत के अनुसार बदलाव कर लिए हैं, लेकिन इन्हें नियमित करने के लिए अब तक कोई ठोस एकमुश्त समाधान नहीं दिया गया है। निवासियों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक नई कमेटी गठित करने की मांग की, जो सभी पहलुओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान पेश कर सके। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार देशभर में एसआईआर के माध्यम से लोगों के वोट काटने का काम कर रही है, वहीं चंडीगढ़ में हाउसिंग बोर्ड के जरिए लोगों को बेघर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी राजनीतिक लाभ के लिए बीजेपी ने बिहार में 61 लाख और पश्चिम बंगाल में 3 करोड़ में से 91 लाख वोट कटवाए, ताकि सत्ता हासिल की जा सके। इसी उद्देश्य से “अबकी बार 400 पार” का नारा दिया गया था, ताकि संविधान में बदलाव किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चंडीगढ़ के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस समस्या का समाधान करवाकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब देश के 7 राज्यों में वन टाइम सेटलमेंट के तहत लोगों को राहत दी जा सकती है, तो चंडीगढ़ में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि जब वे आनंदपुर साहिब से सांसद थे, तब उन्होंने नंगल में भी वन टाइम सेटलमेंट के जरिए लोगों को राहत दिलवाई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा हाऊसिंग बोर्ड के फ्लैटों की समस्या को लेकर दोहरी राजनीती कर रही है और इसका खामियाज़ा हाऊसिंग के फ्लैटों के अलाटियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हाऊसिंग बोर्ड का मुद्दा वह कईं बार संसद में चुके है लेकिंग भाजपा कि ‘दोगली’ राजनीती के कारण इस समय का हल नहीं निकल रहा। उन्होंने आगे कहा कि बतौर संसद वह हाऊसिंग बोर्ड के फ्लैटों के निवासियों के साथ खड़े है और फ्लैटों में जरूरत अनुसार कि गई तब्दीलियों और निर्माण के लिए ‘वन-टाइम सैटलमेंट’ करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के संपर्क में हैं और वन टाइम सेटलमेंट के तहत इन मकानों को नियमित कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इस दौरान चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच. एस. लक्की ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड का उद्देश्य लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना था, लेकिन अब परिवारों के बढ़ने के कारण लोगों ने अपने घरों में छोटे-मोटे बदलाव किए हैं। उन्होंने प्रशासन से जनहित में एकमुश्त सेटलमेंट नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाऊसिंग बोर्ड कि समस्या के हल के लिए राजनीती से ऊपर उठकर एक ‘आल पार्टी कमेटी’ बनाई गई थी, लेकिन अफ़सोस की बात है कि आम आदमी पार्टी और भाजपा इस कमेटी से किनारा कर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आप और भाजपा दोहरे मापदंड अपनाते हुए हाउसिंग बोर्ड फ्लैट्स में रहने वाले गरीब लोगों को परेशान कर रही है और इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।

इस मौके पर पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे मकानों में किए गए मामूली बदलावों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है, जबकि बड़े स्तर पर हुए अवैध निर्माणों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले अपने अधिकारियों, जजों और सरकारी बंगलों में हुए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हाऊसिंग बोर्ड कि अफसरशाही अपने अड़ियल रवैय्ये के कारण इस समस्या का हल नहीं होने दे रही।
पूर्व पार्षद जतिंदर भाटिया ने भी इस मुद्दे पर हाऊसिंग बोर्ड के फ्लैटों में रहने वालों का समर्थन करते हुए कहा कि समस्या का जल्द समाधान होना चाहि और इसका एकमात्र हल ‘वन टाइम सैटलमेंट’ ही है।

बैठक में बलबिंदर सिंह ‘उत्तम’, अनीता शर्मा, विपनजोत, सुशील सोवत, राजेश विमल, तरणजीत चावला, प्रदीप वर्मा, एस.एस. ग्रेवाल, नितिन राय, अविनाश धवन, हर्ष कुमार, बलदेव कुल्लू, निर्मल कौर, रमण शर्मा, करनैल सिंह, दिलबाग राय, सुनील भाटिया, सोहन लाल, दविंदर जुनेजा, सचप्रीत, राजीव खसा, विकास, मनमोहन, बलजीत सिंह, समीरा, राजीव मित्तल, शादान खान, मधु, नीलम मोहन शर्मा, नोयल मसीह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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