April 23, 2026 3:13 pm

April 23, 2026 3:13 pm

चंडीगढ़ में ट्रैफिक चेकिंग पर फिर उठे सवाल, मटका चौक पर पुराने सिस्टम की वापसी से लोग परेशान

बाबूगिरी ब्यूरो

चंडीगढ़, 23 अप्रैल: शहर में एक बार फिर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। गुरुवार को मटका चौक पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा अपनाया गया पुराना सिस्टम देखने को मिला, जहां सड़कों के बीच में वाहन रोककर बाहरी नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच की गई। इस कार्रवाई के चलते कुछ ही मिनटों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मटका चौक शहर का सबसे व्यस्त चौराहा है, जहां हर दो मिनट में ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में बीच सड़क वाहन रोककर चेकिंग करना न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित करता है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा देता है। हैरानी की बात यह है कि चंडीगढ़ पुलिस का मुख्यालय भी इस स्थान से ज्यादा दूर नहीं है, इसके बावजूद इस तरह की कार्यशैली पर कोई सख्त नियंत्रण नजर नहीं आ रहा।

वाहन चालकों ने लगाए मनमानी के आरोप
चेकिंग के दौरान कई वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी मामूली कारणों को आधार बनाकर वाहनों को रोक रहे हैं। कुछ मामलों में “टायर बाहर निकला हुआ है”, “अतिरिक्त लाइटें लगी हैं”, “गाड़ी पर ‘पूनिया’ शर्मा, वर्मा, पांडे या ‘अहलावत’ लिखा हुआ है” या “नंबर प्लेट सही नहीं है” जैसे कारण बताए गए। हालांकि कई चालकों का कहना है कि उनके वाहन सामान्य स्थिति में थे और उन्हें केवल चालान का डर दिखाकर रोका गया।
एक वाहन चालक ने बताया, “हम नियमों का पालन करते हैं, लेकिन फिर भी हमें बीच सड़क रोक लिया जाता है। इससे समय भी खराब होता है और मानसिक परेशानी भी होती है।”

लगातार कई दिनों से जारी है प्रक्रिया
आसपास मौजूद दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने बताया कि यह प्रक्रिया एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले कई दिनों से लगातार चल रही है। रोजाना इसी तरह वाहन रोककर चेकिंग की जा रही है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

कुछ कर्मचारियों पर उठे सवाल
लोगों का कहना है कि चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के कुछ कर्मचारी अपनी कार्यशैली के कारण पूरी पुलिस की छवि को खराब कर रहे हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी छोटी-छोटी कमियां निकालकर चालान करने का बहाना बनाते हैं और वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं।

आला अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन बिना ठोस कारण के वाहन रोकना और चालान का भय दिखाना उचित नहीं है।
लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि ट्रैफिक चेकिंग के लिए सुनियोजित और सुरक्षित तरीके अपनाए जाएं, ताकि न तो यातायात बाधित हो और न ही आम जनता को परेशानी हो।

संतुलित कार्रवाई की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से हो।
अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस निर्देश जारी किए जाते हैं या नहीं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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