April 22, 2026 8:16 pm

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चंडीगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: इंटरस्टेट हथियार सप्लाई गैंग का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार

ट्राइसिटी में सक्रिय गैंगस्टरों को हो रही थी सप्लाई, 14 पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस बरामद; पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी घायल
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 22 अप्रैल। चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इंटरस्टेट अवैध हथियार सप्लाई करने वाले एक खतरनाक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला समेत ट्राइसिटी क्षेत्र में सक्रिय गैंगस्टरों और अपराधियों को अवैध हथियार उपलब्ध करा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 14 पिस्टल/हथियार और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
यह पूरी कार्रवाई चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में ऑपरेशन सेल की टीम द्वारा अंजाम दी गई। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि ट्राइसिटी में अवैध हथियारों की सप्लाई बढ़ रही है, जिसके चलते अपराधों में भी वृद्धि हो रही है। इसी के मद्देनजर एक विशेष टीम गठित कर गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया।


मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी
14 अप्रैल 2026 को पुलिस को एक महत्वपूर्ण गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर ऑपरेशन सेल की टीम ने मनीमाजरा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख आरोपियों—राहुल उर्फ रैली और मोनू उर्फ कांडू—को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सप्लायर थे।
राहुल उर्फ रैली के कब्जे से तीन अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं, मोनू उर्फ कांडू से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से अवैध हथियार मंगवाकर उन्हें ट्राइसिटी के गैंगस्टरों तक पहुंचाते थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राहुल और मोनू दोनों ही आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले भी मारपीट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। मोनू का नाम ड्रग तस्करी से भी जुड़ा पाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी संगठित अपराध के कई पहलुओं में सक्रिय थे।


बड़े गैंग से कनेक्शन का खुलासा
पूछताछ के दौरान पुलिस को एक बड़ा सुराग मिला, जिसमें आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कुख्यात लकी पाटियाल–बंबीहा गैंग से जुड़े हुए हैं। यह गैंग ट्राइसिटी और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। आरोपी इन गैंग के सदस्यों और उनके सहयोगियों को हथियार उपलब्ध कराते थे, जिससे हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगवार जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।

तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी
आगे की जांच में पुलिस ने गिरोह के एक अन्य सदस्य गोविंद उर्फ गौरव को भी गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में गोविंद ने स्वीकार किया कि वह नशे का आदी है और इलाके में दहशत फैलाकर अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहता था। वह अक्सर हथियार दिखाकर लोगों को डराता था।

स्पेशल ड्राइव में अन्य गिरफ्तारी
चंडीगढ़ पुलिस ने इस कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एक विशेष अभियान के तहत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
10 अप्रैल को अमन उर्फ बटक को एक देसी कट्टा और एक कारतूस के साथ पकड़ा गया।
18 अप्रैल को संजू उर्फ कांचा को भी एक देसी कट्टा और एक कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा 21-22 अप्रैल की रात को पुलिस ने गुरदीप सिंह और मोनू जायसवाल को गिरफ्तार किया, जिनके पास से एक-एक देसी हथियार और कुल चार कारतूस बरामद किए गए। दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या और हत्या के प्रयास जैसे आरोप शामिल हैं।

मुठभेड़ में आरोपी घायल
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पुलिस ने वांछित आरोपी मुकेश उर्फ गुल्लू को पकड़ने के लिए कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह सेक्टर-25 क्षेत्र में आने वाला है। पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें मुकेश के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके से पुलिस ने .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने तीन राउंड फायर किए, जबकि पुलिस ने दो राउंड जवाबी फायरिंग की।

संगठित तरीके से चल रहा था नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से हथियार मंगवाने के लिए एक सुनियोजित चैनल का इस्तेमाल करते थे। हथियारों को छिपाकर रखा जाता था और जरूरत के अनुसार गैंगस्टरों को सप्लाई किया जाता था। यह नेटवर्क चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा तक फैला हुआ था, जिससे क्षेत्र में अपराध को बढ़ावा मिल रहा था।

पुलिस की आगे की कार्रवाई
चंडीगढ़ पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं और हथियार सप्लाई की चेन कितनी बड़ी है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन-किन आपराधिक घटनाओं में किया गया।

पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई ट्राइसिटी में संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। अवैध हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार ऐसे अभियान चलाती रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से कई संभावित अपराधों को रोका जा सका है।

निष्कर्ष
चंडीगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े इंटरस्टेट हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया है, बल्कि ट्राइसिटी में सक्रिय गैंगस्टर गतिविधियों पर भी बड़ा प्रहार किया है। 8 आरोपियों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से यह साफ हो गया है कि पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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