April 30, 2026 9:09 pm

April 30, 2026 9:09 pm

PUNJAB NEWS: स्नेहिल मुलाकात से छत्तबीड़ चिड़ियाघर में गूंजी बच्चों की मुस्कानें

प्रोजेक्ट मुस्कुराहट” से नाजुक परिस्थितियों वाले बच्चों को नई उम्मीद

शिक्षा से आत्मनिर्भरता तक—23 वर्ष पर 10 लाख की सहायता सहित संपूर्ण सुविधाएं
हर जरूरतमंद बच्चे को योजना के दायरे में लाया जाएगा: डॉ. बलजीत कौर

बाबूगिरी ब्यूरो

मोहाली/चंडीगढ़, 29 अप्रैल: बच्चों की खिलखिलाती मुस्कानों और खुशियों से आज छत्तबीड़ चिड़ियाघर का माहौल रौनक से भर गया, जब सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने यहां नाजुक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों से स्नेहपूर्ण और यादगार मुलाकात की। बच्चों ने चिड़ियाघर का दौरा करते हुए खुलकर खुशियां साझा कीं, जबकि मंत्री ने भी उनके साथ बैठकर प्यार से बातचीत करते हुए उनके दिल की बातें ध्यान से सुनीं।

इस दौरान मंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन भी किया, जिससे बच्चों में खुशी और अपनापन और अधिक मजबूत हुआ तथा कार्यक्रम को एक पारिवारिक माहौल मिला।
इस अवसर पर डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि “प्रोजेक्ट मुस्कुराहट” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए उम्मीद की मजबूत किरण है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपने माता-पिता या सहारा खो दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा अपने सपनों से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष्मान भारत के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा कौशल विकास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे बच्चों को एक सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिल सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार इन बच्चों के भविष्य को मजबूत आधार देने के लिए विशेष वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। बच्चों को 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत कर सकें। इसके अलावा, स्कूली शिक्षा को निरंतर जारी रखने के लिए प्रति वर्ष 20,000 रुपये की वित्तीय सहायता और वयस्क होने तक 4,000 रुपये प्रति माह स्पॉन्सरशिप भी दी जा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य तात्कालिक सहायता के साथ-साथ इन बच्चों को शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से एक मजबूत और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर करना है।
मंत्री ने कहा कि योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बच्चों की पहचान, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी द्वारा सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण तक हर चरण को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा रहा है। साथ ही निरंतर निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर बच्चे को पूरा सहयोग मिले।
उन्होंने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के कारण 43 बच्चे अनाथ हुए और 4 बच्चे बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। इनमें से 42 बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता और उच्च शिक्षा के लिए सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा संपत्ति की सुरक्षा, कॉलेजों में विशेष सीटें और फीस माफी जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त, मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर एक अनाथ बच्चा या वह बच्चा जिसका कोई सहारा नहीं है, “प्रोजेक्ट मुस्कुराहट” के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे तक इस योजना के लाभ पहुंचें और उसे सुरक्षित, सम्मानजनक और सुनिश्चित भविष्य के लिए पूरा सहयोग मिले।
डॉ. बलजीत कौर ने भावुक अंदाज में कहा कि “आज दिया गया सहारा ही कल बच्चों के विश्वास की मजबूत नींव बनता है।” उन्होंने कहा कि “प्रोजेक्ट मुस्कुराहट” के माध्यम से हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना और उसका भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 0 8 6 7 6
Total Users : 308676
Total views : 518984

शहर चुनें