August 30, 2026 4:29 am

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HARYANA: धरे के धरे रह गए हरियाणा में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे: सैलजा

कहा- प्रदेश में बिजली संकट पर जवाब दे सरकार

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 3 मई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी की सदस्य कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बढ़ते बिजली संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। सांसद ने कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही प्रदेश के कई हिस्सों में लंबे-लंबे बिजली कट लग रहे हैं, जिससे आम जनता, किसान और उद्योग सभी प्रभावित हो रहे हैं जबकि सरकार ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया था।
कुमारी सैलजा ने कहा कि जब पहले से ही ट्रांसफार्मरों के ओवरलोड होने और बिजली लाइनों के जर्जर होने की जानकारी सरकार के पास थी, तो समय रहते आवश्यक सुधार क्यों नहीं किए गए। बिजली निगम के अधिकारी प्यास लगने पर ही कुआं क्यों खोदते है, इससे अधिकारियों की प्यास को बुझ जाती है पर उन्हें जनता को होने वाली परेशानी का आभास तक नहीं होता। ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, उन्हें इस बात को भी अहसास होना चाहिए कि वे एक अधिकारी होने से पहले जनता के सेवक हैं। सांसद कुमारी सैलजा ने पूछा कि क्या सरकार के पास आने वाले महीनों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने की कोई ठोस योजना है या प्रदेश को और बड़े संकट की ओर धकेला जा रहा है। सांसद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 6 से 10 घंटे और शहरी क्षेत्रों में भी कई घंटों के अघोषित बिजली कट आम लोगों के जीवन को कठिन बना रहे हैं। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि किसानों की सिंचाई और छोटे उद्योगों के संचालन पर भी गंभीर प्रभाव डाल रही है।

सांसद ने सरकार से मांग की कि तुरंत प्रभाव से बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, खराब ट्रांसफार्मरों को बदला जाए, और जर्जर लाइनों की मरम्मत की जाए ताकि जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं और दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर वास्तविक सुधार जरूरी है।

सांसद सैलजा ने कहा कि प्रदेश में उत्तरी एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ही आपूर्ति करता है, प्रदेश में कुल 82 लाख से अधिक उपभोक्ता है। उत्तरी क्षेत्र की अपेक्षा दक्षिण क्षेत्र में उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा है। निगम अधिकारियों के पास पूरा डॉटा होता है कि प्रदेश में किस किस लोड के कितने ट्रांसफार्मर है। कहां पर बिजली की तारें बदली जानी है। गर्मी में लोड कि तना बढ़ सकता है। जो तैयारी गर्मी से पहले की जानी थी उसे गर्मी शुरू होने पर प्रारंभ किया जाता है। जब उपभोक्ता भीषण गर्मी से जूझ रहा होता है तब मेंटीनेंस के नाम पर 5-6 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रखी जाती है। निगम अधिकारियों ने लोड मैनेजमेंट पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। सांसद ने कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी करना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है और यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो इसका जवाब जनता अवश्य देगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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