August 29, 2026 7:08 pm

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चंडीगढ़ पुलिस के कथित बल प्रयोग पर विधानसभा अध्यक्ष लें स्वतः संज्ञान : कुलदीप शर्मा

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने घटना को बताया हरियाणा विधानसभा के इतिहास का ‘शर्मनाक अध्याय’, विशेषाधिकार प्रस्ताव और कार्रवाई की मांग
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से चंडीगढ़ पुलिस द्वारा विपक्षी विधायकों को कथित तौर पर रोके जाने और उनके साथ बल प्रयोग किए जाने के मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इस घटना को हरियाणा विधानसभा के इतिहास का “शर्मनाक अध्याय” करार देते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था और विधानसभा की गरिमा के अनुकूल नहीं है।


विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कुलदीप शर्मा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सदन के सदस्यों के अधिकारों और विशेषाधिकारों के संरक्षक होते हैं। उनके मुताबिक, विधायकों के अधिकारों का उल्लंघन केवल सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि विधानसभा परिसर के बाहर भी होता है तो वह विशेषाधिकार का मामला बन सकता है। ऐसे मामलों में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

हुड्डा समेत कांग्रेस विधायकों को रोकने का आरोप
कुलदीप शर्मा ने पत्र में दावा किया कि विधानसभा परिसर के बाहर विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा अन्य कांग्रेस विधायकों को चंडीगढ़ पुलिस ने कथित तौर पर रोका और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने विधायक कुलदीप वत्स के घायल होने का भी उल्लेख किया।
पूर्व स्पीकर ने सवाल उठाया कि आखिर किसके निर्देश पर पुलिस ने निर्वाचित विधायकों को विधानसभा के सत्र में जाने से रोकने की कोशिश की? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी राजनीतिक दल या विधायक द्वारा काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करना अथवा विधानसभा के बाहर प्लेकार्ड लेकर अपनी बात रखना अपने आप में अपराध नहीं है।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करवाने और यह पता लगाने की मांग की कि पुलिस अधिकारियों ने किसके आदेश पर कार्रवाई की तथा क्या इस दौरान निर्धारित नियमों और विधायकों के विशेषाधिकारों का उल्लंघन हुआ।

तीन कदम उठाने का सुझाव
कुलदीप शर्मा ने हरियाणा के विधायकों को इस मामले में तीन स्तरों पर कार्रवाई करने का सुझाव दिया है।
पहला, उन्होंने कहा कि पुलिस और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
दूसरा, कथित रूप से विधायकों को गलत तरीके से रोकने और उनके साथ मारपीट किए जाने के मामले में बीएनएस की धारा 126 और 221 के तहत कार्रवाई के लिए मामला दर्ज कराने की मांग की जाए।
तीसरा, उन्होंने विधायकों को सलाह दी कि वे लोकसभा अध्यक्ष, हरियाणा के राज्यपाल, चंडीगढ़ के प्रशासक और राष्ट्रपति से मुलाकात कर घटना को लेकर शिकायत एवं विरोध दर्ज कराएं।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा सदस्यों को जनता ने चुनकर सदन में भेजा है और उनके अधिकारों तथा विशेषाधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से चंडीगढ़ पुलिस के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
कुलदीप शर्मा ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी विधायक के साथ इस प्रकार का व्यवहार न हो और हरियाणा विधानसभा तथा उसके निर्वाचित सदस्यों की गरिमा एवं विशेषाधिकार सुरक्षित रहें।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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