पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्यपाल की अनोखी पहल
इलेक्ट्रिक बस और गोल्फ कार्ट से पहुंचे कार्यक्रमों में, हर बुधवार पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग नहीं करने का लिया संकल्प
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 20 मई। पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सतत विकास का संदेश देते हुए एक प्रेरणादायी पहल की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत संबंधी अपील का समर्थन करते हुए राज्यपाल ने आज अपने आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों का उपयोग नहीं किया तथा सार्वजनिक एवं वैकल्पिक परिवहन साधनों के जरिए यात्रा कर समाज के सामने नई मिसाल पेश की।
राज्यपाल सुबह अपने स्टाफ सहित इलेक्ट्रिक बस के माध्यम से बलटाना में आयोजित रेलवे अंडर ब्रिज के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे। इसके बाद वे यू.टी. सचिवालय, चंडीगढ़ तक इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट से पहुंचे। राज्यपाल की यह पहल प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

हाल ही में खाड़ी देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोलियम संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और ईंधन बचाने की अपील की थी। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने निर्णय लिया कि वे प्रत्येक बुधवार को पेट्रोल एवं डीजल वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
राज्यपाल की इस पहल से प्रेरित होकर चंडीगढ़ प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी साइकिल, पैदल, सीटीयू बसों और कारपूलिंग के माध्यम से कार्यालय पहुंचकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। प्रशासन के विभिन्न विभागों में “ग्रीन कम्यूट” को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यदि आज से ही ऊर्जा बचत और पर्यावरण सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहनों, साइकिल और अन्य पर्यावरण अनुकूल साधनों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि चंडीगढ़ में इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद वे पंजाब सरकार से भी इसी प्रकार की पर्यावरण हितैषी व्यवस्थाओं को अपनाने का आग्रह करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए आम जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि देशहित में सामूहिक प्रयास ही भविष्य की चुनौतियों का सबसे बड़ा समाधान हैं।












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