72 बीघा जमीन के स्वामित्व और नामांतरण प्रक्रिया पर उठे सवाल, सरकार ने तलब की रिपोर्ट
रमेश गोयत
पंचकूला, 8 जून। पंचकूला में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही 72 बीघा शामलात भूमि को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। भूमि के स्वामित्व, नामांतरण प्रक्रिया और राजस्व रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार ने मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया को गति दे दी है। पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस प्रकरण की जांच के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और संबंधित विभागों से आवश्यक दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
सभी रिकॉर्ड जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए जाएंगे
उपायुक्त ने कहा कि नगर निगम, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों से जो भी रिकॉर्ड मांगा जाएगा, उसे जांच अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की समीक्षा उच्च स्तर पर की जा रही है और प्रत्येक तथ्य की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके।
प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भूमि के स्वामित्व, रिकॉर्ड और नामांतरण से जुड़े मामलों में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वामित्व को लेकर अलग-अलग दावों से बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार विवादित भूमि पंचकूला क्षेत्र की बहुमूल्य शामलात भूमि है, जिस पर विभिन्न पक्षों द्वारा स्वामित्व के दावे किए जा रहे हैं। इसी वजह से मामला लगातार उलझता जा रहा है। भूमि के रिकॉर्ड में हुए बदलावों और नामांतरण की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, जिनकी अब जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि कुछ शिकायतों में आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित भूमि के अधिकारों में बदलाव और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हो सकती हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है और जांच रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही है।
सरकार की रिपोर्ट तलब करने से बढ़ी हलचल
राज्य स्तर पर रिपोर्ट मांगे जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्ष आने के बाद इस विवाद से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पंचकूला में करोड़ों रुपये मूल्य की इस शामलात भूमि का मामला अब प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है। जांच पूरी होने के बाद यह तय होगा कि भूमि के स्वामित्व और नामांतरण से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल जिला प्रशासन रिकॉर्ड खंगालने और तथ्यों को जुटाने में जुटा हुआ है, जबकि पूरे मामले पर सरकार की भी पैनी नजर बनी हुई है।













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