पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के निधन से न्याय जगत में शोक, बड़ी संख्या में लोगों ने दी अंतिम विदाई
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
हांसी/चंडीगढ़, 28 जून। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का रविवार को उनके पैतृक गांव मसूदपुर (तहसील एवं जिला हांसी, हरियाणा) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। न्यायिक जगत, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और ग्रामीणों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
हाईकोर्ट प्रोटोकॉल शाखा की ओर से जारी सूचना के अनुसार जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने रविवार 28 जून 2026 को तड़के 2:50 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट सहित पूरे हरियाणा में शोक की लहर फैल गई।
जस्टिस सिंधु का अंतिम संस्कार उनके गांव मसूदपुर में शाम 5 बजे निर्धारित किया गया था, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
किसान परिवार से न्यायपालिका के शिखर तक का सफर
जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का जीवन संघर्ष और उपलब्धियों की मिसाल रहा। साधारण किसान परिवार में जन्म लेकर उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर न्यायपालिका के सर्वोच्च पदों में स्थान बनाया।
उन्होंने वर्ष 1992 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद वकालत शुरू की और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक और सेवा मामलों में महत्वपूर्ण पैरवी की।
वर्ष 2017 में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और बाद में वे स्थायी न्यायाधीश बने। अपनी निष्पक्ष कार्यशैली, कानून की गहरी समझ और सरल व्यक्तित्व के कारण वे न्यायिक क्षेत्र में बेहद सम्मानित रहे।
गांव और समाज के लिए रहा विशेष योगदान
जस्टिस सिंधु का अपने पैतृक गांव मसूदपुर से गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए भी लगातार प्रयास किए। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आगे बढ़ाने और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रति उनका विशेष लगाव था।
उनके निधन को न्यायपालिका, हरियाणा और विशेष रूप से हांसी क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु को उनकी न्यायिक सेवाओं, सादगी और समाज के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा।












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