नगर निगम के विशेष सत्र में पार्षदों और पुलिस को दिया नशा मुक्ति का संदेश, कहा- शिक्षा के मंदिरों से खत्म होगा नशा
कहा: नशा या कोई भी गलत कार्य सरकार और पुलिस के सहयोग के बिना 10 दिन भी नहीं चल सकता
वार्ड में गलत गतिविधियां चल रही और आपको पता ही नहीं, तो फिर आप कहा के जनप्रतिनिधि
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 जून: ‘अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस-2026’ के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशे के खिलाफ व्यापक सामाजिक आंदोलन चलाने का आह्वान किया। शनिवार को नगर निगम चंडीगढ़ के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने पार्षदों, पुलिस और समाज के सभी वर्गों से मिलकर नशे जैसी गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने की अपील की।
“वार्ड में क्या हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की भी है”
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने वार्ड के सबसे करीब होते हैं और उन्हें अपने क्षेत्र की हर गतिविधि की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी वार्ड में नशा या कोई गलत गतिविधि चल रही है तो वहां के जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी होनी चाहिए और इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “आप सभी पार्षद हैं, क्या आपको दिखता नहीं कि आपके वार्ड में क्या हो रहा है। मेरे 45 साल के सार्वजनिक जीवन के अनुभव के अनुसार नशा या कोई भी गलत कार्य सरकार और पुलिस के सहयोग के बिना 10 दिन भी नहीं चल सकता।”
पुलिस का सम्मान, लेकिन जनभागीदारी भी जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि वह पुलिस की वर्दी का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि केवल पुलिस और प्रशासन के भरोसे नशे जैसी सामाजिक बुराई को खत्म नहीं किया जा सकता, इसके लिए हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा, “जहां आपके वार्ड में गलत गतिविधियां चल रही हैं और आपको पता ही नहीं है, तो फिर आप जनप्रतिनिधि होने की जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे।”
“हम कहते हैं भगत सिंह पैदा हो, लेकिन पड़ोसी के घर”
राज्यपाल ने समाज की सोच पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अक्सर लोग चाहते हैं कि देश में महान व्यक्तित्व और बदलाव लाने वाले लोग पैदा हों, लेकिन इसके लिए खुद जिम्मेदारी लेने से पीछे हट जाते हैं।
उन्होंने कहा, “हम सभी कहते हैं कि भगत सिंह पैदा हो, मगर पड़ोसी के घर। हमें खुद आगे बढ़कर समाज सुधार के लिए काम करना होगा।”
स्कूलों में जाकर बच्चों को करें जागरूक
गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ के हर वार्ड में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे बड़ा माध्यम है।
उन्होंने कहा, “आपके वार्ड में एक लाख से अधिक बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। आप वहां जाकर उन्हें शिक्षा और जागरूकता का संदेश दें। नशा शिक्षा के मंदिरों से ही खत्म होगा।”
नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास की अपील
राज्यपाल ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने सभी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और नागरिकों से मिलकर अभियान चलाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा, शिक्षा और सकारात्मक माहौल देकर ही नशे जैसी बुराई को समाप्त किया जा सकता है।
नगर निगम के विशेष सत्र में नशे के खिलाफ जागरूकता, रोकथाम और समाज की भागीदारी को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। राज्यपाल ने सभी पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।














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