रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 जून: ‘अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस-2026’ के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नगर निगम चंडीगढ़ के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए नशे और अवैध तस्करी के खिलाफ एकजुट सामाजिक आंदोलन चलाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि नशा एक गंभीर वैश्विक चुनौती है, जो समाज, जनस्वास्थ्य, सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा तस्कर स्कूलों, महाविद्यालयों और स्थानीय समुदायों तक इस बुराई को फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पड़ोसी राज्यों से जुड़े होने के कारण चंडीगढ़ भी अवैध नशा तस्करी के खतरे के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाला प्रत्येक युवा न केवल अपने परिवार के सपनों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि देश अपनी युवा शक्ति का भी एक हिस्सा खो देता है।

कटारिया ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने नगर निगम से प्रत्येक वार्ड में जन-जागरूकता अभियान चलाने, सामुदायिक केंद्रों में काउंसलिंग सत्र आयोजित करने तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, महिला मंडलों, युवा क्लबों और स्वयंसेवी संगठनों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रत्येक वार्ड में ‘नशामुक्त वार्ड समितियों’ के गठन का प्रस्ताव रखते हुए सामुदायिक केंद्रों को योग, खेल, ध्यान, परामर्श, व्यक्तित्व विकास और कौशल संवर्धन गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे की लत से प्रभावित युवाओं के उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई।
चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी ने राज्यपाल को आश्वासन दिया कि नगर निगम पार्षदों, नागरिकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी के साथ शहरभर में वार्ड स्तर पर नशा विरोधी अभियान को आगे बढ़ाएगा।

महापौर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों को जागरूक करें, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाएं। उन्होंने सभी पार्षदों से शैक्षणिक संस्थानों, बाजार संगठनों और सामुदायिक संस्थाओं को जोड़कर इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, आईएएस ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक के प्रति नगर निगम के कल्याण और विकास के लिए उनके निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम जन-जागरूकता, पुनर्वास सहायता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशामुक्त चंडीगढ़ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने नगर निगम चंडीगढ़ के सभी पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का नगर निगम के यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया गया, ताकि इसका संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
कटारिया ने ‘नशा विरोधी हस्ताक्षर बोर्ड’ पर हस्ताक्षर कर नशामुक्त चंडीगढ़ के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प को और मजबूत किया।














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