June 27, 2026 10:00 pm

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चंडीगढ़ प्रशासन का शहर के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा में बड़ा कदम, पढ़े पूरी डिटेल

चंडीगढ़ में रिहायशी मकानों से चलेगा ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ कारोबार, प्रशासन ने दी मंजूरी

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य को मिलेगा मंच; 500 वर्ग गज वाले मकान होंगे पात्र
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 जून: चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने अब केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में रिहायशी संपत्तियों के उपयोग को बेड एंड ब्रेकफास्ट  प्रतिष्ठानों के रूप में मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद योग्य मकान मालिक अपनी आवासीय संपत्तियों का इस्तेमाल पर्यटकों के ठहरने के लिए कर सकेंगे।
प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह अनुमति यूटी चंडीगढ़ के पर्यटन विभाग की बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत दी गई है। अधिसूचना एस्टेट विभाग ने चंडीगढ़ एस्टेट रूल्स, 2007 के नियम 9(i) के अंतर्गत जारी की है। इसे मुख्य प्रशासक द्वारा पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की पूर्व मंजूरी के बाद लागू किया गया है।

पर्यटकों को मिलेगा घर जैसा अनुभव
प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शहर आने वाले पर्यटकों को होटल से अलग एक बेहतर, स्वच्छ और किफायती ठहरने का विकल्प उपलब्ध करवाना है। बेड एंड ब्रेकफास्ट व्यवस्था के जरिए पर्यटकों को स्थानीय माहौल, चंडीगढ़ की संस्कृति और यहां की जीवनशैली से जुड़ने का मौका मिलेगा।
यह योजना शहर की मौजूदा होटल व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन ढांचे को विस्तार देने में मदद करेगी। इसके अलावा ऐसे मकान मालिकों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा, जो अपनी संपत्ति का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित करना चाहते हैं।

500 वर्ग गज से कम क्षेत्र वाली संपत्तियां नहीं होंगी पात्र
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए रिहायशी इकाई का न्यूनतम क्षेत्रफल 500 वर्ग गज होना जरूरी है। केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली संपत्तियों को ही बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान के रूप में पंजीकरण की अनुमति मिलेगी।
संबंधित मकान को पहले पर्यटन विभाग की नीति के अनुसार प्रतिष्ठान के रूप में रजिस्टर करवाना होगा। बिना पंजीकरण के किसी भी रिहायशी संपत्ति को इस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
मालिक ही कर सकेंगे आवेदन
प्रशासन ने नियमों में यह भी साफ किया है कि आवेदन केवल संपत्ति के मालिक ही कर सकेंगे। किरायेदार या अन्य व्यक्ति इस योजना के तहत आवेदन के पात्र नहीं होंगे।
मकान मालिकों को नीति के अनुसार सभी जरूरी अनुमति, विभागीय स्वीकृति और अनापत्ति प्रमाण पत्र  प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन भी करना होगा।

पर्यटन को नई रफ्तार देने की तैयारी
चंडीगढ़ प्रशासन का मानना है कि बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। इससे पर्यटकों को अधिक विकल्प मिलेंगे और शहर की पहचान एक बेहतर पर्यटन गंतव्य के रूप में मजबूत होगी।
प्रशासन की यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए अवसर लेकर आई है, जो अपने बड़े रिहायशी मकानों को पर्यटन से जोड़कर आय का नया माध्यम बनाना चाहते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें प्रशासन द्वारा तय सभी नियमों और मानकों को पूरा करना होगा।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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