July 1, 2026 8:11 am

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HSPCB फंड घोटाला: CBI ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन मेंबर सेक्रेटरी IAS प्रदीप कुमार को किया गिरफ्तार

रमेश गोयत
चंडीगढ़, 30 जून। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के फंड मिसएप्रोप्रिएशन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मेंबर सेक्रेटरी IAS प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया है। यह मामला IDFC First Bank की सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा में रखे HSPCB के सरकारी खाते से कथित तौर पर फंड के दुरुपयोग से जुड़ा है।
CBI जांच में सामने आया है कि प्रदीप कुमार की भूमिका कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी थी। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने बतौर मेंबर सेक्रेटरी निवेश से संबंधित कार्यों को स्वयं संभाला। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाने के लिए तय सीमा से अधिक राशि IDFC First Bank को भेजी गई।
CBI के मुताबिक, HSPCB की राशि पहले IDFC First Bank सेक्टर-32 शाखा में खोले गए एक खाते में ट्रांसफर की गई, लेकिन इस खाते को खोलने से संबंधित कोई रिकॉर्ड विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं कराया जा सका। जांच में आरोप है कि बिना आवश्यक मंजूरी के खाता खोला गया और उसमें सरकारी धन जमा कराया गया।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस खाते में वास्तव में कोई फिक्स्ड डिपॉजिट नहीं बनाई गई, बल्कि फर्जी डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए सरकारी धन का गबन किया गया। इस मामले में हरियाणा सरकार को करीब 169 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है। CBI के अनुसार, यह हरियाणा के प्रभावित विभागों में सामने आया सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान है।
CBI ने बताया कि प्रदीप कुमार कुछ समय से जांच में शामिल नहीं हो रहे थे और बार-बार प्रयासों के बावजूद पूछताछ के लिए उपलब्ध नहीं हुए। उनके ठिकाने का पता लगाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के अनुरोध पर CBI ने यह जांच राज्य विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। यह मामला IDFC First Bank की सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा से जुड़े बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप है। आरोप है कि फर्जी/गैर-मौजूद FD और धोखाधड़ी वाले डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए सरकारी धन को निजी संस्थाओं तक पहुंचाया गया।
CBI अब तक हरियाणा मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन कर्मचारी, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं। इससे पहले CBI इस मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है।
इसके अलावा CBI ने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों—चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL)/नगर निगम चंडीगढ़ और CREST मामले—की जांच भी अपने हाथ में ली है। दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
CBI ने कहा है कि सार्वजनिक धन की हेराफेरी में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने और गबन की गई राशि का पूरा ट्रेल तलाशने की कार्रवाई जारी है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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