नगर निगम हाउस की बैठक रही हंगामेदार
नगर निगम हाउस में बिना चर्चा रिजेक्ट हुआ एजेंडा, विपक्ष ने उठाए सवाल; पानी की गुणवत्ता और मुफ्त पानी योजना पर भी गरमाया सदन
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 29 जून 2026। नगर निगम हाउस की बैठक सोमवार को हंगामेदार रही। पानी की गुणवत्ता और मुफ्त पानी योजना पर भी सदन गरमाया रहा।
चंडीगढ़ में पार्किंग शुल्क बढ़ाने और घंटे के हिसाब से वसूली करने की तैयारी को बड़ा झटका लगा है। सोमवार को हुई नगर निगम हाउस की बैठक में पार्किंग रेट्स में बदलाव से जुड़ा प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। फिलहाल शहर की पार्किंग में मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा।
बैठक में विपक्षी पार्षदों ने इस प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन मेयर ने बिना चर्चा के ही एजेंडा रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब मेयर की सहमति नहीं थी तो यह प्रस्ताव हाउस में आया कैसे और इस पर चर्चा क्यों नहीं करवाई गई।
मेयर ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी पहले भी पार्किंग रेट बढ़ाने के पक्ष में नहीं थी और आगे भी रेट बढ़ाने का समर्थन नहीं करेगी।

घंटे के हिसाब से शुल्क वसूली की थी तैयारी
नगर निगम की ओर से पार्किंग व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके तहत एक समान पार्किंग फीस की जगह वाहन खड़े रहने के समय के हिसाब से शुल्क लेने की योजना थी।
प्रस्ताव के अनुसार पहले घंटे, दूसरे घंटे और लंबे समय तक वाहन खड़े रखने पर अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए जाने थे। उदाहरण के तौर पर यदि पहले घंटे का शुल्क 40 रुपये होता तो दूसरे घंटे में यह बढ़कर 60 रुपये तक हो सकता था। वहीं 12 घंटे तक वाहन खड़ा करने वालों से 100 से 200 रुपये तक शुल्क लेने का प्लान था।
मौजूदा सिस्टम में क्या है दिक्कत?
चंडीगढ़ में अभी एक घंटे और पूरे दिन तक पार्किंग के लिए लगभग एक ही शुल्क लिया जाता है। इसके कारण कई लोग सुबह वाहन खड़ा कर शाम को वापस लेते हैं।
नगर निगम का तर्क था कि इससे पार्किंग लंबे समय तक भरी रहती है, नए लोगों को जगह नहीं मिलती और निगम को राजस्व का नुकसान होता है।
ई-टिकटिंग और स्मार्ट पार्किंग सिस्टम का था प्लान
नए सिस्टम के तहत पार्किंग में ई-टिकटिंग लागू करने की योजना थी। वाहन प्रवेश करते समय टिकट जारी होता और बाहर निकलते समय वास्तविक पार्किंग समय के आधार पर शुल्क लिया जाना था।
इसके साथ ही सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप जैसी सुविधाएं भी शुरू करने की तैयारी थी।
अधिकारियों का कहना था कि इससे पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और नगर निगम की आय भी बढ़ेगी।
निगम कमिश्नर ने दिया तकनीकी कारण
प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होने के संबंध में नगर निगम कमिश्नर की ओर से बताया गया कि जिन तकनीकी बिंदुओं पर जानकारी दी जानी थी, वह अधिकारी उपलब्ध नहीं थे। असिस्टेंट कमिश्नर के घर में आपात स्थिति होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी और प्रस्ताव को सीधे रिजेक्ट कर दिया गया।
हाउस में 20 विकास कार्यों के एजेंडे, कई प्रस्ताव पास
नगर निगम हाउस की बैठक में कुल 20 मुख्य एजेंडे रखे गए। इनमें से 17 विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव पास कर दिए गए, जबकि 3 प्रस्तावों को लंबित रखा गया।
इनमें वाटर सप्लाई, सीवरेज और पेवर ब्लॉक लगाने से जुड़े मुद्दे शामिल थे। इसके अलावा लेजर वैली में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव भी मंजूर कर दिया गया।
सप्लीमेंट्री एजेंडे में 9 प्रस्ताव आए थे। इनमें शहर की 89 पार्किंग को ठेके पर देने और नए पार्किंग रेट लागू करने वाला प्रस्ताव शामिल था, जिसे खारिज कर दिया गया। बाकी प्रस्ताव पास कर दिए गए।
अब निगम कर्मचारियों पर लागू होंगे सेंट्रल सर्विस नियम
बैठक में नगर निगम कर्मचारियों से जुड़ा अहम प्रस्ताव भी पास हुआ। अब निगम कर्मचारियों पर भी चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की तरह सेंट्रल सर्विस नॉर्म्स लागू होंगे।
इससे पहले निगम में पंजाब सर्विस नॉर्म्स लागू थे। सदन ने इस बदलाव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
दूषित पानी के मुद्दे पर सदन में हंगामा
प्रश्नकाल के दौरान शहर में पीने के पानी की गुणवत्ता का मुद्दा छाया रहा। सेक्टर-40 के पार्षद गुरबख्श रावत ने अपने वार्ड में कथित तौर पर दूषित पानी की सप्लाई का मामला उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि खराब पानी की वजह से एक महिला की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। उन्होंने मामले की जांच और समस्या के समाधान की मांग की।
पार्षदों ने नगर निगम के पानी के टैंकरों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि टैंकरों से सप्लाई किए जा रहे पानी में भी खामियां सामने आ रही हैं। एक टंकी में कथित तौर पर कीड़े मिलने का मामला भी उठाया गया।
गर्मी के मौसम में पानी की धीमी सप्लाई और खराब पड़े ट्यूबवेलों की मरम्मत में देरी को लेकर भी पार्षदों ने नाराजगी जताई।
बीजेपी अध्यक्ष के बयान पर आप-कांग्रेस का विरोध
बैठक शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्षदों ने बीजेपी अध्यक्ष जितेंद्र मल्होत्रा के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
दोनों दलों के पार्षदों ने उनसे माफी की मांग की। इस दौरान भाजपा और विपक्षी पार्षदों के बीच बहस भी हुई। प्रदर्शनकारी पार्षदों की ओर से भाजपा के मनोनीत पार्षद अनिल मसीह के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस की ओर से धरना दिया गया। कांग्रेस ने शहरवासियों को हर घर 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने की मांग दोहराई।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह भाजपा का चुनावी वादा था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। पार्टी ने कहा कि वह शहरवासियों के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी।














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