July 13, 2026 4:06 am

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CHANDIGARH: निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा पर बड़ा फैसला,

चंडीगढ़ बोर्ड ने बढ़ाई सहायता राशि; 85% से अधिक अंक लाने पर ₹2 लाख तक का इनाम

 गुलाब चंद कटारिया के मार्गदर्शन में कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार,

पेंशन, मातृत्व सहायता, कन्यादान और ओपीडी रिफंड योजना भी हुई अधिक लाभकारी
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 9 जुलाई। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के मार्गदर्शन में चंडीगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं में व्यापक बदलाव किए हैं। बोर्ड ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा सहायता राशि में बड़ी बढ़ोतरी करने के साथ-साथ मेधावी विद्यार्थियों को ₹2 लाख तक की प्रोत्साहन राशि देने की नई योजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा पेंशन, मातृत्व लाभ, कन्यादान सहायता, टूलकिट, साइकिल सहायता और बेटियों के लिए एफडी सहायता की राशि भी बढ़ाई गई है।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बोर्ड ने कक्षा पहली से लेकर स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सहायता राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है, ताकि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहयोग मिल सके।

शिक्षा सहायता राशि में हुई बड़ी बढ़ोतरी
बोर्ड द्वारा संशोधित नई सहायता राशि के अनुसार अब कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ₹4,000 के स्थान पर ₹7,500, कक्षा 6 से 8 तक ₹7,000 की बजाय ₹10,000 तथा कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को ₹13,000 के स्थान पर ₹25,000 की सहायता मिलेगी। वहीं कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को अब ₹35,000 तक की सहायता दी जाएगी। आईटीआई एवं डिप्लोमा छात्रों के लिए सहायता ₹45,000 कर दी गई है।
उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी सहायता राशि में बड़ा इजाफा किया गया है। बीए, बीएससी, बीबीए, बीसीए, बीई, एलएलबी और बीफार्मा जैसे पाठ्यक्रमों के लिए सहायता ₹60,000 कर दी गई है। बीटेक और बीआर्क के विद्यार्थियों को अब ₹75,000, एमबीबीएस के छात्रों को ₹1 लाख तथा एमए, एमएससी और स्नातकोत्तर डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को ₹75,000 की सहायता प्रदान की जाएगी।

मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगा ₹2 लाख तक का पुरस्कार
निर्माण श्रमिकों के बच्चों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड ने नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के वे विद्यार्थी जो 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें आकर्षक नकद प्रोत्साहन दिया जाएगा। 85 से 90 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को ₹1 लाख, 91 से 95 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वालों को ₹1.50 लाख तथा 96 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

पेंशन और अन्य योजनाओं में भी बढ़ा लाभ
बोर्ड ने शिक्षा योजनाओं के साथ-साथ अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी मजबूत किया है। वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन को ₹2,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दिया गया है। मातृत्व लाभ ₹21,000 से बढ़ाकर ₹31,000, कन्यादान सहायता ₹51,000 से बढ़ाकर ₹75,000 तथा बेटियों के लिए सावधि जमा (एफडी) सहायता ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दी गई है। इसके अलावा टूलकिट एवं साइकिल सहायता ₹5,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है, जो अब प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार उपलब्ध होगी।

शुरू होगी ओपीडी रिफंड योजना
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने नई ओपीडी रिफंड योजना भी स्वीकृत की है। इस योजना के तहत चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के सरकारी अस्पतालों एवं औषधालयों में कराए गए ओपीडी उपचार पर प्रति वित्तीय वर्ष अधिकतम ₹25,000 तक की प्रतिपूर्ति मिलेगी। इसके लिए चिकित्सक का पर्चा और उपचार से संबंधित बिल प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह योजना 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी।
प्रशासन का मानना है कि इन फैसलों से निर्माण श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे, विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति में कमी आएगी और उच्च शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ेगा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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