August 30, 2026 5:00 am

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कोलकाता में ED रेड के बाद सियासी घमासान, ममता बनर्जी आज करेंगी विरोध-प्रदर्शन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कथित कोयला तस्करी घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार, 9 जनवरी को कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन करेंगी। यह विरोध I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के कोलकाता ऑफिस और इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की रेड के बाद किया जा रहा है।
ईडी ने आरोप लगाया है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर में दाखिल हुईं और वहां से अहम दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस समेत ‘जरूरी सबूत’ अपने साथ ले गईं। एजेंसी का कहना है कि तलाशी की कार्रवाई बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण और प्रोफेशनल तरीके से की जा रही थी, तभी मुख्यमंत्री वहां पहुंचीं।
गुरुवार सुबह ममता बनर्जी स्वयं एक पब्लिक रोड के जरिए I-PAC ऑफिस पहुंचीं और केंद्रीय एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईडी ने पार्टी से जुड़े डेटा, लैपटॉप, मोबाइल फोन और रणनीतिक दस्तावेज गैर-कानूनी तरीके से जब्त किए हैं। ममता ने दावा किया कि रेड के दौरान फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने डेटा ट्रांसफर किया, जिसे उन्होंने ‘अपराध’ करार दिया।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से लोकतांत्रिक तरीके से लड़ना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि I-PAC कोई निजी संस्था नहीं, बल्कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की अधिकृत टीम है। ममता का आरोप है कि ईडी ने पार्टी के जरूरी दस्तावेज जब्त किए, जिनमें इलेक्टोरल रोल्स के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ा डेटा भी शामिल है, जबकि टीएमसी एक पंजीकृत राजनीतिक पार्टी है और नियमित रूप से इनकम टैक्स जमा करती है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए भाजपा ने कहा कि ईडी रेड के दौरान मुख्यमंत्री की भूमिका ने “परेशान करने वाले सवाल” खड़े किए हैं और यह “गहरी साजिश” की ओर इशारा करता है।
भाजपा का आरोप है कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री का जांच स्थल पर जाकर पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क हासिल करना डैमेज कंट्रोल नहीं, बल्कि सबूत छिपाने की कोशिश है। पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो कोई मुख्यमंत्री आधिकारिक जांच स्थल से फाइलें लेने क्यों जाएगा। भाजपा ने दावा किया कि सच्चाई सामने आएगी और अंततः पश्चिम बंगाल की जनता भाजपा को वोट देगी।
ईडी की कार्रवाई और ममता बनर्जी के विरोध-प्रदर्शन को लेकर राज्य की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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