शिकायतकर्ता ही ब्यूरो की सबसे बड़ी ताकत, 2022 से जून 2026 तक 92 सफल ट्रैप और रेड
उत्कृष्ट अधिकारियों को स्वर्ण-रजत पदकों से सम्मानित, आधुनिक तकनीक से और तेज होगा भ्रष्टाचार विरोधी अभियान
रमेश गोयत
चंडीगढ़/पंचकूला, 22 जुलाई। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अरशिन्दर सिंह चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो ने प्रदेशभर में ऐसे 140 महाभ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ लगातार रिश्वत लेने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सूची में शामिल प्रत्येक आरोपी के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करना ब्यूरो का लक्ष्य है।
बुधवार को पंचकूला स्थित ब्यूरो मुख्यालय में सभी रेंजों के पुलिस अधीक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए चावला ने भ्रष्टाचार निरोधक अभियानों की प्रगति, भविष्य की रणनीति, आधुनिक तकनीक के उपयोग, शिकायतकर्ताओं के विश्वास को मजबूत करने और जनसहभागिता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
शिकायतकर्ता ही ब्यूरो की सबसे बड़ी ताकत
अरशिन्दर सिंह चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में शिकायतकर्ता ही ब्यूरो की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनका विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए तथा ट्रैप कार्रवाई से लेकर न्यायालय में दोषियों को सजा दिलाने तक हर स्तर पर उनका सहयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि लोगों को यह भरोसा होगा कि ब्यूरो उनके साथ खड़ा है, तो अधिक से अधिक नागरिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आएंगे।

2022 से जून 2026 तक 92 सफल ट्रैप और रेड
बैठक में बताया गया कि जनवरी 2022 से जून 2026 के बीच ब्यूरो ने 92 सफल ट्रैप और रेड की हैं। इन कार्रवाइयों में अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। चावला ने कहा कि प्रत्येक सफल ट्रैप आम नागरिकों का कानून और प्रशासन पर विश्वास मजबूत करता है।
भ्रष्टाचार सरकारी व्यवस्था को दीमक की तरह खोखला करता है
ब्यूरो प्रमुख ने कहा कि भ्रष्टाचार सरकारी व्यवस्था को दीमक की तरह अंदर से खोखला कर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान किसी भी आरोपी का पद, प्रभाव या रैंक नहीं देखा जाएगा। कानून की नजर में सभी समान हैं और किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति के साथ नरमी नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि प्रतिदिन एक भी भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाता है तो उसका व्यापक संदेश जाता है और अन्य लोगों में भी कानून का भय पैदा होता है।

दो लाख या अधिक की रिश्वत के ट्रैप पर मिलेगा क्लास-1 सर्टिफिकेट
अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए चावला ने घोषणा की कि दो लाख रुपये या उससे अधिक की रिश्वत के मामलों में सफल ट्रैप करने वाले अधिकारियों को ‘क्लास-1 सर्टिफिकेट’ देकर सम्मानित किया जाएगा। भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने की व्यवस्था जारी रहेगी।
आधुनिक तकनीक से और प्रभावी होगी कार्रवाई
बैठक में ट्रैप कार्रवाई के दौरान हाई-टेक उपकरणों और आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। श्री चावला ने बताया कि सभी रेंजों को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं और जल्द ही नए उपकरण भी खरीदे जाएंगे, जिससे कार्रवाई और अधिक सटीक, सुरक्षित एवं प्रभावी हो सकेगी।

टोल-फ्री हेल्पलाइन के प्रचार के निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 और 1064 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोग आसानी से भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सकें।
उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से समन्वय बढ़ाने पर जोर
चावला ने सभी रेंज अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर प्राप्त भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उत्कृष्ट अधिकारियों को स्वर्ण और रजत पदकों से सम्मानित किया
बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वर्ण और रजत पदक तथा प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
स्वर्ण पदक वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 10 सफल ट्रैप/रेड करने वाले अधिकारियों को प्रदान किए गए। इनमें सीडीसी/इंस्पेक्टर जगजीत (भिवानी), एएसआई रीनू, हेड कांस्टेबल नवीन कुमार, ई/एएसआई सुखविंदर तथा ई/हेड कांस्टेबल दिनेश शामिल रहे।
वहीं रजत पदक छह माह में 5 से अधिक सफल ट्रैप/रेड करने वाले अधिकारियों को दिए गए। इनमें इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन, एएसआई नवीन, एएसआई जितेंद्र, ई/हेड कांस्टेबल एजाज तथा कांस्टेबल सचिन को सम्मानित किया गया।
“जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत”
बैठक के समापन पर अरशिन्दर सिंह चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह केवल कानूनी अभियान नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का अभियान है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है और ब्यूरो भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।












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