नई दिल्ली। वर्ष 2026 देश की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस साल राज्यसभा की कुल 71 सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर चुनाव होंगे। इसके साथ ही कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं। इतना ही नहीं, राज्यसभा से कई दिग्गज नेता रिटायर होंगे और छह केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल भी इसी वर्ष समाप्त हो रहा है। ऐसे में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी BSP का खाता शून्य
राज्यसभा चुनावों में सबसे खराब स्थिति बहुजन समाज पार्टी (BSP) की रहने वाली है। लोकसभा में पहले ही शून्य हो चुकी BSP अब राज्यसभा में भी अपनी आखिरी सीट गंवा देगी। इसके साथ ही दोनों सदनों में BSP का कोई भी सांसद नहीं रहेगा। उल्लेखनीय है कि 1984 में स्थापना के बाद 1989 से लगातार संसद में BSP का प्रतिनिधित्व रहा है, लेकिन 1989 के बाद पहली बार ऐसा होगा जब पार्टी का कोई सांसद संसद में नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्रियों की वापसी पर संशय
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा उत्तर प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं, जिनका कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि इन नेताओं की दोबारा राज्यसभा में एंट्री होती है या नहीं। रिटायरमेंट के समय हरदीप पुरी की उम्र करीब 75 वर्ष होगी, जिसे लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं बिट्टू राजस्थान और कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।
71 में से 30 सांसद भाजपा के होंगे रिटायर
आंकड़ों के अनुसार, 2026 में रिटायर होने वाले 71 सांसदों में से सबसे अधिक 30 भाजपा के हैं। फिलहाल राज्यसभा में भाजपा के 103 सांसद हैं। वर्ष के अंत तक होने वाले चुनावों के बाद यह संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी होंगे रिटायर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कुल आठ सांसद इस साल राज्यसभा से रिटायर होंगे। इसके अलावा कई क्षेत्रीय दलों और भाजपा के सहयोगी दलों के सांसदों का कार्यकाल भी समाप्त होगा। पश्चिम बंगाल से अप्रैल में तृणमूल कांग्रेस के पांच सांसद रिटायर होंगे। तमिलनाडु से छह और असम से तीन सांसद अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त होंगे। खास बात यह है कि इन सभी राज्यों में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
राज्यवार खाली होने वाली प्रमुख सीटें
बिहार: 5 सीटें (अप्रैल)
उत्तर प्रदेश: 10 सीटें (नवंबर)
महाराष्ट्र: 7 सीटें (अप्रैल)
पश्चिम बंगाल: 5 सीटें
तमिलनाडु: 6 सीटें
आंध्र प्रदेश: 4 सीटें
झारखंड: 2 सीटें
तेलंगाना: 1 सीट
इसके अलावा मध्य प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी राज्यसभा सीटें खाली होंगी।
युवा होती मोदी मंत्रिपरिषद, वरिष्ठ नेताओं पर बढ़ता दबाव
मोदी सरकार के हर कैबिनेट विस्तार में मंत्रिपरिषद की औसत उम्र लगातार घटती जा रही है।
2014 में औसत आयु: 62 वर्ष
2019 में औसत आयु: 60 वर्ष
2024 में औसत आयु: 58 वर्ष
राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी फेरबदल में यह औसत उम्र और कम हो सकती है। ऐसे में 2026 में राज्यसभा से रिटायर हो रहे वरिष्ठ मंत्रियों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
राज्यसभा में मौजूदा संख्या बल
एनडीए: 129 सांसद
विपक्ष: 78 सांसद
बिहार से एनडीए को मिल सकती हैं 4 से 5 सीटें
बिहार विधानसभा में बदले राजनीतिक समीकरणों के बाद इस बार राज्यसभा की चार सीटें एनडीए के खाते में जाना तय मानी जा रही हैं, जबकि पांचवीं सीट पर भी एनडीए की स्थिति मजबूत है। ऐसे में एनडीए के घटक दल—उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टियां—दबाव बढ़ाने में जुटी हैं।
राजनीतिक अनुमान के मुताबिक महाराष्ट्र में महायुति को 6 और विपक्ष को 1 सीट मिल सकती है। वहीं कर्नाटक में चार राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जहां तीन सीटें कांग्रेस और एक सीट विपक्ष के खाते में जाने की संभावना है। भाजपा अपनी सीट पर खुद उम्मीदवार उतारेगी या जेडीएस को समर्थन देगी, इस पर फैसला अभी बाकी है।













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