August 5, 2026 3:47 am

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चंडीगढ़ UT में स्वीकृत से अधिक IAS-IPS अधिकारी तैनात, लोकसभा में उठा अफसरशाही का मुद्दा

11 IAS और 7 IPS पद स्वीकृत, लेकिन शहर में कार्यरत हैं 12 IAS और 9 IPS अधिकारी; पंजाब-हरियाणा से भी कई अफसर डेपुटेशन पर

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 4 अगस्त। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में अफसरशाही के आकार और प्रशासनिक ढांचे को लेकर लोकसभा में बड़ा मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने खुलासा किया कि चंडीगढ़ में स्वीकृत पदों की तुलना में अधिक IAS और IPS अधिकारी कार्यरत हैं। साथ ही पंजाब और हरियाणा कैडर के कई वरिष्ठ अधिकारी भी डेपुटेशन पर चंडीगढ़ प्रशासन में सेवाएं दे रहे हैं।
लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार, मौजूदा कैडर स्ट्रेंथ नियमों के तहत चंडीगढ़ के लिए 11 IAS और 7 IPS अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में यहां 12 IAS और 9 IPS अधिकारी तैनात हैं। इनमें पंजाब कैडर के 3 IAS और 1 IPS, जबकि हरियाणा कैडर के 2 IAS और 1 IPS अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं।

पंचकूला और मोहाली से तुलना का मुद्दा भी उठा
सांसद मनीष तिवारी ने सरकार से यह भी जानना चाहा कि जब पड़ोसी जिले पंचकूला और मोहाली अपेक्षाकृत कम प्रशासनिक ढांचे के साथ काम कर रहे हैं, तब चंडीगढ़ में इतने अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की आवश्यकता क्यों है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ के नौकरशाही ढांचे की समीक्षा करेगी।

सरकार का जवाब—जरूरत के हिसाब से तय होती है अधिकारियों की संख्या
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने स्पष्ट किया कि किसी भी केंद्र शासित प्रदेश में अधिकारियों की संख्या वहां की प्रशासनिक, कानूनी और कार्यात्मक आवश्यकताओं के आधार पर तय की जाती है। यह एक गतिशील प्रक्रिया है और समय-समय पर जरूरत के अनुसार अधिकारियों की तैनाती की जाती है।
उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि फिलहाल गृह मंत्रालय के स्तर पर AGMUT कैडर, जिसमें चंडीगढ़ भी शामिल है, की कैडर स्ट्रेंथ या संरचना की समीक्षा अथवा पुनर्गठन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
लोकसभा में सामने आए इन आंकड़ों के बाद चंडीगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर शहर में स्वीकृत पदों से अधिक अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा सामने आया है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा व्यवस्था को बदलने या अधिकारियों की संख्या कम करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
इस जवाब से यह भी स्पष्ट हो गया है कि चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों की भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार डेपुटेशन की व्यवस्था जारी रहेगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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