June 21, 2026 4:20 pm

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HARYANA: 68वीं स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की बैठक नए आपराधिक कानूनों से हरियाणा का कन्विक्शन रेट 86% तक पहुँचा: DGP अजय सिंघल

CCTNS में हरियाणा 54 महीनों में 40 बार देश में नंबर–1

चंडीगढ़, 9 जनवरी। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में 68वीं स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में एससीआरबी, टेलीकॉम, एनआईसी, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट समेत विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में पुलिसिंग से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों की प्रगति की समीक्षा, मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा और आगामी रणनीति तय करना रहा।
तकनीकी प्रणालियों को और मजबूत करने पर जोर
बैठक में CCTNS, Trakea सिस्टम, ई-साक्ष्य ऐप, ई-एफआईआर, ई-चालान, डेटा इंटीग्रेशन और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, लेकिन सिस्टम में मौजूद कमियों की समय रहते पहचान और समाधान जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने जिलों और शाखाओं में तकनीकी कार्यों की वास्तविक स्थिति का स्वयं आकलन करने, कर्मचारियों से फीडबैक लेने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नए आपराधिक कानूनों में तकनीक की अहम भूमिका
डीजीपी ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन पूरी तरह तकनीकी दक्षता पर आधारित है। हरियाणा इन कानूनों को लागू करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि जहां पहले राज्य का कन्विक्शन रेट लगभग 35 प्रतिशत था, वहीं तकनीक आधारित, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित जांच प्रणाली के चलते यह बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुँच गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नए कानूनों के अनुरूप अपडेटेड रहने और समय-समय पर प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता पर बल दिया।

CCTNS में हरियाणा की राष्ट्रीय श्रेष्ठता
बैठक में बताया गया कि CCTNS प्रणाली में हरियाणा ने पिछले 54 महीनों में 40 बार देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह सिस्टम की बेहतर अपलोडिंग, अपडेटिंग, डेटा इंटीग्रेशन और केस मैनेजमेंट का प्रमाण है। डीजीपी ने CCTNS टीम को बधाई देते हुए निर्देश दिया कि तकनीकी कार्यों में पिछड़ रहे जिलों की गहन समीक्षा कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाए।

फीडबैक तंत्र को मजबूत करने की जरूरत
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि किसी भी तकनीकी प्लेटफॉर्म की सफलता तभी सुनिश्चित होती है जब अंतिम उपयोगकर्ता उसे सहजता से चला सके। इसलिए हर स्तर पर फीडबैक लेना, समस्याओं को सुनना और उनके आधार पर निरंतर सुधार करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि CCTNS-1 से जांच प्रक्रिया तेज हुई है और आने वाले समय में CCTNS-2 लागू होने से केस मैनेजमेंट, डॉक्यूमेंटेशन, डेटा एनालिटिक्स और ट्रैकिंग और अधिक सुदृढ़ होगी।

NAFIS, Trakea और अन्य प्रणालियों का प्रभाव
एसपी एससीआरबी नितिका गहलोत ने बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि NAFIS फिंगरप्रिंट सिस्टम से अपराधियों की पहचान में तेजी आई है, जिससे गंभीर मामलों का त्वरित निपटारा संभव हुआ। Trakea सिस्टम ने वांछित अपराधियों, पीओ और बेल जंपर्स को ट्रैक करने में बड़ी सफलता दिलाई है। CCTNS/ICJS राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा लगातार दो वर्षों से प्रथम स्थान पर है और 33 नागरिक सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री शिबास कविराज, एडीजीपी हरदीप दून सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपने-अपने विभागों की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार साझा किए। बैठक सक्रिय चर्चा और ठोस निष्कर्षों के साथ संपन्न हुई

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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