June 17, 2026 1:24 pm

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PUNJAB: ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ से पंजाब में संपत्ति रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड, छह महीनों में 3.70 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां दर्ज: हरदीप सिंह मुंडियां

चंडीगढ़, 9 जनवरी: पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ पहल ने राज्य की संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव लाते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच प्रदेशभर में कुल 3,70,967 संपत्ति रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं, जो पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और नागरिक-हितैषी शासन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
राजस्व मंत्री ने बताया कि ईज़ी रजिस्ट्री को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि लोग ऐसी प्रणाली पर भरोसा करते हैं जो सरल, समयबद्ध और परेशानी-मुक्त हो। उन्होंने कहा कि सिर्फ छह महीनों में 3.70 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां दर्ज होना डिजिटल सुधारों की सफलता को दर्शाता है।
महीनावार आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि जुलाई 2025 में 64,965 दस्तावेज़, अगस्त में 62,001, सितंबर में 55,814 और अक्टूबर में 53,610 दस्तावेज़ रजिस्टर किए गए। वहीं नवंबर में 58,200 और दिसंबर 2025 में सबसे अधिक 76,377 संपत्ति रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन में लगातार हो रही वृद्धि तकनीक-आधारित और आसान प्रक्रिया में लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
डिजिटल सुधारों की जानकारी देते हुए हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री के तहत दस्तावेज़ों की ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी, कार्यालयी देरी में कमी और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों तक आसान पहुंच सुनिश्चित की गई है। अब सेल डीड की हस्ताक्षर-रहित प्रतियों की 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन जांच की जाती है, जिससे अनावश्यक रुकावटें कम हुई हैं और भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हुए हैं। जांच के दौरान उठाई गई आपत्तियों की निगरानी सीधे डिप्टी कमिश्नरों और एसडीएम द्वारा की जाती है, ताकि जवाबदेही तय हो सके।
मंत्री ने कहा कि ‘पहले आओ, पहले पाओ’ सिद्धांत लागू होने से लंबी कतारों और पक्षपातपूर्ण व्यवहार से छुटकारा मिला है और संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में वीआईपी संस्कृति का पूरी तरह खात्मा हुआ है। अब नागरिक अपने जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज़ रजिस्टर करवा सकते हैं, जिससे एकाधिकार समाप्त हुआ है और सभी को समान व निष्पक्ष सेवाएं मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदकों को दस्तावेज़ों की जांच, भुगतान और अपॉइंटमेंट से जुड़ी हर जानकारी ऑटोमेटेड व्हाट्सएप अपडेट के जरिए दी जाती है। इसके साथ ही रिश्वत की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक सीधी और प्रभावी शिकायत प्रणाली भी लागू की गई है, ताकि जिला स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
अन्य सुविधाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि ‘ड्राफ्ट माई डीड’ मॉड्यूल के जरिए लोग स्वयं सेल डीड तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा, सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में सेवा केंद्र काउंटरों और हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से घर बैठे भी दस्तावेज़ तैयार कराने की सुविधा उपलब्ध है। 25 बैंकों के जरिए एक साथ स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन भुगतान भी संभव बनाया गया है।
हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि पहले से अपॉइंटमेंट लेने वाले और पूर्ण दस्तावेज़ों के साथ आने वाले नागरिकों को प्राथमिकता देने के लिए एकीकृत टोकन प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। अपग्रेड किए गए सर्वर, प्रशिक्षित स्टाफ और मानकीकृत प्रक्रियाओं से न केवल सेवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि राज्य के राजस्व संग्रहण में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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