August 5, 2026 10:44 pm

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महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार से आम आदमी का जीना हुआ मुश्किल : कुमारी सैलजा

पांच माह में तेल, दाल, दूध और चीनी तक महंगी, सीमित आय वाले परिवारों का बिगड़ा बजट

स्थायी रोजगार के अवसर घटे, उच्च शिक्षित युवाओं को कम वेतन पर अनुबंध की नौकरी देना चिंताजनक
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 5 अगस्त। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा ने लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार आम आदमी को राहत देने में विफल साबित हुई है। एक तरफ रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, दूसरी तरफ पर्याप्त और सम्मानजनक रोजगार के अवसर न मिलने से गरीब एवं मध्यम वर्ग की आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। सरकार को राजनीतिक दावों के बजाय महंगाई और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम से संबंधित आंकड़ों के अनुसार पिछले करीब पांच महीनों में आम आदमी की रसोई से जुड़ी कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। खाद्य तेल करीब 8 रुपये प्रति लीटर, दालें 6 रुपये प्रति किलो, दूध 3 रुपये प्रति लीटर और चीनी लगभग 2.25 रुपये प्रति किलो तक महंगी हुई हैं। चना और अरहर दाल सहित कई दालों तथा खाद्य तेलों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन वस्तुओं के दामों में थोड़ी-सी वृद्धि भी सीमित आय वाले परिवार के पूरे मासिक बजट को प्रभावित करती है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेल, दालें, दूध, चीनी और सब्जियां जैसी रोजमर्रा की आवश्यकताओं पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, मकान किराया, बिजली-पानी और परिवहन का खर्च जोड़ दिया जाए तो सामान्य परिवार के सामने बचत करना तो दूर, महीने का खर्च निकालना भी चुनौती बनता जा रहा है। महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब, मजदूर, छोटे दुकानदार, किसान और निश्चित वेतन पर काम करने वाले मध्यम वर्ग पर पड़ता है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि महंगाई के साथ बेरोजगारी और रोजगार की गुणवत्ता भी गंभीर चिंता का विषय है। प्रदेश के हजारों युवा वर्षों तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बाद स्थायी सरकारी रोजगार की उम्मीद रखते हैं, लेकिन अनेक क्षेत्रों में नियमित पदों के स्थान पर अनुबंध आधारित रोजगार की व्यवस्था बढ़ती दिखाई दे रही है। यहां तक कि उच्च शिक्षा प्राप्त और पीएचडी जैसी योग्यता रखने वाले युवाओं को भी कई जगह अनुबंध के आधार पर अपेक्षाकृत कम वेतन में काम करना पड़ रहा है। उच्च शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता और श्रम के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार मिलना चाहिए।
सांसद सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी, युवा और मध्यम वर्ग के आर्थिक हितों की रक्षा करने की रही है। कांग्रेस का मानना है कि विकास का वास्तविक अर्थ केवल बड़े आंकड़े प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिक की आय बढ़े, उसे स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिले तथा आवश्यक वस्तुएं उसकी पहुंच में रहें।
कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए सरकारी विभागों के रिक्त पदों को पारदर्शी तरीके से नियमित भर्ती द्वारा भरने की दिशा में तेजी से कदम उठाने चाहिए। अनुबंध व्यवस्था पर अत्यधिक निर्भरता के बजाय युवाओं को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने वाली रोजगार नीति तैयार की जानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि जनता को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है, उपकार नहीं। जब आम परिवार की आय के मुकाबले खर्च तेजी से बढ़ने लगे तो सरकार को उसकी पीड़ा समझते हुए नीतिगत हस्तक्षेप करना चाहिए। कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के सम्मानजनक रोजगार के मुद्दे पर जनता की आवाज उठाती रहेगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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