August 6, 2026 11:32 am

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CHANDIGARH: 790 करोड़ बैंक घोटाला: होटल में रची गई थी फरारी की साजिश, विक्रम वधवा ने पुलिसकर्मियों से कहा- बीमार रिश्तेदार से मिलवा दो, सेवा-पानी कर दूंगा

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 6 अगस्त 2026। हरियाणा के चर्चित 790 करोड़ रुपये के आईडीएफसी (IDFC) फर्स्ट बैंक घोटाले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड विक्रम वधवा को जेल ले जाने के बजाय सेक्टर-17 स्थित होटल में ले जाने के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि वधवा ने रास्ते में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने बीमार रिश्तेदार से मिलवाने का बहाना बनाकर होटल चलने के लिए राजी किया था। उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से कहा कि “मेरा रिश्तेदार बीमार है, उससे मिलवा दो… सेवा-पानी कर दूंगा।”
बताया जा रहा है कि वधवा के दोनों बेटे पहले से ही होटल में मौजूद थे। होटल के कमरे में भोजन मंगवाया गया और वहीं बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसी दौरान विदेश फरार होने की योजना पर भी बातचीत हुई।

होटल में हुई मुलाकात, रिसेप्शन से खुला राज
जांच में सामने आया है कि होटल पहुंचने के बाद रिसेप्शन पर मौजूद कर्मचारी को बताया गया कि वधवा से मिलने आए लोग पुलिस अधिकारी हैं। इसके बाद पुलिसकर्मी और वधवा होटल के कमरे में पहुंचे, जहां उसके दोनों बेटे पहले से मौजूद थे। कुछ देर तक कमरे में बातचीत और भोजन चलता रहा। इसी बीच उच्च अधिकारियों को सूचना मिलने पर डीएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होटल पहुंचे और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।

चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में
मामले में गिरफ्तार दोनों पुलिसकर्मियों और विक्रम वधवा के दोनों बेटों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें बुड़ैल जेल भेज दिया गया। वहीं विक्रम वधवा पहले से न्यायिक हिरासत में है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि होटल ले जाने की योजना अचानक बनी थी या पहले से तय थी।

पत्नी भी कोर्ट पहुंची
सुनवाई के दौरान विक्रम वधवा की पत्नी भी अदालत पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने भावुक होकर बेटों से मिलने की इच्छा जताई। कोर्ट परिसर में यह घटनाक्रम भी चर्चा का विषय बना रहा।
विभागीय जांच और पुलिस लाइन में बड़ा फेरबदल
मामले के सामने आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस लाइन में भी बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है और सैकड़ों जवानों की ड्यूटी बदली गई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

जांच का फोकस
होटल तक पहुंचने की पूरी योजना किसने बनाई?
क्या विदेश भागने की तैयारी पहले से की जा चुकी थी?
होटल में हुई बैठक में क्या फैसला हुआ?
क्या अन्य लोगों की भी इस साजिश में भूमिका थी?
आर्थिक लेन-देन और मनी ट्रेल की भी जांच जारी है।
पुलिस और जांच एजेंसियां अब होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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