बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 6 अगस्त 2026। हरियाणा के बहुचर्चित 645 करोड़ रुपये के आवासीय फ्लोर बैंक घोटाले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी विक्रम वधवा को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, लांबा पुलिस की गिरफ्त से बचकर विदेश फरार होने की तैयारी में था। इसके लिए उसने पूरी रणनीति तैयार कर ली थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उसकी योजना विफल हो गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना ठिकाना लगातार बदलने की कोशिश की। पुलिस को सूचना मिली कि वह एक होटल में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी के दोनों बेटे भी होटल में मौजूद थे।
पुलिस रिमांड में हो रही गहन पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने रिमांड हासिल किया। पूछताछ के दौरान आर्थिक लेन-देन, निवेशकों से जुटाई गई रकम, विदेश भागने की योजना और अन्य सहयोगियों की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों, संपत्तियों, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घोटाले में शामिल धनराशि किन-किन खातों और कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर की गई।
बेटों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, पुलिस आरोपी के बेटों से भी पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या उन्हें विदेश भागने की योजना या वित्तीय लेन-देन की जानकारी थी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईडी और अन्य एजेंसियां भी सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) सहित अन्य जांच एजेंसियां भी वित्तीय दस्तावेजों और मनी ट्रेल की जांच कर रही हैं। यदि जांच में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के साक्ष्य मिलते हैं तो आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।
निवेशकों को पैसे लौटाने पर फोकस
जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य घोटाले में फंसे निवेशकों की रकम का पता लगाना और कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी राशि की रिकवरी सुनिश्चित करना है। इसके लिए आरोपी की चल-अचल संपत्तियों का भी आकलन किया जा रहा है।
अब तक की प्रमुख बातें
645 करोड़ रुपये के आवासीय फ्लोर बैंक घोटाले में मुख्य आरोपी विक्रम वधवा गिरफ्तार।
पुलिस का दावा, आरोपी विदेश भागने की तैयारी में था।
होटल में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तारी के समय उसके दोनों बेटे भी होटल में मौजूद थे।
पुलिस रिमांड के दौरान वित्तीय लेन-देन और सहयोगियों से जुड़े पहलुओं की जांच जारी।
ईडी समेत अन्य एजेंसियां मनी ट्रेल और संपत्तियों की जांच में जुटीं।
(नोट: जांच अभी जारी है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर आगे और तथ्य सामने आ सकते हैं।)












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