सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला में विदाई समारोह के दौरान छलके आंसू, मरीज बोले- डॉक्टर नहीं, परिवार के सदस्य थे डॉ. भादू
रमेश गोयत
पंचकूला, 7 अगस्त। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में शुक्रवार को उस समय भावुक माहौल देखने को मिला, जब करीब 31 वर्षों तक चिकित्सा सेवा देने वाले वरिष्ठ चिकित्सक एवं सिविल सर्जन डॉ. विवेक भादू सेवानिवृत्त हुए। उनकी विदाई के अवसर पर आयोजित समारोह में अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी, अधिकारी और बड़ी संख्या में मरीज मौजूद रहे। वर्षों तक मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. भादू को विदा करते समय कई मरीजों और सहकर्मियों की आंखें नम हो गईं।
करीब तीन दशक के अपने सेवाकाल में डॉ. विवेक भादू ने हजारों मरीजों का उपचार किया। उन्होंने अनेक जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहचान केवल एक कुशल चिकित्सक के रूप में ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और सहज स्वभाव वाले डॉक्टर के रूप में भी रही। मरीजों का कहना था कि डॉ. भादू हर मरीज की बात धैर्यपूर्वक सुनते थे और इलाज के साथ-साथ मानसिक संबल भी देते थे।
विदाई समारोह में कई ऐसे मरीज भी पहुंचे, जिनका वर्षों पहले डॉ. भादू ने इलाज किया था। उन्होंने बताया कि डॉक्टर भादू का व्यवहार हमेशा परिवार के सदस्य जैसा रहा। बीमारी के कठिन समय में उनका अपनापन और भरोसा मरीजों के लिए किसी दवा से कम नहीं था। यही कारण रहा कि उनकी सेवानिवृत्ति की खबर सुनकर कई मरीज भावुक हो गए और उन्हें विदा करते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
अस्पताल के साथी डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों ने भी डॉ. भादू के साथ बिताए वर्षों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. भादू ने हमेशा टीम भावना के साथ काम किया और अपने अनुभव तथा मार्गदर्शन से अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाया। समारोह के दौरान सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद और सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
अपने संबोधन में डॉ. विवेक भादू ने अस्पताल परिवार, सहकर्मियों और मरीजों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों का विश्वास और प्रेम ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है और यही यादें उनके जीवन की सबसे अनमोल पूंजी रहेंगी।
इस अवसर पर डॉ. विवेक भादू के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। उनकी धर्मपत्नी विनीता भादू, पुत्र लक्ष्य भादू, पुत्रवधू श्रुति भादू तथा पुत्री इसविता भादू ने भी समारोह में भाग लिया और अस्पताल परिवार का आभार व्यक्त किया।
करीब 31 वर्षों की समर्पित सेवा के बाद डॉ. विवेक भादू की सेवानिवृत्ति के साथ उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय पूरा हुआ। हालांकि अस्पताल से उनका औपचारिक रिश्ता समाप्त हो गया, लेकिन मरीजों का स्नेह, सहकर्मियों का सम्मान और उनकी सेवाओं की यादें लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। विदाई समारोह में मौजूद नम आंखें इस बात की गवाही दे रही थीं कि कुछ रिश्ते केवल डॉक्टर और मरीज के नहीं होते, बल्कि वे विश्वास, अपनत्व और मानवीय संवेदनाओं के अटूट रिश्ते बन जाते हैं।














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