August 29, 2026 12:57 am

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PANCHKULA: CBI ने मनीषा मौत मामले में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, मौत को माना आत्महत्या

पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में 12 अगस्त को रिपोर्ट दाखिल, 27 अगस्त को होगी अगली सुनवाई; परिजनों ने जांच पर उठाए गंभीर सवाल
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
पंचकूला, 14 अगस्त 2026: हरियाणा के बहुचर्चित अध्यापिका मनीषा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी जांच पूरी करते हुए पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में 12 अगस्त 2026 को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने अपनी जांच के आधार पर मनीषा की मौत को आत्महत्या का मामला माना है। जांच एजेंसी की ओर से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद अब मामले में मृतका के परिजनों की आपत्तियों और अदालत की आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिक गई हैं।
सीबीआई की ओर से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने की जानकारी मनीषा के परिजनों को भी दी गई है। बताया गया है कि जांच एजेंसी ने इस संबंध में परिवार को पत्र भेजकर अपनी रिपोर्ट से अवगत कराया है। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सीबीआई अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है। इस दिन अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पर आगे सुनवाई होगी।

पिता संजय ने जांच पर उठाए सवाल
सीबीआई की रिपोर्ट सामने आने के बाद अध्यापिका मनीषा के पिता संजय ने जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार सीबीआई की जांच और उसके निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं है। पिता का आरोप है कि मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने के बजाय लीपापोती की गई है और उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला है।
संजय का कहना है कि परिवार की लड़ाई केवल एक रिपोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी बेटी की मौत की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कराने के लिए जारी रहेगी। उनका कहना है कि जब तक उन्हें अपनी बेटी की मौत को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।

बैरागी समाज भी परिवार के साथ
मामले में बैरागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार बैरागी ने भी परिवार की ओर से असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि मनीषा के परिजन सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। परिवार का मानना है कि मामले में सामने आए सवालों और परिस्थितियों का पूरी तरह समाधान होना जरूरी है।
शिव कुमार बैरागी के अनुसार, 27 अगस्त को अदालत में होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। इस सुनवाई के बाद परिवार और उनके समर्थक आगे की कानूनी रणनीति तय करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनीषा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

27 अगस्त को तय होगी आगे की दिशा
अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई है। अदालत क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। इस दौरान रिपोर्ट में जांच एजेंसी द्वारा दर्ज किए गए निष्कर्षों पर विचार किया जाएगा। मृतका के परिजनों को भी रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने की संभावना है, जिससे परिवार को सीबीआई की जांच और उसके निष्कर्षों की जानकारी विस्तार से मिल सकेगी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट आने के बाद संबंधित पक्ष अपनी आपत्तियां और दलीलें रख सकते हैं। ऐसे में 27 अगस्त की सुनवाई यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकती है कि अदालत सीबीआई की रिपोर्ट को स्वीकार करती है या मामले में परिजनों की आपत्तियों पर आगे कोई कानूनी प्रक्रिया आवश्यक समझती है।

परिवार ने कहा- बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी
मनीषा के पिता संजय और शिव कुमार बैरागी ने साफ कहा है कि परिवार सीबीआई की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि मनीषा की मौत से जुड़े सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। परिवार इस मामले को लेकर आगे भी कानूनी रास्ता अपनाने के लिए तैयार है।
परिजनों का कहना है कि मनीषा को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी और 27 अगस्त की सुनवाई के बाद उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

अब अदालत के रुख पर टिकी निगाहें
मनीषा मौत मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। सीबीआई द्वारा जांच अपने हाथ में लेने के बाद परिवार और समर्थकों को उम्मीद थी कि जांच के माध्यम से मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। अब सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या माना है, लेकिन मृतका के परिवार ने इस निष्कर्ष को स्वीकार नहीं किया है।

ऐसे में मामले का अगला फैसला
न्यायालय की सुनवाई और संबंधित पक्षों की दलीलों पर निर्भर करेगा। 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत क्या रुख अपनाती है और परिवार की ओर से आगे कौन-सा कानूनी कदम उठाया जाता है।
फिलहाल सीबीआई की रिपोर्ट और परिवार की आपत्तियों के बीच मनीषा मौत मामला एक बार फिर चर्चा में है। परिवार का कहना है कि उसकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उसे अपनी बेटी की मौत के मामले में न्याय और संतोषजनक जवाब नहीं मिल जाता।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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