फरीदाबाद में बजट-पूर्व परामर्श बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों से किया संवाद
आगामी बजट को लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
फरीदाबाद/चंडीगढ़, 9 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट को लेकर बजट-पूर्व परामर्श बैठकों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बैठक के दूसरे सत्र में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने का एक सशक्त मंच है। सत्र के शुभारंभ पर उन्होंने राजा नाहर सिंह को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
विकसित भारत 2047 के संकल्प का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का प्रभार भी है, ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में हरियाणा एक मजबूत ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पंचकूला में हरियाणा विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट सभी वर्गों से मिले सुझावों के आधार पर तैयार किया जा रहा है, जिससे यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि प्रदेश के जनमानस का बजट बनेगा।
स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का ध्येय
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट-पूर्व परामर्श में प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य आम नागरिक के जीवन का आधार है। प्रदेश का हर नागरिक उनका परिवार है और इस परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य योजनाएं कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर प्रभावी रूप से लागू होकर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाएं।
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और सेवाओं को किया जाएगा और सशक्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष स्वास्थ्य बजट में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस वर्ष लक्ष्य स्वास्थ्य बजट को दो अंकों की वृद्धि तक ले जाने का है, ताकि हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य को सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों का अधिकार मानकर नीति निर्धारण कर रही है।
मौजूदा वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र पर 6,711 करोड़ रुपये से अधिक खर्च
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में अब तक स्वास्थ्य क्षेत्र में 6,711 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
संकल्प पत्र के अनुरूप प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके साथ ही सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइज़र और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में निजी कमरों की सुविधा, डे-केयर कैंसर सेंटर, तथा जिला अस्पतालों व सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50-बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश के सभी ब्लड बैंकों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में सुरक्षित और त्वरित रक्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जिनके सुझाव बजट में होंगे शामिल, उन्हें विधानसभा में आमंत्रण
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अगले 8–10 दिनों में अपने और सुझाव चैटबॉट के माध्यम से भेजें।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, राज्य मंत्री राजेश नागर, विधायक मूलचंद शर्मा, धनेश अदलखा, सतीश फागना, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, एसजीएचएफएमआई के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर प्रवीण जोशी तथा विभिन्न प्रमुख अस्पतालों व चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।











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