August 28, 2026 3:13 pm

August 28, 2026 3:13 pm

चीनी के भाव हाई, चाय-पानी पर आफत आई

मुकेश “कबीर”-विभूति फीचर्स        

चीनी भी आखिर महँगी हो गई। वैसे चीनी आइटम तो सस्ते माने जाते हैं, इसीलिए ज्यादा बिकते हैं और कम टिकते हैं, लेकिन अपनी चीनी के भाव पता नहीं क्यों बढ़ रहे हैं?भारत में चीनी के भाव बढ़ने का मतलब सिर्फ महंगाई बढ़ना नहीं है, बल्कि कई लोगों के भाव घटना भी है, क्योंकि अब हर कोई चाय पिलाने से पहले सोचेगा, जबकि चीनी सस्ती थी तो सोचने के लिए भी हम चाय पीते थे और पिलाते थे। हमारे भोपाल में तो पिलान बनाने के लिए चाय पिलाई जाती थी।’कों खां, अगले जुमे को क्या पिलान है तुम्हारा?””अरे यार, अभी तक तो कुछ सोचा नहीं, चलो चाय पीकर बनाते हैं पिलान।”और बस, ऐसे ही पीते-पिलाते बन जाता था पिलान। पीते-पिलाते प्लान बनता था, इसीलिए तो भोपाली उसे पिलान कहते थे, लेकिन अब इस चीनी ने तो सारा पिलान चौपट कर दिया।  और अब तो यह भी नहीं पता कि चीनी ऊपर जा रही है तो नीचे कब आएगी? आएगी भी या नहीं आएगी। अब हमारी दुनिया का तो नियम ही है कि जो एक बार ऊपर गया, वो नीचे नहीं आता और चीनी का रिकॉर्ड भी ऐसा ही है। धीरे-धीरे ऊपर गई है, सत्रह से सत्तर तक पहुंच गई, लेकिन कभी सत्रह से सोलह नहीं हुई।
सोलह में जाना तो मान लिया खतरे की निशानी है, लेकिन सत्तर तक जाना भी तो अच्छी बात नहीं। आखिर इतनी जल्दी क्या है सत्तर पर पहुंचने की? थोड़ा धीरे-धीरे ऊपर जाना चाहिए, अदा के साथ, मोरनी की चाल से, लेकिन चीनी तो टाइगरनी की चाल चल रही है, एक बार में ही दस कदम, सीधा बावन से बासठ।
हमने सोचा नहीं था इतनी जल्दी सठिया जाएगी, लेकिन उसको समझना चाहिए कि हिन्दुस्तान में सठियाने का मतलब है पगला जाना और पगलाने वाले को कोई पूछता नहीं है। इसलिए चीनी को इस पर विचार जरूर करना चाहिए। विचार करने के लिए चाय की जरूरत हो तो हम पिला देंगे या अपने बेधड़क भोपाली भी पिला देंगे। लेकिन बेधड़क भोपाली का चाय पिलाने का तरीका भी पूरा भोपाली है, वो यह कहकर ले जाते हैं कि चलो मियां, आपको चाय पिलाते हैं, लेकिन पैसे देते वक़्त फैल जाते हैं रायते की तरह, फिर मजबूरी में हमें ही जेब ढीली करनी पड़ती है।
खैर, हम तो सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि चीनी, तुम चीनी बनकर ही रहो, जापानी मत बनो। सस्ती ही बनी रहो, तभी भारत में इज्ज़त रहेगी, यदि भाव बढ़ाएगी तो यहां कोई नहीं पूछेगा। वैसे जापानी से एक बात याद आई कि एक बार जापान में टमाटर बहुत महंगे हो गए थे तो जापानियों ने टमाटर खाना ही बंद कर दिया था, फिर झक मारकर टमाटर को वहां सस्ता होना पड़ा।
अब यह जापानी तरीका यदि हमने चीनी पर लागू कर दिया तो फिर क्या होगा? यह सही है, चीनी को हमारी मजबूरी पता है कि हम चीनी के बिना रह नहीं पाते, इसीलिए भाव खा रही है। उसे पता है साल में पचास त्यौहार होते हैं और भारत में कोई भी त्यौहार चीनी के बिना पूरा नहीं होता, लेकिन चीनी जी आप हमारी मजबूरी का इतना फायदा मत उठाओ कि हमें मजबूर होकर  आपका बहिष्कार करना पड़े। और आपको तो पता है कि हम जब बहिष्कार करते हैं तो अच्छे-अच्छे लाइन पर आ जाते हैं, बंटवारा फिल्म की तरह। आमिर खान के भाव भी बहुत बढ़ने लगे थे, इसलिए उल्टी-सीधी, झूठी-झाटी फिल्म बनाकर दिखा दी, फिर लोगों ने भी फिल्म की ऐसी हालत कर दी कि ढाई किलो का हाथ भी डेढ़ सौ ग्राम का हो गया, अब हैंडपंप तो क्या नल की टोंटी भी नहीं उखाड़ सकता। वैसे भी नल की टोंटी तो लाल टोपी वाले भैया पहले ही उखाड़ ले गए, अब उखाड़ने को कुछ बचा नहीं है, इसलिए अब खान साब को फिर से डर लगेगा भारत में, उन्हें समझ आ गई होगी बहिष्कार की ताकत।

अब यही ताकत चीनी को दिखाने की जरूरत है, फिर न तो चाय रहेगी न कोई चाय वाले, लेकिन भारत वाले इतनी ताकत दिखा पाएंगे क्या, क्योंकि हमें तो ताकत भी चाय से ही मिलती है। बस इसी कमजोरी के कारण चीनी जोर मार रही है, अब देखते हैं इस जोराजोरी में जीत किसकी होगी और चने के खेत का क्या हाल होगा? वैसे चने से याद आया कि गुड़-चना हमारा बहुत पुराना तरीका रहा है स्वागत का, तो फिर से उसी युग में भेजने की पीलानिंग है क्या? लेकिन प्लानिंग के बारे में कोई क्या बताएगा, क्योंकि पिलानिंग के लिए चाय चाहिए और चाय के लिए चीनी तो अब एक ही बीच का रास्ता दिखाई दे रहा है,और वह है चीनी कम।
(विभूति फीचर्स)

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

virender chahal

Our Visitor

3 9 9 4 5 0
Total Users : 399450
Total views : 644787

शहर चुनें