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अंबाला, 29 अगस्त। अंबाला के आसपास निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब 40 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन रिंग रोड का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद अंबाला शहर से गुजरने वाले लंबी दूरी के वाहनों को शहर के भीतर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे अंबाला के बाजारों, प्रमुख सड़कों और शहर के व्यस्त हिस्सों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने रिंग रोड परियोजना का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना के शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने और निर्धारित समय में इसे जनता के लिए उपलब्ध कराने को लेकर जानकारी ली।
पांच राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगा रिंग रोड
अंबाला रिंग रोड को क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। यह क्षेत्र के पांच प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ने वाली कड़ी के रूप में काम करेगा। यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर और पांवटा साहिब की ओर से आने वाले वाहनों को अंबाला शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश किए बिना पंजाब, चंडीगढ़, कैथल और हिसार की दिशा में जाने का वैकल्पिक रास्ता मिलेगा।
इसी तरह पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से दिल्ली, यमुनानगर, सहारनपुर और पांवटा साहिब की ओर जाने वाले वाहन भी शहर के बाहर से अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगे। इससे स्थानीय और लंबी दूरी के यातायात को अलग-अलग मार्ग मिलने से सड़क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
691 करोड़ रुपये की परियोजना
करीब 691 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा और पंजाब के कुल 30 गांवों की लगभग 657 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। इनमें हरियाणा के 27 और पंजाब के तीन गांव शामिल हैं।
सिक्स लेन रिंग रोड को अंबाला शहर के चारों ओर बाहरी परिवहन गलियारे के तौर पर विकसित किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद यह न केवल मौजूदा यातायात व्यवस्था को राहत देगा, बल्कि भविष्य में शहर और आसपास के क्षेत्रों के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगा।
करीब 29 किलोमीटर की सर्विस रोड भी
मुख्य रिंग रोड के साथ लगभग 29.029 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य आसपास के गांवों और स्थानीय यातायात को सुविधा देना है। इससे स्थानीय वाहन चालकों को छोटे सफर के लिए मुख्य सिक्स लेन मार्ग का इस्तेमाल करने की आवश्यकता कम होगी।
सर्विस रोड के जरिए गांवों और आसपास के क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। परियोजना में यातायात प्रबंधन के साथ-साथ जल निकासी से संबंधित ढांचे को भी शामिल किया गया है।
टांगरी नदी पर चार पुल, दो रेलवे ओवरब्रिज
रिंग रोड परियोजना में टांगरी नदी पर दो बड़े और दो छोटे पुल बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा यातायात को रेलवे लाइनों के कारण बाधित होने से बचाने के लिए दो रेलवे ओवरब्रिज और तीन फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है।
वाहनों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए एक इंटरचेंज, 13 आवागमन बिंदु तथा पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के लिए सात व्हीकुलर अंडरपास भी परियोजना का हिस्सा हैं। बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या न हो, इसके लिए 82 पुलियों का निर्माण भी किया जा रहा है।
दिल्ली-पंजाब-हिमाचल जाने वाले वाहनों को सबसे बड़ा फायदा
अंबाला उत्तर भारत के प्रमुख सड़क मार्गों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां से दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों के लिए बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में लंबी दूरी के भारी वाहन शहर के अंदरूनी हिस्सों से गुजरते हैं, जिससे प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ जाता है।
रिंग रोड शुरू होने के बाद लंबी दूरी के वाहनों को शहर से बाहर ही वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। इससे स्थानीय वाहन चालकों को अपेक्षाकृत खाली सड़कें मिलने की संभावना है और बाजार क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो सकती है।
एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेगा नेटवर्क
अंबाला रिंग रोड की कनेक्टिविटी केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक सीमित नहीं रहेगी। इसे अंबाला-शामली-दिल्ली एक्सप्रेस-वे तथा अंबाला-कालाआंब एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा गया है। इससे अंबाला और आसपास के क्षेत्रों का सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा।
विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के बीच माल परिवहन करने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत कम होगी, जिससे समय और ईंधन की बचत हो सकती है।
कालाआंब और हिमाचल की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
अंबाला से हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाआंब की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी रिंग रोड महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक गतिविधियों और माल ढुलाई को गति मिलने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले पर्यटकों को भी शहर के अंदरूनी यातायात से बचते हुए बाहरी मार्ग का लाभ मिल सकेगा। इससे अंबाला से हिमाचल की ओर जाने वाले मार्ग पर यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
शहर के भविष्य के विस्तार में भी अहम भूमिका
रिंग रोड का महत्व केवल वर्तमान ट्रैफिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है। इसके आसपास हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से सेक्टर विकसित करने की प्रक्रिया भी भविष्य में अंबाला के शहरी विस्तार की संभावनाओं की ओर संकेत करती है।
आने वाले वर्षों में शहर का विस्तार रिंग रोड के आसपास हो सकता है। ऐसे में यह परियोजना अंबाला के लिए केवल बाहरी यातायात निकालने वाली सड़क नहीं रहेगी, बल्कि शहर के भविष्य के विकास, औद्योगिक गतिविधियों और नए आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
अंतिम चरण में निर्माण कार्य
करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब परियोजना के शेष निर्माण कार्यों को पूरा करने पर जोर है। पुल, फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड और अन्य जरूरी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य शेष कार्यों को जल्द पूरा कर रिंग रोड को जनता के लिए खोलना है।
यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार पूरी होकर यातायात के लिए शुरू होती है तो अंबाला को लंबे समय से चली आ रही शहर के अंदर भारी वाहनों के दबाव की समस्या से बड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच तेज, सुगम और बाहरी सड़क कनेक्टिविटी को भी नया आधार मिलेगा।














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