आतिशी के वीडियो विवाद पर 48 घंटे में जवाब तलब, केस दस्तावेज और फोरेंसिक रिपोर्ट मांगी
नई दिल्ली/जालंधर। आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली से विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के कथित विवादित वीडियो को लेकर दर्ज FIR के मामले में दिल्ली विधानसभा ने कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा की ओर से पंजाब के DGP, साइबर क्राइम के स्पेशल DGP और जालंधर की पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया गया है। सभी अधिकारियों से 48 घंटे के भीतर जवाब तलब करते हुए मामले से जुड़े दस्तावेज और फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
कपिल मिश्रा पर FIR के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि 9 जनवरी को जालंधर पुलिस ने दिल्ली सरकार में मंत्री रहे भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज की थी। पुलिस का दावा है कि मोहाली की फोरेंसिक लैब में वीडियो की जांच कराई गई, जिसमें यह सामने आया कि आतिशी ने अपने बयान में कहीं भी ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। इसी आधार पर FIR दर्ज की गई।
इस कार्रवाई के बाद दिल्ली विधानसभा में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई गई।
भाजपा विधायकों का सवाल, स्पीकर का कड़ा बयान
दिल्ली भाजपा के एक विधायक ने सवाल उठाया कि विधानसभा की अंदरूनी कार्यवाही से जुड़े मामले में पंजाब पुलिस दूसरे राज्य में FIR कैसे दर्ज कर सकती है। उन्होंने इसे सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन बताया।
इस पर दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जालंधर पुलिस कमिश्नर और FIR दर्ज करने से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
केजरीवाल-भगवंत मान का जालंधर दौरा रद्द
इधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल का जालंधर दौरा अचानक रद्द कर दिया गया। दोनों नेताओं को यहां कुछ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करना था। दौरे से पहले जालंधर बीजेपी ने श्रीराम चौक पर जोरदार प्रदर्शन भी किया।
राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि सिख गुरुओं से जुड़े मुद्दे पर दर्ज FIR के चलते आप नेताओं ने दौरा रद्द किया है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के सख्त बयान
सदन के भीतर की रिकॉर्डिंग पर FIR गंभीर विषय:
स्पीकर ने कहा कि यह मामला विशेषाधिकार हनन से जुड़ा है। जिस वीडियो के आधार पर FIR दर्ज की गई, वह सदन के भीतर की रिकॉर्डिंग है और सदन की संपत्ति है। इस पर इस तरह की कार्रवाई गंभीर विषय है।
जालंधर पुलिस कमिश्नर का अनुचित हस्तक्षेप:
उन्होंने कहा कि इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सीधे तौर पर विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है और सदन इस पर विधिसम्मत कार्रवाई करेगा।
रिकॉर्डिंग को ‘टेम्पर्ड’ कहना सदन की मर्यादा के खिलाफ:
स्पीकर ने स्पष्ट किया कि सदन की रिकॉर्डिंग को टेम्पर्ड कहना स्वयं विधानसभा की गरिमा के विरुद्ध है। इस कथित साजिश में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











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