October 16, 2026 4:12 am

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चंडीगढ़ सीटीयू चुनाव का बिगुल: गेट रैली कर गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्ज यूनियन ने गिनाईं एक साल की उपलब्धियां

जसवंत सिंह जस्सा बोले—40 नई गैर-वातानुकूलित बसें बेड़े में शामिल करवाने से लेकर कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान तक किए प्रयास, कर्मचारियों से फिर शेर पार्टी को बहुमत दिलाने की अपील

बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 15 अक्तूबर। चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्ज यूनियन ने सीटीयू डिपो नंबर-2 में विशाल गेट रैली आयोजित कर आगामी यूनियन चुनावों का बिगुल बजा दिया। रैली में यूनियन नेताओं ने पिछले एक वर्ष के कार्यकाल में कर्मचारियों के हित में किए गए कार्यों और विभिन्न मांगों के समाधान के लिए किए गए प्रयासों का ब्योरा प्रस्तुत किया। यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों से आगामी चुनावों में एक बार फिर शेर पार्टी को बहुमत से जिताने की अपील की।
यूनियन नेताओं जसवंत सिंह जस्सा, सतिंदर सिंह, आजाद सिंह, बलवीर सिंह और गोविंद दहिया ने कहा कि पिछले वर्ष सीटीयू चुनावों में शेर पार्टी को मिली जीत के बाद यूनियन ने कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया। उनके अनुसार, इस दौरान बसों की संख्या बढ़ाने, कर्मचारियों की पदोन्नति, लंबित वेतन और भत्तों के भुगतान, नियमित भर्ती तथा नौकरी से निकाले गए आउटसोर्स कर्मचारियों की बहाली जैसे मुद्दों पर काम किया गया।

सीटीयू के बेड़े में शामिल करवाईं 40 गैर-वातानुकूलित बसें
यूनियन नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों और यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सीटीयू के बेड़े में 40 नई गैर-वातानुकूलित बसें शामिल करवाने में सफलता मिली है। उनका कहना है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नई बसों की उपलब्धता जरूरी है। इसी दिशा में यूनियन लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि डिपो नंबर-1 में बसों की पार्किंग के लिए जगह की कमी के कारण कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को सीटीयू प्रबंधन के समक्ष उठाया गया और साथ लगती जमीन को डिपो में शामिल करवाने का प्रयास किया गया। यूनियन के अनुसार, इस जमीन की चारदीवारी का काम भी पूरा हो चुका है। इससे बसों की पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यार्ड मास्टर की 20 पदों के लिए भेजा गया प्रस्ताव
यूनियन नेताओं ने कहा कि ड्राइवर कर्मचारियों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए यार्ड मास्टर के 20 पद भरने का मामला तैयार करवाकर आगे भेजा गया है। इसके अलावा स्टेशन सुपरवाइजर के समाप्त हो रहे चार पदों को दोबारा भरने के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक से मंजूरी लेकर नियुक्तियों का रास्ता साफ करवाने का दावा भी किया गया।
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की पदोन्नति और खाली पदों को भरना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। विभिन्न श्रेणियों में नियमित भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है। इससे विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने और कामकाज को व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।

नाइट अलाउंस और ओवरटाइम के भुगतान का मुद्दा उठाया
यूनियन नेताओं के अनुसार, ड्राइवरों, कंडक्टरों और इंस्पेक्टर वर्ग के कर्मचारियों को समय-समय पर रात्रि भत्ते का भुगतान करवाया गया है। इसके साथ ही ओवरटाइम की लंबित राशि का भुगतान भी प्राथमिकता के आधार पर करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को तीन-तीन महीने के ओवरटाइम का भुगतान करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नेताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रहे हैं। यूनियन का प्रयास है कि कर्मचारियों को उनके काम के अनुरूप मिलने वाले भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

नए कंडक्टरों के इंक्रीमेंट का मामला तैयार
यूनियन ने बताया कि जिन नए कंडक्टरों की परिवीक्षा अवधि पूरी हो चुकी है, उनके वेतन में वार्षिक वृद्धि का लाभ दिलाने के लिए मामला तैयार कर दिया गया है। यूनियन नेताओं के अनुसार, संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा वर्ष 2017 में भर्ती हुए कंडक्टरों के लंबित वेतन एरियर का मामला भी उठाया गया है। यूनियन नेताओं ने बताया कि यह राशि लगभग एक करोड़ रुपये है। इसके भुगतान के लिए सीटीयू प्रबंधन की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन से बजट मांगा गया है। यूनियन को उम्मीद है कि बजट उपलब्ध होने के बाद कर्मचारियों को लंबित राशि का भुगतान किया जा सकेगा।

इंस्पेक्टर से लेकर वर्कशॉप कर्मचारियों तक की पदोन्नति के प्रयास
यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिलाने के लिए भी काम किया गया है। उनके अनुसार, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, मैकेनिक, हैंड मैकेनिक और एसएसआई सहित विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिलने से न केवल उनका मनोबल बढ़ता है, बल्कि विभागीय कामकाज में भी सुधार होता है। यूनियन ने भरोसा दिलाया कि लंबित पदोन्नति मामलों को आगे बढ़ाने और कर्मचारियों को उनके अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

नौकरी से निकाले गए आउटसोर्स कर्मचारियों की बहाली का दावा
रैली में यूनियन नेताओं ने आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सीटीयू प्रबंधन और चंडीगढ़ प्रशासन के समक्ष मामला उठाकर नौकरी से निकाले गए कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर बहाल करवाने के लिए प्रयास किए गए। यूनियन के अनुसार, अभी कुछ अन्य कर्मचारियों की बहाली का मामला भी लंबित है, जिसके समाधान के लिए कोशिश जारी है।
नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की नौकरी और रोजगार की सुरक्षा यूनियन के लिए महत्वपूर्ण विषय है। उनका प्रयास रहेगा कि जिन कर्मचारियों की बहाली का मामला अभी बाकी है, उनके पक्ष को भी प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए।

निजी ऑपरेटरों से इलेक्ट्रिक बसें लेने का विरोध
यूनियन ने चंडीगढ़ में निजी ऑपरेटरों के माध्यम से इलेक्ट्रिक बसें चलाने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई। नेताओं ने कहा कि नई बसों के लिए मिले 20 करोड़ रुपये के बजट का इस्तेमाल नई बसें खरीदने पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर चंडीगढ़ के प्रशासक से मिलकर यूनियन अपना पक्ष रख रही है। यूनियन का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीटीयू के अपने बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। हालांकि, इस मांग पर प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय और बजट के इस्तेमाल की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

31 साल बाद वर्कशॉप कर्मचारियों की नियमित भर्ती का दावा
यूनियन नेताओं ने इसे अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करते हुए कहा कि सीटीयू के इतिहास में 31 वर्ष बाद वर्कशॉप कर्मचारियों की नियमित भर्ती हुई है। उन्होंने दावा किया कि यह भर्ती चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्ज यूनियन के कार्यकाल में संभव हुई।
इसके अलावा यूनियन ने दावा किया कि सीटीयू के इतिहास में पहली बार चंडीगढ़ से सरकारी बसों के लिए समय-सारिणी लागू करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। नेताओं ने कहा कि बसों की नियमित आवाजाही, यात्रियों की सुविधा और परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए ऐसे प्रयास आवश्यक हैं।

हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और राजस्थान के लिए शुरू हुए नए मार्ग
यूनियन नेताओं ने बताया कि चंडीगढ़ से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के लिए नए बस मार्ग भी शुरू किए गए हैं। उनका कहना है कि इससे यात्रियों को विभिन्न राज्यों तक आवागमन के लिए परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ से संचालित होने वाली आठ राज्यों की सरकारी बस सेवाओं के संबंध में संबंधित राज्यों के साथ पारस्परिक समझौते करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। यूनियन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के परिवहन विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बस संचालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है।

बिना परमिट चलने वाली निजी बसों के खिलाफ मोर्चा
यूनियन ने चंडीगढ़ में कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से चलने वाली निजी बसों, टेंपो ट्रैवलर, ऑटो रिक्शा और रैपिड सेवाओं के अलावा सेक्टर-43 बस स्टैंड से बिना परमिट संचालित होने वाली कोच बसों का मुद्दा भी उठाया।
यूनियन नेताओं ने कहा कि परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष यह मामला उठाया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकारी परिवहन व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नियमों का पालन जरूरी है। हालांकि, संबंधित वाहनों के परमिट और संचालन की वैधता के संबंध में सक्षम विभागों की जांच के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।

रैली में कई कर्मचारी नेताओं ने किया संबोधित
गेट रैली को सीटीयू कंडक्टर यूनियन के प्रधान देविंदर सिंह, सतिंदर पाल सिंह प्रगट, भारतीय मजदूर संघ के प्रधान बलविंदर सिंह, कोऑर्डिनेशन कमेटी के महासचिव राकेश कुमार और इंस्पेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह ने संबोधित किया।
इसके अलावा महासचिव सोहन सिंह, मनदीप, अतर सिंह, तेजबीर सिंह, हरदेव सिंह, गुरप्रीत सिंह पनैचां, जतिंदर पाल सिंह, राजबीर सिंह, संजीव कुमार और गुरनाम सिंह ने भी कर्मचारियों के मुद्दों पर अपने विचार रखे।
यूनियन के चेयरमैन राज कुमार, प्रधान जगदीश सिंह और पिशोरा सिंह सहित अन्य नेताओं ने कर्मचारियों से आगामी चुनावों में शेर पार्टी के पक्ष में समर्थन देने की अपील की।

चुनाव से पहले उपलब्धियों को बनाया आधार
रैली के माध्यम से यूनियन ने पिछले एक वर्ष के कार्यकाल में किए गए कार्यों को कर्मचारियों के सामने रखते हुए आगामी चुनावों के लिए अपनी तैयारियों का संकेत दिया। बसों की खरीद, लंबित वेतन और भत्तों का भुगतान, पदोन्नति, नियमित भर्ती, आउटसोर्स कर्मचारियों की बहाली तथा निजी बसों के संचालन से जुड़े मुद्दे चुनाव में प्रमुख विषय रहने की संभावना है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को हल करवाने और सीटीयू की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उनके प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने कर्मचारियों से शेर पार्टी को दोबारा बहुमत दिलाने की अपील करते हुए कहा कि संगठन की प्राथमिकता कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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