October 16, 2026 3:17 am

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पंचकूला-कालका में साइबर ठगी की साजिश नाकाम, 70 एटीएम कार्ड के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को बनाते थे निशाना, मदद के बहाने पिन जानकर बदल देते थे एटीएम कार्ड

हिसार और भिवानी के रहने वाले हैं आरोपी, पुलिस ने चार दिन के रिमांड पर लिया; दिल्ली से जुड़े संभावित नेटवर्क और अन्य वारदातों की होगी जांच

रमेश गोयत
पंचकूला, 15 अक्टूबर। पंचकूला पुलिस ने एटीएम के बाहर लोगों को मदद के बहाने निशाना बनाकर बैंक खातों से पैसे निकालने वाले कथित साइबर ठगों के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 70 एटीएम कार्ड, एक पीओएस मशीन और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एटीएम से पैसे निकालने आने वाले बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके एटीएम का पिन जान लेते थे। इसके बाद चालाकी से उनका कार्ड बदलकर बैंक खाते से रकम निकालने की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली में सक्रिय साइबर ठगों से जुड़े होने की आशंका के बीच पंचकूला और कालका क्षेत्र में भी वारदात करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके संभावित नेटवर्क, अन्य साथियों और पहले की गई वारदातों का पता लगाने में जुटी है।

सेक्टर-20 की मार्केट में संदिग्ध गतिविधियों के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम को सूचना मिली थी कि दो युवक पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित मार्केट में अलग-अलग बैंकों के एटीएम के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे हैं। उनके पास बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और एक पीओएस मशीन होने की सूचना भी मिली थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 के प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस ने एटीएम के आसपास निगरानी करते हुए दोनों संदिग्ध युवकों की घेराबंदी की और उन्हें काबू कर लिया।
इसके बाद नियमानुसार तलाशी ली गई तो उनके पास से अलग-अलग बैंकों के कुल 70 एटीएम कार्ड और एक पीओएस मशीन बरामद हुई। इतनी बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया।

हिसार और भिवानी के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार निवासी जिला हिसार और अनिल निवासी जिला भिवानी के रूप में हुई है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार, तलाशी के दौरान मनोज कुमार के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 43 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। वहीं, दूसरे आरोपी अनिल के पास से 27 एटीएम कार्ड और एक पीओएस मशीन मिली।
इस तरह पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 70 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, दो मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं। जांच के दौरान मोबाइल फोन से आरोपियों के संपर्कों, संभावित साथियों और कथित वारदातों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
इस मामले में थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20 पंचकूला में 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मदद के बहाने बुजुर्गों का एटीएम पिन जान लेते थे आरोपी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में ठगी का एक ऐसा तरीका सामने आया है, जिसमें आरोपी एटीएम से पैसे निकालने आने वाले लोगों की मजबूरी और भरोसे का फायदा उठाते थे।
जांच के अनुसार, आरोपी विशेष रूप से बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे। ऐसे लोग जब एटीएम से पैसे निकालने पहुंचते तो आरोपी उनकी मदद करने के बहाने उनके पास जाते थे। बातचीत के दौरान वे धोखे से उनका एटीएम पिन जान लेते थे।
इसके बाद आरोपी कथित तौर पर चालाकी से संबंधित व्यक्ति का असली एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते और उसके स्थान पर मिलता-जुलता दूसरा कार्ड थमा देते थे। पीड़ित को कई बार तत्काल इसका पता नहीं चलता था कि उसका कार्ड बदल दिया गया है।
कार्ड और पिन की जानकारी हासिल करने के बाद आरोपी संबंधित बैंक खाते से पैसे निकालने का प्रयास करते थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपियों ने इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया और अलग-अलग बैंक खातों से कितनी रकम निकाली गई।

एटीएम में छूटे कार्डों से भी रकम निकालने का तरीका अपनाने का आरोप
प्रारंभिक पूछताछ में एक अन्य तरीका भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एटीएम मशीन में छूट गए कार्डों को उठाकर उनका इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा, पीओएस मशीन के माध्यम से रकम निकालने का तरीका अपनाने की जानकारी मिली है।
पुलिस अब इस पहलू की जांच कर रही है कि बरामद पीओएस मशीन किसके नाम पर जारी की गई थी, इसे आरोपियों ने कहां से हासिल किया और इसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि बरामद 70 एटीएम कार्ड किन लोगों के हैं, क्या इनमें से कुछ कार्ड ठगी के जरिए हासिल किए गए थे और क्या संबंधित बैंक खातों से कोई रकम निकाली गई है। कार्डों के वास्तविक धारकों की पहचान होने के बाद कथित पीड़ितों और संबंधित बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकेगी।


चार दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाएगी।
पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। इनमें बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड आरोपियों तक कैसे पहुंचे, पीओएस मशीन की व्यवस्था किसने की, क्या गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं और ठगी से हासिल रकम को किस तरह इस्तेमाल किया जाता था, जैसे पहलू शामिल हैं।
इसके अलावा, पुलिस कथित कमीशन की रकम, आरोपियों के मोबाइल फोन में मौजूद संपर्कों और संदिग्ध लेन-देन से संबंधित जानकारियों की भी जांच करेगी।
पुलिस हरियाणा और दिल्ली में उन एटीएम की पहचान करने का प्रयास करेगी, जहां से कार्ड उठाने या रकम निकालने की वारदातें किए जाने की आशंका है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि गिरफ्तार आरोपी केवल पंचकूला में वारदात करने की तैयारी में थे या इससे पहले दूसरे क्षेत्रों में भी लोगों को निशाना बना चुके हैं।
हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक कथित ठगी की कुल रकम, पीड़ितों की संख्या और गिरोह की अन्य वारदातों की पुष्टि नहीं की गई है। इन पहलुओं पर जांच जारी है।
पुलिस कमिश्नर ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि पंचकूला पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से दो आरोपियों को समय रहते गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतें और किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करके अपने बैंक खाते की सुरक्षा से समझौता न करें।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि एटीएम का पिन किसी अन्य व्यक्ति को न बताएं, चाहे वह मदद करने की पेशकश ही क्यों न कर रहा हो। एटीएम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें और पैसे निकालते समय मशीन के आसपास मौजूद संदिग्ध लोगों से सावधान रहें।
यदि एटीएम से पैसे निकालते समय कोई व्यक्ति मदद करने के बहाने पिन देखने या कार्ड अपने हाथ में लेने का प्रयास करता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं। इसी तरह, यदि कार्ड मशीन में फंस जाए या बाहर न निकले तो किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने के बजाय संबंधित बैंक की आधिकारिक सहायता सेवा से संपर्क करें।
पुलिस की जांच जारी है। अब चार दिन के रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था, कितनी वारदातों को अंजाम दे चुका है और इसके तार दिल्ली तथा हरियाणा के अन्य क्षेत्रों से किस हद तक जुड़े हुए हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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