पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित,
सीबीआई ने मनीषा की मौत को आत्महत्या बताया था;
पिता संजय कुमार ने जांच के निष्कर्षों पर जताई असहमति
बाबूगिरी न्यूज़
पंचकूला। हरियाणा के भिवानी की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई अदालत में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ दायर विरोध याचिका पर सुनवाई हुई। मनीषा के पिता संजय कुमार की ओर से दायर इस याचिका पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। अदालत ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 28 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाएगा।
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच पूरी करने के बाद 12 अगस्त 2026 को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट में मनीषा की मौत को आत्महत्या बताया गया था। हालांकि, मृतका के पिता संजय कुमार सीबीआई की जांच और उसके निष्कर्षों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अदालत में विरोध याचिका दाखिल कर क्लोजर रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और मामले की दोबारा गहन जांच कराने की मांग की।
अब अदालत के फैसले पर मामले से जुड़े लोगों की निगाहें टिकी हैं। 28 अक्टूबर को आने वाला फैसला तय करेगा कि परिवार की विरोध याचिका पर अदालत क्या रुख अपनाती है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।
क्लोजर रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष
सीबीआई ने मामले की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में मनीषा की मौत को आत्महत्या बताया था। जांच एजेंसी की ओर से अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद मृतका के परिवार ने इस निष्कर्ष पर असहमति जताई।
मनीषा के पिता संजय कुमार ने जांच के निष्कर्षों को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। परिवार की ओर से दायर विरोध याचिका में मामले की जांच से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर दोबारा विचार करने और गहन जांच की मांग की गई है।
विरोध याचिका पर सुनवाई के दौरान पक्षों ने अपने तर्क रखे। अब अदालत को यह तय करना है कि परिवार की ओर से उठाई गई आपत्तियों और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर क्या निर्णय लिया जाए।
11 अगस्त 2025 को लापता हुई थी मनीषा
भिवानी की रहने वाली शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त 2025 को लापता हो गई थी। इसके दो दिन बाद, 13 अगस्त को उसका शव खेतों में मिला था। घटना सामने आने के बाद परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे और हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
मामले को लेकर हरियाणा में काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच करने के बाद अगस्त 2026 में अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।
हालांकि, जांच एजेंसी के निष्कर्ष से परिवार संतुष्ट नहीं हुआ। पिता संजय कुमार ने अदालत में विरोध याचिका दायर कर रिपोर्ट को चुनौती दी। परिवार का कहना है कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर दोबारा विचार किए जाने की जरूरत है।
28 अक्टूबर को आएगा फैसला
मनीषा की मौत के मामले में अब अदालत के फैसले का इंतजार है। क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ विरोध याचिका पर बहस पूरी होने के बाद विशेष सीबीआई अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
28 अक्टूबर को आने वाला फैसला इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। अदालत विरोध याचिका पर क्या निर्णय लेती है, इससे आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।
फिलहाल, सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या बताया गया है, जबकि मृतका के पिता ने इस निष्कर्ष को चुनौती दी है। मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक सीबीआई की रिपोर्ट और परिवार की आपत्तियों को अलग-अलग संदर्भों में देखना महत्वपूर्ण है।












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