October 16, 2026 4:26 am

October 16, 2026 4:26 am

बाबूगिरी हिंदी डॉट कॉम पर पढ़े हरियाणा की खबरे; मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन में इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे 2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की

ईडो-स्वीडन इनोवेशन डे पर उपस्थित होना सम्मान और प्रसन्नता का विषय : मुख्यमंत्री

आज का आयोजन इंडिया-स्वीडन 2035 भविष्य के लिए नवाचार के साझा संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर

हरियाणा को इस वर्ष कार्यक्रम में राज्य भागीदार बनाने के लिए आभार

बाबूगिरी न्यूज़

चंडीगढ, 15 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन में आयोजित इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे 2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री ने भारत और स्वीडन के बीच नवाचार, व्यापार तथा औद्योगिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इंडो-स्वीडन इनोवेशन डे पर आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान और प्रसन्नता का विषय है। आज का यह आयोजन इंडिया-स्वीडन 2035 प्रतिस्पर्धी भविष्य के लिए नवाचार के साझा संकल्प को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने हरियाणा को इस वर्ष कार्यक्रम में राज्य भागीदार बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के साथ भारत के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। उन्होंने व्यापार आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-स्वीडन व्यापार वर्ष 2016 के 2.86 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा में स्वीडिश कंपनियों द्वारा किए जा रहे निवेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुग्राम में स्वीडिश कंपनी आइकिया की 3500 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना हरियाणा पर उनके भरोसे का स्पष्ट उदाहरण है। इसी प्रकार, झज्जर की मेट सिटी में स्वीडन की कंपनी अपनी कार्ल गुस्ताफ विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। फरीदाबाद में स्वीडिश-स्विस समूह एबीबी की वर्ष 1951 से संचालित विनिर्माण इकाई आधुनिक इलेक्ट्रिक मोटरों का प्रमुख उत्पादक केंद्र बन चुकी है। इसके अलावा, स्वीडिश शिक्षा संस्था कुनस्काप्सकोलन का पहला भारतीय विद्यालय वर्ष 2013 में गुरुग्राम में खोला गया था। सैनी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड विद स्वीडन’ के हमारे साझा प्रयासों को दर्शाती हैं। उन्होंने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को हरियाणा में होने वाले ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027’ के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, हरियाणा की पावन धरा कुरुक्षेत्र पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पधारने का सादर निमंत्रण भी दिया। इस अवसर पर स्वीडन के मंत्री बेंजामिन दौसा, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और भारतीय राजदूत अनुराग भूषण भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के संबोधन से भारत और स्वीडन के बीच नवाचार, शिक्षा, विनिर्माण तथा निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन सरकार के अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्री बेंजामिन दौसा से की महत्वपूर्ण मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा किए गए दौरे को आगे बढ़ाने का हमारा लक्ष्य

आने वाले 5 सालों में दोनों देशों ने अपना व्यापार और निवेश दोगुना करने का रखा लक्ष्य- मुख्यमंत्री
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 15 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन सरकार के अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्री बेंजामिन दौसा से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने तथा हरियाणा में सहयोग के नए आयाम तलाशने पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा स्वीडन के साथ की गई मुलाकातों को आगे बढ़ाना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने उल्लेख किया कि मई 2025 में भारत और स्वीडन ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। आने वाले पांच वर्षों में दोनों देशों ने आपसी व्यापार और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
सैनी ने बताया कि वर्तमान में भारत में बहुत सारी स्वीडिश कंपनियां कार्यरत हैं। उन्होंने शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और ऊर्जा क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से हरियाणा में उपलब्ध 18 ड्राई पोर्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर स्वीडन के साथ मिलकर कार्य करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
स्वीडिश मंत्री बेंजामिन दौसा ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और हरियाणा के साथ मिलकर भविष्य की योजनाओं पर सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने दौसा को ‘हैपनिंग हरियाणा’ समारोह के लिए भी आमंत्रित किया। इस अवसर पर  शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी साथ में उपस्थित रहे।

हरियाणा में साइबर सुरक्षा और डिजिटल बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए 738 करोड़ की दो परियोजनाओं को मंजूरी

डेटा सुरक्षा मजबूत करने, सरकारी सेवाओं की डिलीवरी तेज करने और डिजिटल ढांचे को सुरक्षित बनाने पर जोर
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चंडीगढ़, 15 अक्टूबर-हरियाणा को डिजिटल रूप से सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य स्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी संचालन समिति (आईटी प्रिज्म) द्वारा लगभग 738 करोड़ रुपये की दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य की साइबर सुरक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण करना तथा डिजिटल शासन के बुनियादी ढांचे को अधिक सुरक्षित, सक्षम और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
इन परियोजनाओं में 269 करोड़ रुपये की हरियाणा डिजिटल कवच-सुरक्षा संचालन केंद्र परियोजना (एच-एसओसी) तथा 469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 (एचएसडीसी 2.0) परियोजना शामिल हैं। इनके माध्यम से सरकारी डेटा की सुरक्षा मजबूत करने, ऑनलाइन जनसेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने और राज्य के तेजी से बढ़ते डिजिटल तंत्र के लिए मजबूत तकनीकी आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य स्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी संचालन समिति (आईटी प्रिज्म) की 51वीं बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार किया गया।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन ने बताया कि हरियाणा डिजिटल कवच कार्यक्रम इस पहल का मुख्य हिस्सा है। इसका उद्देश्य सरकारी नेटवर्क, एप्लीकेशन, डेटाबेस और महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे को लगातार परिष्कृत हो रहे साइबर खतरों से सुरक्षित रखना है।
प्रस्तावित सुरक्षा संचालन केंद्र एक केंद्रीकृत साइबर सुरक्षा नियंत्रण एवं निगरानी सुविधा के रूप में कार्य करेगा। यहां चौबीसों घंटे साइबर खतरों पर निगरानी, उनकी समय रहते पहचान, जांच तथा साइबर घटनाओं से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की जाएगी।
एक राज्य-एक सुरक्षा संचालन केंद्र की अवधारणा पर आधारित यह व्यवस्था विभिन्न सरकारी विभागों में अलग-अलग संचालित साइबर सुरक्षा निगरानी प्रणालियों को एकीकृत करेगी। इससे संभावित साइबर हमलों की शीघ्र पहचान करने और सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में समन्वित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
इस केंद्र में सुरक्षा सूचना एवं घटना प्रबंधन प्रणाली, स्वचालित घटना प्रतिक्रिया प्रणाली, कंप्यूटर एवं अन्य उपकरणों पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और उनका जवाब देने वाली तकनीक तथा एकीकृत साइबर खतरा सूचना मंच जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने, उभरते खतरों का विश्लेषण करने, साइबर घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने और संवेदनशील सरकारी सूचनाओं की सुरक्षा मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
269 करोड़ रुपये की इस परियोजना को नौ माह में लागू करने तथा इसके बाद पांच वर्षों तक संचालन का प्रस्ताव है। परियोजना के लिए हरियाणा एआई विकास परियोजना के अंतर्गत विश्व बैंक से 25 करोड़ रुपये की सहायता प्रस्तावित है, जबकि शेष 244 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे।
इसी के साथ ही हरियाणा राज्य डेटा केंद्र का भी व्यापक तकनीकी आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत पुराने उपकरणों और प्रणालियों को बदलकर आधुनिक, विस्तारित और सुरक्षित कंप्यूटिंग व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
चंडीगढ़ स्थित नए सचिवालय में अगस्त 2012 से संचालित राज्य डेटा केंद्र लगभग 74 सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों को सेवाएं प्रदान कर रहा है। पुराने उपकरणों, नेटवर्किंग प्रणालियों की सीमाओं, सीमित कंप्यूटिंग क्षमता और समर्पित आपदा रिकवरी सुविधा के अभाव को देखते हुए इसके आधुनिकीकरण की आवश्यकता महसूस की गई है।
प्रदेश में 469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 परियोजना के अंतर्गत अगली पीढ़ी का डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसमें उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग प्रणाली, उन्नत डेटा भंडारण, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट आधारित कंप्यूटिंग के लिए तैयार प्रणालियां, आधुनिक नेटवर्किंग ढांचा और मजबूत साइबर सुरक्षा नियंत्रण शामिल होंगे।
बैठक में सरल 2.0 के विकास एवं क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह अगली पीढ़ी का नागरिक सेवा वितरण मंच होगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश में सरकारी सेवाओं की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और आम नागरिकों तक उनकी पहुंच को और बेहतर बनाना है।
बैठक में हारट्रॉन के प्रबंध निदेशक डॉ. यश गर्ग, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री सम्वर्तक सिंह खांगवाल, राज्य ई-मिशन टीम के प्रमुख श्री नितिन बंसल, विश्व बैंक समूह के डिजिटल विशेषज्ञ श्री उत्कर्ष विजय तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरियाणा में नए एवं छूटे हुए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान

पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न छूटे, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग प्रतिबद्ध
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य— “कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।”

प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान

प्रदेश के 22 जिला निर्वाचन अधिकारी, 90 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 1,778 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 2,244 बीएलओ सुपरवाइजर तथा 20,864 बूथ लेवल अधिकारी इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्यरत

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय तथा भारत निर्वाचन आयोग प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से हरियाणा के सभी विधानसभा क्षेत्रों में नए एवं मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने से छूट गए पात्र मतदाताओं को शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। इसके लिए निर्वाचन विभाग द्वारा सक्रियता से कार्य किया जा रहा है तथा पात्र मतदाताओं को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
प्रदेश में इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 22 जिला निर्वाचन अधिकारी, 90 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), 1,778 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), 2,244 बीएलओ सुपरवाइजर तथा 20,864 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) कार्य कर रहे हैं।
निर्वाचन विभाग द्वारा पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के उद्देश्य से जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान भी लगातार जारी रखा जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में समन्वित प्रयास करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे।

मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों एवं सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950
यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची से संबंधित कोई शिकायत है या उसे नया नाम दर्ज करवाने के लिए फॉर्म-6 भरने में सहायता चाहिए, तो वह हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकता है। इसके अतिरिक्त, कार्यालय समय के दौरान संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय अथवा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में स्थापित हेल्पडेस्क से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने एवं संशोधन के लिए निर्धारित फॉर्म
फॉर्म-6: जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे इस फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
फॉर्म-7: मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज करवाने अथवा पहले से दर्ज नाम को हटाने के लिए
फॉर्म-8: मतदाता सूची में निवास स्थान बदलने, दर्ज विवरण में सुधार करवाने, मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) बदलवाने अथवा दिव्यांग मतदाता (पीडब्ल्यूडी) के रूप में चिह्नित करवाने के लिए।
मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष शिविर
निर्वाचन विभाग द्वारा आगामी विशेष शिविर प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपलब्ध रहेंगे और मतदाताओं को आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मतदाता सूची में नाम की जांच करें तथा यदि उनका नाम दर्ज नहीं है या किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता है, तो निर्धारित फॉर्म के माध्यम से आवेदन करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना किसान को पारदर्शी तरीके से हाथ में मिले उसकी पॉलिसी : श्याम सिंह राणा

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों को वितरित की बीमा पॉलिसियां
चंडीगढ़ , 15 अक्टूबर –  हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि किसान को पारदर्शी तरीके से उसकी पॉलिसी उसके हाथ में मिले। इसी सोच के तहत “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” अभियान शुरू किया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक पूरे भारत में एक महीने के लिए विशेष ड्राइव चलाई है। इस ड्राइव के तहत हर पात्र किसान को उसकी फसल की बीमा पॉलिसी उसके हाथ में दी जा रही है, ताकि किसान को यह पता चल सके कि उसकी फसल का बीमा हुआ है, उसकी प्रीमियम राशि क्या है और उसे क्लेम कैसे मिलेगा।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने वीरवार को कुरुक्षेत्र जिला के शाहाबाद में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मेरी पॉलिसी मेरे हाथ राज्य स्तरीय समारोह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
श्याम सिंह राणा ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” अभियान की पॉलिसी देने के बाद कहा कि किसानों को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि हर किसान को अपना पंजीकरण इस पोर्टल पर जरूर करवाना चाहिए, ताकि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ सीधे उसके खाते में पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। भारत विकसित तभी होगा जब हमारा किसान विकसित होगा, हमारा मजदूर विकसित होगा, हमारा व्यापारी विकसित होगा और समाज का हर वर्ग विकसित होगा। जब हर वर्ग विकसित होगा, तभी 2047 तक भारत एक विकसित भारत बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान श्याम सिंह राणा ने सभी किसानों को “ना पराली जलाएंगे, ना जलाने देंगे” की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण, जमीन और मानव स्वास्थ्य तीनों के लिए हानिकारक है। सरकार पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर मशीनें दे रही है, इसलिए किसानों को पराली को आग लगाने की बजाय उसका सही प्रबंधन करना चाहिए। उन्होंने खुशी जताई कि कुरुक्षेत्र जिले में अभी तक पराली जलाने की एक भी घटना सामने नहीं आई है, जो किसानों की जागरूकता को दर्शाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल मजबूत कर रही सरकार : रणबीर गंगवा

करनाल में 10.38 करोड़ रुपये से बनेगी पिचोलिया हेड से जानी गांव तक नई सड़क, पिचोलिया, जानी और बुधनपुर के लोगों को होगा लाभ
चंडीगढ़,15 अक्तूबर- हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का नेटवर्क मजबूत कर गांवों को बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में करनाल जिले में पिचोलिया हेड से जानी गांव तक पश्चिमी यमुना नहर के बाएं किनारे पर 10 करोड़ 38 लाख 52 हजार रुपये की लागत से नई सड़क बनाई जाएगी। इस सड़क के निर्माण से आसपास के गांवों का सड़क संपर्क बेहतर होगा और ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी।
गंगवा ने बताया कि प्रस्तावित सड़क 1.20 किलोमीटर लंबी और 5.50 मीटर चौड़ी होगी। सड़क निर्माण से पिचोलिया, जानी और बुधनपुर गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत प्रस्तावित इस सड़क के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी प्राप्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधाएं लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी हैं। सड़कों का विस्तार होने से गांवों के बीच आवागमन आसान होता है और ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में सुविधा मिलती है। प्रदेश सरकार गांवों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

हरियाणा में अब तक 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद, लगभग 50 प्रतिशत का उठान

किसानों को 1,221 करोड़ रुपये का भुगतान
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खरीफ फसल खरीद की समीक्षा की

मंडियों में सुचारू व्यवस्था, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
चंडीगढ़, 15 अक्टूबर-हरियाणा में खरीफ खरीद सीजन के दौरान धान की सरकारी खरीद तेजी से जारी है। राज्य की खरीद एजेंसियों ने अब तक 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है और किसानों को 1,221 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गौरतलब है कि सामान्य श्रेणी के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज धान खरीद की समीक्षा करते हुए मंडियों में धान की आवक, खरीद, उठान, किसानों को भुगतान तथा खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रगति का जायजा लिया।
समीक्षा बैठक में फसल खरीद के पूरे सीजन के दौरान सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ढुलाईकर्ताओं और चावल मिल मालिकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। साथ ही समुचित उठान व्यवस्था बनाए रखने, पारदर्शी तुलाई एवं नमी की जांच तथा खरीद से संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार ने बताया कि अब तक प्रदेश की मंडियों में 21.27 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से 15.52 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है और 7.69 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। केन्द्र सरकार द्वारा खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए निर्धारित 58 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के मुकाबले राज्य अब तक लगभग 27 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर चुका है।
बैठक में किसानों को समय पर भुगतान, गेट पास जारी करने की सुचारू व्यवस्था और डिजिटल माध्यम से प्रभावी सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से बातचीत करते हुए उन्हें खरीद प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर खरीद एवं उठान की गति और तेज करने के निर्देश दिए।
जिलावार समीक्षा में कई जिलों में खरीद प्रक्रिया उत्साहजनक रही। आवक के मुकाबले नीलामी के अनुपात में कुरुक्षेत्र 88.2 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि यमुनानगर में यह अनुपात 81.8 प्रतिशत और अंबाला में 80.7 प्रतिशत रहा। राज्य का औसत 74.7 प्रतिशत दर्ज किया गया।
नीलामी के मुकाबले खरीद के अनुपात में पंचकूला 93.7 प्रतिशत के साथ आगे रहा। कुरुक्षेत्र में यह अनुपात 92.4 प्रतिशत और कैथल में 90.9 प्रतिशत रहा। अंबाला में 89.3 प्रतिशत, यमुनानगर में 85.4 प्रतिशत और करनाल में 78.5 प्रतिशत अनुपात दर्ज किया गया, जबकि राज्य का औसत 86 प्रतिशत रहा।
नीलामी के मुकाबले उठान के अनुपात में पंचकूला 57.1 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा। कुरुक्षेत्र में यह अनुपात 55 प्रतिशत और कैथल में 52.2 प्रतिशत रहा, जबकि अंबाला में 49.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस श्रेणी में राज्य का औसत 48.2 प्रतिशत रहा।
राज्य सरकार धान खरीद और चावल मिलों के संचालन में डिजिटल तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। बैठक में बताया गया कि नए ऑनलाइन राइस मिल पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से 1,433 चावल मिलों का पंजीकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 1,215 मिलों का जियो-फेंसिंग आधारित भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है। चावल मिलों की बिजली खपत और बिजली बिलों की भी निगरानी की जा रही है, जिससे मिलिंग प्रक्रिया की निगरानी व्यवस्था और मजबूत हो रही है।
प्रदेश में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से भी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। अब तक 1,52,136 किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा चुका है। प्रदेश में धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से 249 निर्धारित मंडियों में शुरू हुई थी और यह 15 नवंबर तक राज्य की जारी रहेगी।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव के. मकरंद पांडुरंग, हैफेड के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर खरे, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक श्री अंशज सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेगी हरियाणा सरकार: श्रुति चौधरी

राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों के लिए 5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
चंडीगढ़, 15 अक्टूबर-हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने और उनके कार्यों को सम्मान देने के लिए वर्ष 2026-27 के राज्य स्तरीय महिला पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए पात्र महिलाओं से 5 नवंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि अनेक महिलाओं ने सामाजिक सेवा, महिला सशक्तीकरण, प्रशासन, उद्यमिता, खेल, पंचायती राज और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं के योगदान को पहचान देना, उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना और अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने बताया कि सुषमा स्वराज पुरस्कार के तहत पांच लाख रुपये, इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार के तहत एक लाख 50 हजार रुपये, कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार तथा बहन शन्नो देवी पंचायती राज पुरस्कार के तहत एक-एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, लाइफटाइम अचीवर्स पुरस्कार के तहत 51 हजार रुपये तथा उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं की श्रेणी में 21 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। सभी चयनित महिलाओं को नकद पुरस्कार के साथ प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि सुषमा स्वराज पुरस्कार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को दिया जाएगा। इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार महिला एवं बाल कल्याण, संरक्षण और पुनर्वास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं के लिए है। कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार साहसिक कार्यों और अनुकरणीय सेवाओं के माध्यम से अन्य महिलाओं को प्रेरित करने वाली महिलाओं को दिया जाएगा।
इसी प्रकार, बहन शन्नो देवी पंचायती राज पुरस्कार पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की उन महिला प्रतिनिधियों को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया हो। लाइफटाइम अचीवर्स पुरस्कार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की उन महिलाओं को दिया जाएगा, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में दीर्घकालीन उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हों। उत्कृष्ट उपलब्धि पुरस्कार के अंतर्गत एएनएम, नर्स, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, खिलाड़ी, सरकारी कर्मचारी, साक्षर महिला समूहों की सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और महिला उद्यमी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।
श्रुति चौधरी ने पात्र महिलाओं से अपील की कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करें और इस अवसर का लाभ उठाएं। पुरस्कारों से संबंधित पात्रता शर्तें, विस्तृत दिशा-निर्देश तथा आवेदन प्रक्रिया विभाग की वेबसाइट https://onlinemis.wcdhry.gov.in/gaurav पर उपलब्ध हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्त पहल: बाल देखभाल संस्थानों में सीसीटीवी के दुरुपयोग पर रोक, जारी हुआ वैधानिक परामर्श
चंडीगढ़, 15 अक्टूबर- हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश के बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में रहने वाले बच्चों की निजता, गरिमा और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक महत्वपूर्ण वैधानिक परामर्श  जारी किया है। आयोग की अध्यक्षा सुश्री तृप्ति श्योराण द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 की धारा 13 (1) (ए) के तहत यह कदम उठाया गया है। आयोग के दौरों में यह बात सामने आई थी कि कई संस्थानों में सीसीटीवी सिस्टम को व्यक्तिगत मोबाइल फोन और लैपटॉप से जोड़ा गया है, जिससे लाइव फुटेज कहीं से भी एक्सेस, डाउनलोड या वायरल की जा सकती है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सीसीटीवी सिस्टम, उसकी फुटेज और पासवर्ड पर केवल संस्थान के प्रभारी का नियंत्रण रहेगा तथा साझा पासवर्ड के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। कैमरों को किसी भी निजी मोबाइल या लैपटॉप से जोड़ना सख्त वर्जित किया गया है और रिमोट एक्सेस को बाय-डिफॉल्ट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, सीसीटीवी मॉनिटर की फोटो, स्क्रीन रिकॉर्डिंग या फुटेज को व्हाट्सएप, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से डाउनलोड, कॉपी या प्रसारित करने पर रोक लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि बच्चों की निजता का विशेष ध्यान रखते हुए शौचालय, स्नानघर और कपड़े बदलने वाले स्थानों के भीतर कैमरे लगाना किशोर न्याय मॉडल नियम, 2016 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए संस्थानों को अधिकृत यूजर्स और फुटेज निकालने का एक रजिस्टर करना होगा, जिसमें दिनांक, उद्देश्य और प्राप्तकर्ता का ब्योरा दर्ज हो।
आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी उपायुक्तों और जिला बाल संरक्षण अधिकारियों को इस परामर्श की अनुपालना रिपोर्ट 15 दिन के भीतर सौंपने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। आयोग का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी का उद्देश्य केवल संस्थागत सुरक्षा और बाल संरक्षण होना चाहिए, न कि बच्चों की निजता का उल्लंघन। यह परामर्श बच्चों के सर्वोत्तम हित और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए पूरी सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है।
हरियाणा सिविल सचिवालय में योग से कर्मचारी बन रहे तनावमुक्त, दैनिक योगाभ्यास से बढ़ी कार्यक्षमता
चंडीगढ़, 15 अक्टूबर -हरियाणा सरकार द्वारा योग को बढ़ावा देने तथा  मुख्यमंत्री के ‘योगयुक्त, नशा मुक्त हरियाणा’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में हरियाणा योग आयोग निरंतर सराहनीय एवं प्रभावी प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में कार्यरत कर्मचारियों को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए एक विशेष पहल चलाई जा रही है।
हरियाणा योग आयोग के प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों द्वारा पिछले दो वर्षों से सिविल सचिवालय की विभिन्न शाखाओं में जाकर कर्मचारियों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट का योगाभ्यास करवाया जा रहा है।
इस दैनिक योगाभ्यास सत्र के दौरान कर्मचारियों को तनाव मुक्त रखने, मानसिक स्पष्टता लाने और शारीरिक ऊर्जा में वृद्धि करने के उद्देश्य से डीप ब्रीदिंग (गहरा श्वसन), सूक्ष्म यौगिक क्रियाएं, प्राणायाम तथा ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास कराया जाता है। इस पहल से सचिवालय कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दैनिक ऊर्जा स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।
हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने इस विषय में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ शरीर, शांत मन, सकारात्मक सोच और नशामुक्त समाज के निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। जब कर्मिक तनाव मुक्त और ऊर्जावान रहेंगे, तो जनसेवा और प्रशासनिक कार्य भी अधिक सुगमता व गति से संपन्न होंगे।
उन्होंने कहा कि
यह नियमित योग सत्र न केवल सचिवालय के कर्मचारियों को दिनभर की दिनचर्या में मानसिक शांति प्रदान कर रहा है, बल्कि प्रदेश में ‘योगयुक्त एवं नशामुक्त हरियाणा’ के व्यापक संदेश को भी मजबूती दे रहा है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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