जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यों के लिए 399.85 करोड़ की स्वीकृति-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
करनाल में 29.91 करोड़ से बनेगा रेस्ट हाउस
प्रदेश के जलघरों के तल बनाए जाएगें पक्के
बाबूगिरी न्यूज़
चण्डीगढ, 21 अक्तूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल सुलभ करवाने के लिए जलघर, बुस्टिंग स्टेशन, एवं पाईप लाईन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा सभी जलघर एवं बुस्टिंग स्टेशनों के तल आरसीसी किए जा रहे हैं ताकि उनमें पानी का रिसाव न हो सके।
मुख्यमंत्री बुधवार को चण्डीगढ में हाई पावर्ड परचेज कमेटी व हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य विभाग के लगभग 419.34 करोड़ रुपए के 13 कार्यों को 399.85 करोड रुपए की राशि से निर्माण कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की। इन कार्यों से 19.49 करोड़ रुपए की बचत की हुई। इनमें सीआईपीपी माध्यम से सीवर लाईन की सफाई करने के कार्य भी शामिल हैं। इस नवीनतम तकनीक से सीवर लाईन की खुदाई करने की आवश्यकता नहीं होती और चलती हुई लाईन के अन्दर से ही लाईन को दुरूस्त करने का कार्य किया जाता है।
रोहतक शहर के गांधी नगर से मेन झज्जर रोड़ तक बड़ी सिवरेज लाईन को स्पायरल लाईनिंग एवं आरसीसी करने के कार्य पर 15.90 करोड़ रुपए तथा अन्य खराब सीवर लाईन को दुरूस्त एवं नवीनीकरण करने के कार्य को 17.25 करोड़ रुपए लागत से किया जाएगा। इसी प्रकार सिहंपुरा में सिवरेज लाईन आरसीसी कार्य पर 16 करोड़ रुपए तथा सुखपुरा चौक रोहतक में सिवरेज लाईन को दुरूस्त करने के कार्य पर 15 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
अम्बाला के शहजादपुर में 48 करोड़ रुपए की लागत से सिवरेज लाईन बिछाने, 3 एमएलडी का एसटीपी बनाने, पेयजल लाईन एवं अन्य कार्य किए जाएगें। इसी प्रकार जगाधरी शहर में 24 करोड़ रुपए की लागत से सिवरेज लाईन का पुर्नउद्धार एवं लाईन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा धनौरी में नहर आधारित जल घर के लिए कैनाल का निर्माण करने, 2 एमएलडी एसटीपी का निर्माण करने एवं अन्य कार्यों पर 42.50 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
बैठक में रतिया शहर के मुख्य जल घर टैंक के तल को आरसीसी करने तथा अन्य कार्यों के लिए 31.50 करोड़ रुपए की राशि खर्च करने की मंजूरी दी गई। हिसार शहर में 10 एमएलडी का एसटीपी के साथ इंटीमेडिएट पम्पिंग स्टेशन कार्यों पर 33.95 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। कैमरी गांव में 54 करोड़ रुपए की लागत से नया जल घर बनाने, बुस्टिंग स्टेशन, जलघरों के टैंक आरससी करने, 2 एमएलडी के एसटीपी बनाने आदि कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य विभाग के पंचकूला स्थित भवन को डिस्मेंटल कर नए भवन का निर्माण करने की मंजूरी दी। इस भवन पर 58.50 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इसी प्रकार महाग्राम योजना के तहत नूंह जिल के गांव घासेड़ा में सिवरेज सुविधाओं के अलावा एसटीपी बनाने के कार्य किया जाएगा। इस पर 17.90 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। महेन्द्रगढ जिले के गांव आसरावास में 5 एमएलडी का जलघर बनाया जाएगा। इस जलघर के निर्माण पर 25.49 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
पंचकूला में 18.40 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा लोकायुक्त भवन
पंचकूला में लगभग 18.40 करोड़ रुपए की लागत से लोकायुक्त भवन निर्माण तथा अम्बाला में टीबी होस्पीटल का निर्माण 22.80 करोेड़ रुपए की लागत से पूरा किया जाएगा। इसी प्रकार करनाल में रेस्ट हाउस के निर्माण पर 29.91 करोड़ रुपए, चरखी दादरी के गांव पिचोपा में खेल स्टेडियम 11.60 करोड़ रुपए की लागत किया जाएगा। इसमें सिंथेटिक ट्रेक भी शामिल है। इसके अलावा भालोठ सब ब्रांच में ब्रिज एवं आरसीसी स्ट्रक्चर निर्माण के लिए कार्य की स्वीकृति दी गई।
बैठक में चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जीन्द के शैक्षणिक ब्लॉक के निर्माण कार्य की मंजूरी प्रदान की गई। इसके निर्माण पर 54.50 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। इसके अलावा इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 224 बिस्तरों का हॉस्टल बनाने के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके निर्माण पर 14.50 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
राज्य पर्यावरण प्रभाव एवं मूल्यांकन ऑथोरिटी के भवन के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की
एमडीसी सेक्टर 5 पंचकूला में बनने वाले इस भवन पर 16 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इसके अलावा पंचकूला में सिंह नाला तथा बेल फैक्ट्री से भगवान परशुराम चौक तक दो स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इन कार्यो पर लगभग 34.30 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसी प्रकार गुरूग्राम के चंदु बुढेडा स्थित जलघर में 100 एमएलडी का आटोमेटिड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं क्लीयर वाटर रिजरवायर के निर्माण कार्य पर 49.50 करोड़ रुपए की खर्च किए जाने की मंजूरी प्रदान की।
हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई तथा बिजली वितरण निगम के भी कई कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। चीका, ढण्डुर, हांसी तथा जुलाना में वेयर हाउसिंग के गोदाम बनाने की मंजुरी दी गई। इसके अलावा भिवानी, जीन्द, करनाल एनएच 709 के शेष भाग को पूरा किया जाएगा। आईएमटी सोहना में 5 एकड़ में कन्वेंशन सेंटर में ऑडिटोरियम का निर्माण, दूकानें 50 कमरों का होटल, पार्किंग स्थल का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण पर 51 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इसके अलावा गुरूग्राम पटौदी रोड़ को वाया गडोली द्वारका एक्सप्रेस वे को अपग्रेड एवं मजबूत करने का कार्य 30.85 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ए के सिंह, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डा. यशपाल यादव, ईआसी देवेन्द्र दहिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध बनाए रखने के निर्देश
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सिविल सर्जनों को बिजली बैकअप, आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता और कोल्ड चेन बनाए रखने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर- हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा 22 से 24 अक्टूबर, 2026 तक घोषित तीन दिवसीय हड़ताल को देखते हुए प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों (पीएमओ) को स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सा संस्थानों का संचालन निर्बाध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं, आपातकालीन उपचार तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी स्वास्थ्य संस्थानों को हड़ताल की अवधि के दौरान जनरेटर सेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। जहां आवश्यकता हो, वहां निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए तत्काल जनरेटर सेट किराये पर लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिजली से संबंधित किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए इलेक्ट्रीशियन की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी इलेक्ट्रीशियन अपने-अपने मुख्यालय पर तैनात रहेंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
प्रभावी समन्वय और त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारी का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर तत्काल अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।
विभाग ने वैक्सीन और तापमान के प्रति संवेदनशील अन्य चिकित्सा सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड चेन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि कोल्ड चेन में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए जनरेटर सेट तैयार स्थिति में रखे जाएं।
इसके अतिरिक्त, सभी संस्थानों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और हर समय एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। आपातकालीन मामलों के प्रबंधन में किसी प्रकार की रुकावट न आए, इसके लिए अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के साथ भी संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आवश्यक समन्वय किया जा सके। निजी अस्पतालों को भी हड़ताल की अवधि के दौरान जनरेटर सेट सहित बिजली बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए जरूरत पड़ने पर यूजर मनी फंड (User Money Fund) का उपयोग किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को ये निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि 22 से 24 अक्टूबर, 2026 तक प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सुचारू और निर्बाध बनी रहें।
हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना-2026
1 से 25 नवंबर तक किए जा सकेंगे आवेदन
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना-2026 के तहत असाधारण एवं नवाचारपूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और कर्मचारी समूहों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये पुरस्कार सुशासन दिवस के अवसर पर 25 दिसंबर, 2026 को प्रदान किए जाएंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार यह योजना राज्य सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों, वैधानिक प्राधिकरणों, मिशन सोसायटियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों तथा सरकारी स्वामित्व एवं नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत ग्रुप-ए, बी, सी और डी के कर्मचारियों पर लागू होगी। इसके अतिरिक्त, हरियाणा कौशल रोजगार निगम, हारट्रोन, जिला सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी अथवा आउटसोर्स नीति के तहत कार्यरत अनुबंध कर्मी भी इसके पात्र होंगे। हालांकि, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
योजना के तहत आवेदन करने के इच्छुक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने आवेदन संबंधित विभागाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख या संगठन प्रमुख को प्रस्तुत करेंगे। प्राप्त आवेदनों की जांच और समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारी अपनी सिफारिशों सहित इन्हें पोर्टल haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in पर अपलोड करेंगे। आवेदन अपलोड करने की अवधि 1 नवंबर से 25 नवंबर, 2026 तक निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा।
योजना के अंतर्गत राज्य फ्लैगशिप पुरस्कारों के लिए आवेदन संबंधित प्रशासनिक सचिवों द्वारा अपलोड किए जाएंगे। राज्य स्तरीय पुरस्कार सभी पात्र कर्मचारियों के लिए खुले होंगे, जबकि प्रत्येक जिले के लिए जिला स्तरीय पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त नामांकनों को संबंधित इम्पावर्ड कमेटी द्वारा शॉर्टलिस्ट करने के साथ-साथ उनकी जांच और मूल्यांकन किया जाएगा।
हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना-2026 का विस्तृत विवरण haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in पोर्टल तथा मुख्य सचिव कार्यालय की वेबसाइट www.csharyana.gov पर उपलब्ध है।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने हरियाणा लोक भवन में भव्य गौशाला का किया उद्घाटन, नन्ही गाय का नाम रखा ‘गौरी’
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज हरियाणा लोक भवन, चंडीगढ़ में नवनिर्मित भव्य गौशाला का उद्घाटन किया। इस गौशाला में गायों की सुविधा, देखभाल एवं आराम को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर राज्यपाल ने हरियाणा लोक भवन में जन्मी एक नन्ही गाय का नामकरण भी किया। उन्होंने स्नेहपूर्वक उसका नाम ‘गौरी’ रखा। इस नामकरण के साथ कार्यक्रम का वातावरण आत्मीयता और उल्लास से भर गया।
लोक भवन में गौशाला का निर्माण गायों की समुचित देखभाल और उनके लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव विजय कुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के परिसहाय स्क्वाड्रन लीडर पी. भरत सहित हरियाणा लोक भवन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सिंचाई से जुड़ी लंबित समस्याओं का करें प्राथमिकता आधार पर समाधान : श्रुति चौधरी
मंत्री ने की बाढ़ सुरक्षा एवं रखरखाव कार्यों की समीक्षा, भविष्य के लिए बेहतर योजना बनाने के निर्देश
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर-हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने आज यहां चरखी दादरी और भिवानी जिलों में सिंचाई से जुड़ी समस्याओं, जारी परियोजनाओं तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने एलडब्ल्यूएस एवं वाईडब्ल्यूएस सर्कल, भिवानी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में वन संबंधी स्वीकृतियों, पानी की चोरी रोकने, भूमि की अलाइनमेंट (संरेखण) तथा अतिक्रमण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि लंबित स्वीकृतियों और अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने पिछले तीन वर्षों के दौरान किए गए बाढ़ सुरक्षा एवं रखरखाव कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इन कार्यों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए भविष्य के लिए बेहतर योजना तैयार करने पर जोर दिया, ताकि बाढ़ सुरक्षा से संबंधित कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन हो और सिंचाई ढांचे का प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में लोहारू, भिवानी, तोशाम, बवानी खेड़ा और बाढड़ा विधानसभा क्षेत्रों में सिंचाई से संबंधित लंबित समस्याओं, चल रही परियोजनाओं तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा स्वीकृत एवं चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना-2026
1 से 25 नवंबर तक किए जा सकेंगे आवेदन
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना-2026 के तहत असाधारण एवं नवाचारपूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और कर्मचारी समूहों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये पुरस्कार सुशासन दिवस के अवसर पर 25 दिसंबर, 2026 को प्रदान किए जाएंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार यह योजना राज्य सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों, वैधानिक प्राधिकरणों, मिशन सोसायटियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों तथा सरकारी स्वामित्व एवं नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत ग्रुप-ए, बी, सी और डी के कर्मचारियों पर लागू होगी। इसके अतिरिक्त, हरियाणा कौशल रोजगार निगम, हारट्रोन, जिला सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी अथवा आउटसोर्स नीति के तहत कार्यरत अनुबंध कर्मी भी इसके पात्र होंगे। हालांकि, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
योजना के तहत आवेदन करने के इच्छुक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने आवेदन संबंधित विभागाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख या संगठन प्रमुख को प्रस्तुत करेंगे। प्राप्त आवेदनों की जांच और समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारी अपनी सिफारिशों सहित इन्हें पोर्टल haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in पर अपलोड करेंगे। आवेदन अपलोड करने की अवधि 1 नवंबर से 25 नवंबर, 2026 तक निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा।
योजना के अंतर्गत राज्य फ्लैगशिप पुरस्कारों के लिए आवेदन संबंधित प्रशासनिक सचिवों द्वारा अपलोड किए जाएंगे। राज्य स्तरीय पुरस्कार सभी पात्र कर्मचारियों के लिए खुले होंगे, जबकि प्रत्येक जिले के लिए जिला स्तरीय पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त नामांकनों को संबंधित इम्पावर्ड कमेटी द्वारा शॉर्टलिस्ट करने के साथ-साथ उनकी जांच और मूल्यांकन किया जाएगा।
हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना-2026 का विस्तृत विवरण haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in पोर्टल तथा मुख्य सचिव कार्यालय की वेबसाइट www.csharyana.gov पर उपलब्ध है।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने हरियाणा लोक भवन में भव्य गौशाला का किया उद्घाटन, नन्ही गाय का नाम रखा ‘गौरी’
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज हरियाणा लोक भवन, चंडीगढ़ में नवनिर्मित भव्य गौशाला का उद्घाटन किया। इस गौशाला में गायों की सुविधा, देखभाल एवं आराम को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर राज्यपाल ने हरियाणा लोक भवन में जन्मी एक नन्ही गाय का नामकरण भी किया। उन्होंने स्नेहपूर्वक उसका नाम ‘गौरी’ रखा। इस नामकरण के साथ कार्यक्रम का वातावरण आत्मीयता और उल्लास से भर गया।
लोक भवन में गौशाला का निर्माण गायों की समुचित देखभाल और उनके लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव विजय कुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के परिसहाय स्क्वाड्रन लीडर पी. भरत सहित हरियाणा लोक भवन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सिंचाई से जुड़ी लंबित समस्याओं का करें प्राथमिकता आधार पर समाधान : श्रुति चौधरी
मंत्री ने की बाढ़ सुरक्षा एवं रखरखाव कार्यों की समीक्षा, भविष्य के लिए बेहतर योजना बनाने के निर्देश
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर-हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने चरखी दादरी और भिवानी जिलों में सिंचाई से जुड़ी समस्याओं, जारी परियोजनाओं तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने एलडब्ल्यूएस एवं वाईडब्ल्यूएस सर्कल, भिवानी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में वन संबंधी स्वीकृतियों, पानी की चोरी रोकने, भूमि की अलाइनमेंट (संरेखण) तथा अतिक्रमण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि लंबित स्वीकृतियों और अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
श्रुति चौधरी ने पिछले तीन वर्षों के दौरान किए गए बाढ़ सुरक्षा एवं रखरखाव कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इन कार्यों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए भविष्य के लिए बेहतर योजना तैयार करने पर जोर दिया, ताकि बाढ़ सुरक्षा से संबंधित कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन हो और सिंचाई ढांचे का प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में लोहारू, भिवानी, तोशाम, बवानी खेड़ा और बाढड़ा विधानसभा क्षेत्रों में सिंचाई से संबंधित लंबित समस्याओं, चल रही परियोजनाओं तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा स्वीकृत एवं चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना, जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना तथा किसानों को सिंचाई संबंधी समस्याओं से राहत दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दें।
बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध को लेकर राज्य सरकार की है ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
बच्चों को लैंगिक अपराधों से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ मेडिकल और परामर्श की सुविधा भी निःशुल्क देती है
चंडीगढ़ 21 अक्टूबर – हरियाणा सरकार प्रदेश में बच्चों के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। बच्चों का यौन शोषण करना या करवाना, यौन उत्पीड़न का प्रयास करना या करवाना और अश्लील सामग्री के लिए बच्चों का उपयोग करना या करवाना ‘लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO ACT)’ (2019 में संशोधित) के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जब यह अपराध बच्चों के संरक्षक, जैसे उनकी देखभाल करने वाली संस्था का कोई व्यक्ति, लोक सेवक, पुलिस बल या शैक्षणिक संस्था के व्यक्ति आदि द्वारा किया जाता है, तो उसे निर्धारित परिस्थितियों में कम-से-कम 20 वर्ष के कारावास या मृत्युदंड तक की सजा दी जा सकती है।
इसके अलावा, ऐसी घटनाओं को छिपाना या पुलिस को सूचना न देना भी कानूनन अपराध है, जिसमें 6 माह से 1 वर्ष तक की कैद का कड़ा प्रावधान किया गया है।
उन्होंने हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पीड़ितों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार बच्चों को लैंगिक अपराधों से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ निःशुल्क मेडिकल सुविधा, परामर्श (काउंसलिंग) और संस्थागत सेवाएं उपलब्ध कराती है, वहीं इस दौरान बच्चे की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।
प्रवक्ता ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ इस प्रकार की घटना की जानकारी मिले, तो उसकी रिपोर्ट तुरंत स्थानीय पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या 112, स्थानीय बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई को अवश्य दें। नागरिक इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट wcdhry.gov.in पर भी संपर्क कर सकते हैं।
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान तेज करें : आरती सिंह राव
प्रत्येक जिले में 100–150 सर्विलांस नमूने लेने के निर्देश
कहा , जिला स्तरीय विशेष खाद्य निगरानी दलों का गठन करें
कहा ,प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध
चंडीगढ़ ,21 अक्टूबर – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने त्योहारी सीजन को देखते हुए राज्य में खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को प्रत्येक जिले में खाद्य पदार्थों के 100–150 सर्विलांस नमूने लेने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ मनोज कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यभर में खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने के जो निर्देश दिए हैं उनका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित, शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं मिलावट रहित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से दीपावली एवं छठ पूजा के त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों, दूध तथा दुग्ध उत्पादों की बढ़ती खपत को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत हरियाणा के सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वे जिला प्रशासन की निगरानी में संबंधित अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के समन्वय से जिला स्तरीय विशेष खाद्य निगरानी दलों का गठन करें। ये दल प्रमुख बाजारों, मिठाई की दुकानों, डेयरियों, दूध विक्रेताओं तथा अन्य खाद्य कारोबार परिसरों में निरीक्षण एवं सर्विलांस सैंपलिंग करेंगे, ताकि घटिया गुणवत्ता वाले, मिलावटी तथा असुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहचान की जा सके।
जिला स्तरीय विशेष निगरानी दलों को नियमित रूप से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए जाने वाले नमूनों से अलग प्रति जिले 100 से 150 सर्विलांस खाद्य नमूने लेने का लक्ष्य दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना, अधिक से अधिक बाजारों को अभियान के दायरे में लाना तथा राज्यभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान मिठाइयों, दूध, पनीर, खोया, घी तथा अन्य आम उपभोग की खाद्य वस्तुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डॉ. मनोज कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी सर्विलांस नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिए जाएं, उनका उचित दस्तावेजीकरण किया जाए तथा विश्लेषण के लिए समयबद्ध तरीके से संबंधित खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं में भेजा जाए। प्रयोगशालाओं से प्राप्त विश्लेषण रिपोर्टों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य नमूनों के मामलों में नियमानुसार शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एफडीएमुख्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रयोगशालाओं से प्राप्त विश्लेषण रिपोर्टों के आधार पर घटिया गुणवत्ता वाले एवं असुरक्षित पाए गए खाद्य नमूनों से संबंधित डेटा प्रत्येक सप्ताह विभाग के राज्य पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इस व्यवस्था से नमूनों की विश्लेषण रिपोर्टों, जिलेवार प्रगति तथा की गई नियामकीय एवं प्रवर्तन कार्रवाई की व्यवस्थित निगरानी सुनिश्चित होगी। साथ ही, आमजन में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक 2,428 खाद्य नमूने लिए गए
डॉ मनोज कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा हरियाणा में 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 की अवधि के दौरान कुल 1,239 प्रवर्तन (Enforcement) नमूने तथा 1,189 सर्विलांस (Surveillance) नमूने, अर्थात कुल 2,428 खाद्य नमूने लिए गए।
प्रयोगशाला विश्लेषण के उपरांत इनमें से 232 प्रवर्तन नमूने तथा 149 सर्विलांस नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इन मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक नियामकीय एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सर्विलांस नमूनों के विश्लेषण में निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने की स्थिति में संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी रिपोर्ट की तत्काल समीक्षा करेंगे। जहां आवश्यक होगा, वहां निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार अलग से प्रवर्तन नमूना लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा संबंधी उल्लंघनों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि विभाग एक सुदृढ़ खाद्य सुरक्षा निगरानी प्रणाली, जिला प्रशासन के साथ समन्वित कार्रवाई, प्रयोगशाला रिपोर्टों की नियमित समीक्षा तथा खाद्य सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी खाद्य कारोबार संचालकों से अपील की कि वे निर्धारित स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करें तथा घटिया, मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण, वितरण अथवा बिक्री न करें।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आमजन से भी अपील की कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें, विश्वसनीय स्रोतों से ही खाद्य सामग्री खरीदें तथा खाद्य मिलावट या खाद्य सुरक्षा संबंधी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। राज्य सरकार प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता एवं सख्त नियामकीय कार्रवाई के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।













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