इनसिनरेशन प्लांट बंद, समय पर संस्कार न होने पर भड़का जनआक्रोश
चंडीगढ़, 14 जनवरी। चंडीगढ़ के मक्खन माजरा इलाके में स्थित नगर निगम के एनिमल कारकस इनसिनरेशन प्लांट के बरामदे में 45 गायों के शव मिलने से शहर में हड़कंप मच गया। लंबे समय से बंद पड़े कारकस निस्तारण प्लांट के चलते मृत गायों का समय पर संस्कार नहीं हो सका, जिससे यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई।
सोशल मीडिया वीडियो से खुला मामला
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक इंटरनेट इन्फ्लुएंसर ने मृत गायों की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड की। वीडियो में बड़ी संख्या में गायों के शव जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे थे। वीडियो वायरल होते ही समाजसेवियों, गोरक्षकों और धार्मिक संगठनों में भारी रोष फैल गया।
तीन दिनों से जमा थे शव
वीडियो सामने आने के बाद कई समाजसेवी कारकस प्लांट पहुंचे। मौके पर जांच में पता चला कि बीते तीन दिनों के दौरान शहर और आसपास के अलग-अलग इलाकों से मृत गायों को संस्कार के लिए यहां लाया गया था। हालांकि इनसिनरेशन मशीन खराब होने के कारण शवों का निपटान नहीं हो सका और वे बरामदे में ही पड़े रहे।
कर्मचारियों के पास न साधन, न जगह
प्लांट पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि उनके पास न तो मृत पशुओं को दफनाने के लिए पर्याप्त नमक था और न ही उपयुक्त जगह। हालात बिगड़ने और विरोध बढ़ने के बाद नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर नमक भिजवाया, ताकि शवों को अस्थायी रूप से दफनाया जा सके।
समाजसेवियों ने उठाए गंभीर सवाल
समाजसेवी बिसल बलौर, राज चड्ढा और राहुल महाजन ने इस घटना को मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व के दिन बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने मांग की कि नगर निगम यह स्पष्ट करे कि इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत कैसे और कहां हुई।
समाजसेवियों का आरोप है कि संभवतः ये गाय मक्खन माजरा की गोशाला में ही मरी हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जरूरी रजिस्टर कारकस प्लांट से गायब है।
रजिस्टर गायब, संदेह गहराया
प्लांट पर काम कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि देर रात कुछ लोग आए थे, जिन्होंने खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताया और मृत पशुओं से संबंधित रजिस्टर अपने साथ ले गए। हालांकि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को कोई लिखित सूचना नहीं दी गई, जिससे मामले पर और सवाल खड़े हो गए हैं।
मेयर का बयान: जांच होगी, दोषी नहीं बचेंगे
इस मामले पर चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ गाय मक्खन माजरा–रायपुर गोशाला में मरी पड़ी थीं। एमओएच विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अलग-अलग गांवों से मृत गायों को यहां संस्कार के लिए लाया गया था।
मेयर ने स्पष्ट किया कि मशीन खराब होने के कारण इन्हें दफनाने की तैयारी की जा रही थी। यदि जांच में यह सामने आता है कि गायों की मौत यहीं हुई है या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, तो जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी चाहे कितने भी बड़े पद पर हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
मेयर का घेराव, प्रभारी सस्पेंड
घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मेयर और नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी के साथ उनका घेराव भी किया गया। हालात को देखते हुए मेयर ने मौके पर ही कारकस प्लांट के प्रभारी को सस्पेंड करने के आदेश देने का आश्वासन दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी कंवरदीप कौर की अगुआई में पुलिस बल तैनात किया गया है।
नगर निगम ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।











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