आज 16 जनवरी 2026, शुक्रवार का दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का है। इस तिथि पर नंदी का अधिकार माना जाता है, जो भगवान शिव के वाहन हैं। शास्त्रों के अनुसार यह दिन पुराने पापों के प्रायश्चित, योग-ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है। आज शुक्र प्रदोष व्रत के साथ-साथ मासिक शिवरात्रि भी है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
आज का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: माघ
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: त्रयोदशी
दिन: शुक्रवार
योग: ध्रुव
नक्षत्र: ज्येष्ठा
करण: गर
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: मकर
सूर्योदय: सुबह 07:16 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:45 बजे
चंद्रोदय: सुबह 06:12 बजे (17 जनवरी)
चंद्रास्त: दोपहर 03:25 बजे
राहुकाल: 11:12 से 12:31 बजे
यमगंड: 15:08 से 16:27 बजे
ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित होकर ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेंगे। यह नक्षत्र वृश्चिक राशि में 16:40 से 30:00 डिग्री तक विस्तृत है। इसके स्वामी ग्रह बुध और देवता इंद्र माने जाते हैं।
ज्येष्ठा नक्षत्र को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, लेकिन युद्ध संबंधी रणनीति बनाने, तांत्रिक साधना, विवाद या तर्क की तैयारी जैसे कार्यों के लिए इसे उपयुक्त माना गया है। इस नक्षत्र में विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
आज का वर्जित समय
आज राहुकाल 11:12 से 12:31 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ या नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् काल में भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन शिव उपासना, व्रत, ध्यान और आत्मशुद्धि के लिए विशेष फलदायी माना गया है।











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