मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मनाली में विंटर कार्निवल-2026 का किया शुभारंभ
अनिल कुमार शर्मा
मनाली | मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पर्यटन नगरी मनाली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विंटर कार्निवल-2026 का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 300 झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा माल रोड पहुंचकर झांकियों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मनाली में पर्यटन को और सुदृढ़ करने के लिए 250 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने परिधि गृह मनाली के नए भवन में अतिरिक्त पांच कमरे बनाने, मनाली क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए सात चिन्हित स्थानों पर सुरक्षा दीवार लगाने, ओल्ड मनाली में दो करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग निर्माण, तथा गांव सोलंग और कराल में भूस्खलन न्यूनीकरण कार्यों के लिए 25-25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और अतिथि-सत्कार परंपरा के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य में हर वर्ष करोड़ों पर्यटक आते हैं और उनके अनुभवों को यादगार बनाने के लिए विंटर कार्निवल जैसे भव्य आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और सरकार का लक्ष्य हिमाचल को प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक एवं स्वास्थ्य पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसी दिशा में ‘ग्रीन हिमाचल बॉयोडायवर्सिटी पार्क’ तथा नदियों के किनारे पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नई इको-टूरिज्म नीति लागू की गई है, जिसके तहत नवंबर 2025 तक 11 इको-टूरिज्म साइटों का आवंटन हो चुका है, जबकि 27 अन्य साइटों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इससे पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। ट्रैकिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 245 ट्रैकिंग रूट चिन्हित किए गए हैं और पर्यटकों की सुविधा हेतु मोबाइल ऐप भी विकसित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि होम-स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में संशोधन कर ब्याज अनुदान योजना शुरू की गई है। होम-स्टे इकाइयों के लिए अधिकतम पांच करोड़ रुपये के निवेश पर शहरी क्षेत्रों में तीन प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में चार प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल भी शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों को वर्षभर हवाई संपर्क से जोड़ने के उद्देश्य से 16 नए हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे। प्रथम चरण में नौ हेलीपोर्ट हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, मनाली, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया भी जारी है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरा उप-मंडल के बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से विश्व-स्तरीय वन्य प्राणी उद्यान का निर्माण किया जा रहा है, जबकि शिमला जिले के कुफरी स्थित हसन घाटी में प्रदेश का पहला स्काईवॉक ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बागवानी, साहसिक, जलाशय और सीमावर्ती पर्यटन की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। गोविंद सागर झील में पहली बार क्रूज, शिकारा, हाउस बोट, जेट-स्की और वॉटर स्कूटर जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं, जिन्हें भविष्य में अन्य जलाशयों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास पर्यावरण के अनुकूल होना चाहिए, क्योंकि प्राकृतिक संपदा ही प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है।
इस अवसर पर विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मनाली क्षेत्र में विकास कार्यों और बाढ़ नियंत्रण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस. रवीश ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उत्सव की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधायक सुन्दर सिंह ठाकुर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी, मिल्क फेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष शशि शर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष मियां राम सिंह, रेडक्रॉस सोसायटी के जिला समन्वयक चंद्रशेखर शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आजाद, कांग्रेस नेता राजीव किमटा, नगर परिषद मनाली के पदाधिकारी, पार्षदगण और पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशिक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।











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