August 28, 2026 12:33 am

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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: सिख छात्र कृपाण और विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र पहनकर दे सकेंगी परीक्षा

परीक्षाओं के दौरान धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान को मिली मान्यता, मुख्य सचिव कार्यालय ने जारी किए स्पष्ट दिशा-निर्देश
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए सिख छात्रों और विवाहित महिलाओं को महत्वपूर्ण छूट प्रदान की है। अब राज्य में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सिख छात्र धार्मिक आस्था के प्रतीक के रूप में कृपाण पहनकर, जबकि विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकेंगी।
राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय सिख विद्यार्थियों और विवाहित महिला अभ्यर्थियों को परीक्षाओं के दौरान होने वाली अनावश्यक असुविधाओं को समाप्त करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके तहत धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए परीक्षाओं के निष्पक्ष और सुव्यवस्थित संचालन को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

कृपाण को लेकर तय किए गए मानक
दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा के दौरान सिख अभ्यर्थियों द्वारा पहनी जाने वाली कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि उसकी धार की लंबाई 6 इंच से ज्यादा नहीं होगी। ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा सकें।

मंगलसूत्र पहनने की भी अनुमति
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि विवाहित महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान मंगलसूत्र पहनने की अनुमति होगी। उन्हें परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पूर्व उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

न्यायालयों के फैसलों के अनुरूप निर्णय
यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिनमें धार्मिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ परीक्षाओं के निष्पक्ष संचालन पर बल दिया गया है।

सभी विभागों को सख्त अनुपालन के निर्देश
हरियाणा सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों को इन दिशा-निर्देशों की जानकारी दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, पर्यवेक्षक और सुरक्षा कर्मी इन आदेशों से भली-भांति अवगत हों, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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