विजय बंसल एडवोकेट बोले— 2018 के बाद कालका विधानसभा में एक भी कॉलोनी रेगुलर नहीं
पिंजौर/कालका | 21 जनवरी 2026
हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की 26 नई कॉलोनियों को नियमित किए जाने की अधिसूचना जारी करने पर पिंजौर-कालका क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा गरमा गया है। शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बंसल एडवोकेट ने भाजपा की “ट्रिपल इंजन सरकार” पर कालका विधानसभा क्षेत्र के साथ लगातार भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
विजय बंसल ने कहा कि 14 जनवरी को जारी अधिसूचना में प्रदेश की 26 कॉलोनियों को रेगुलर किया गया, लेकिन पिंजौर-कालका नगर परिषद क्षेत्र की एक भी कॉलोनी को इसमें शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की करीब 70 नई कॉलोनियों के निवासी पिछले कई वर्षों से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी सुध नहीं ली।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 से पहले पिंजौर और कालका नगर पालिकाओं तथा आसपास की पंचायतों में नई कॉलोनियों में विकास कार्य प्रभावी ढंग से हो रहे थे। लेकिन नगर पालिकाओं को भंग कर पंचायतों को शामिल करते हुए पंचकूला नगर निगम का गठन होने के बाद इन कॉलोनियों को अनियमित घोषित कर दिया गया। इसके चलते लोग गलियों, नालियों, पार्क, कम्युनिटी हॉल जैसे बुनियादी विकास कार्यों से वंचित हैं। इतना ही नहीं, मकानों के नक्शे पास नहीं हो रहे और लोग बैंक लोन तक नहीं ले पा रहे हैं।
विजय बंसल ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले पिंजौर-कालका नगर परिषद क्षेत्र में अर्बन एक्ट की धारा 7-ए लागू कर दी गई थी, जिसके कारण नई कॉलोनियों में जमीन और मकानों की रजिस्ट्रियां तक बंद कर दी गईं। यह प्रतिबंध आज तक जारी है, जिससे लोग अपने घर तक नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र को नगर घोषित कर दिया गया है, तो धारा 7-ए और अनियमित कॉलोनी जैसी अड़चनें लगाना कितना तर्कसंगत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अवैध कॉलोनी का हवाला देकर 70 से अधिक कॉलोनियों में विकास कार्य नहीं करवा रही, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विजय बंसल ने कहा कि प्रदेश में सैकड़ों कॉलोनियां रेगुलर की जा चुकी हैं, लेकिन कालका विधानसभा क्षेत्र के साथ ही भेदभाव क्यों किया जा रहा है, जबकि नगर परिषद, विधानसभा और केंद्र—तीनों जगह भाजपा की सरकार है।
विजय बंसल ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2012 में लेखु कॉलोनी, पिंजौर में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा द्वारा 24 मकान बनाए गए थे, जिन्हें गरीबों को आवंटित किया जाना था, लेकिन आज तक अलॉटमेंट नहीं हुआ। इसी तरह वर्ष 2009 में महात्मा गांधी आवास योजना के तहत 100-100 गज के प्लॉट देने की घोषणा की गई थी, जिस पर 2018 में कैबिनेट निर्णय भी हुआ, लेकिन लाभार्थियों को आज तक प्लॉट नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि पिंजौर-कालका क्षेत्र में गलियों और नालियों की हालत बेहद खराब है। विकास कार्यों के लिए सरकार के पास कोई ठोस बजट प्रावधान नहीं है। सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है, स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई जा रहीं और पीने के पानी की नियमित आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भले ही विधानसभा सूची में कालका नंबर एक पर हो, लेकिन पिछड़ेपन में भी इसे नंबर एक बना दिया गया है।
विजय बंसल एडवोकेट ने आरोप लगाया कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए बजट की भारी कमी है, जिससे सड़कों और गलियों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार के वित्तीय दिवालियेपन को दर्शाती है।












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