August 29, 2026 2:56 pm

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एचपीएससी की 35 प्रतिशत कट ऑफ क्राइटेरिया नीति से युवाओं के भविष्य पर संकट: कुमारी सैलजा

-योग्य अभ्यर्थियों को किया जा रहा है बाहर
-हरियाणा के युवाओं के साथ धोखा,आरक्षण व्यवस्था पर सीधा प्रहार
चंडीगढ़, 22 जनवरी। हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियों में लागू की गई 35 प्रतिशत न्यूनतम अंक की नीति को लेकर कड़ा विरोध सामने आया है। सिरसा से सांसद, कांग्रेस कमेटी की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने इस नीति को हरियाणा के युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए कहा है कि यह व्यवस्था चयन की नहीं बल्कि योग्य अभ्यर्थियों को बाहर करने का साधन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण हजारों पद खाली पड़े हैं और योग्य युवा बेरोजगारी झेलने को मजबूर हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि उपलब्ध आंकड़े साफ बताते हैं कि अनेक विषयों में पात्र और योग्य उम्मीदवार मौजूद होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं की जा रहीं। सैकड़ों, हजारों पद स्वीकृत होने के बाद भी गिनती के लोगों का चयन हुआ है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पद हैं, उम्मीदवार हैं और जरूरत भी है, तो फिर भर्तियां क्यों रोकी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 35 प्रतिशत न्यूनतम अंकों की यह बाध्यता सबसे ज्यादा आरक्षित वर्गों को नुकसान पहुंचा रही है। पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अंतर्गत बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। सरकार युवाओं के साथ धोखा कर रही है और नौकरियों में आरक्षण को समाप्त करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। यह साफ हो गया है कि आरक्षण केवल कागजों तक सीमित रह गया है और व्यवहार में उसे निष्क्रिय कर दिया गया है ,जो सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। सांसद ने कहा कि आयोग इस नीति को योग्यता के नाम पर सही ठहराने का प्रयास कर रहा है, जबकि वास्तविक योग्यता का अर्थ उपलब्ध उम्मीदवारों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन होता है। किसी तय प्रतिशत को थोपकर योग्य अभ्यर्थियों को बाहर कर देना चयन नहीं बल्कि बहिष्कार है। इससे न केवल युवाओं का मनोबल टूट रहा है, बल्कि सरकारी संस्थानों में वर्षों से रिक्त पदों की समस्या और गंभीर होती जा रही है।
सांसद सैलजा ने सरकार से मांग की कि इस जनविरोधी नीति पर सरकार द्वारा तुरंत पुनर्विचार किया जाए, न्यूनतम अंक की बाध्यता समाप्त की जाए, मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और लंबे समय से खाली पड़े सभी पदों को शीघ्र भरा जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा मेहनती और प्रतिभाशाली है, उसे अवसर देने की जरूरत है, न कि नीतियों के जाल में उलझाकर उसका भविष्य छीना जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं और आरक्षण के अधिकारों की रक्षा के लिए वह यह लड़ाई लगातार जारी रखेंगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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