October 14, 2026 12:05 am

October 14, 2026 12:05 am

PUNJAB: गणतंत्र दिवस परेड-2026 के लिए पंजाब सरकार की झांकी आध्यात्मिक प्रकाश, मानव एकता और बलिदान की महान परंपरा का प्रतीक

चंडीगढ़, 22 जनवरी: गणतंत्र दिवस परेड-2026 में शामिल होने जा रही पंजाब सरकार की झांकी मानव एकता, दया-भावना और धार्मिक मूल्यों के सर्वोच्च आदर्शों को दर्शाती हुई आध्यात्मिक प्रकाश और निस्वार्थ बलिदान की भावना का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है। यह झांकी न केवल सिख इतिहास की गौरवशाली परंपरा को दर्शाती है, बल्कि समूची मानवता को सह-अस्तित्व, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश भी देती है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि झांकी को दो भागों—ट्रैक्टर और ट्रेलर—में विभाजित किया गया है। ट्रैक्टर वाले हिस्से में हाथ का प्रतीक चिह्न उकेरा गया है, जो मानवतावादी दृष्टिकोण और दया-भावना को दर्शाते हुए आध्यात्मिकता का प्रकाश फैलाता है। इसके अग्र भाग में ‘एक ओंकार’ (परमात्मा एक है) का घूमता हुआ प्रतीक दर्शाया गया है। इसके साथ ही कपड़े का एक टुकड़ा भी प्रदर्शित किया गया है, जिस पर ‘हिंद दी चादर’ अंकित है, जो अत्याचार से पीड़ितों की रक्षा और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है।
झांकी के ट्रेलर हिस्से में रागी सिंहों द्वारा ‘शब्द कीर्तन’ का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया गया है। इसके पीछे ‘खंडा साहिब’ का पवित्र चिन्ह स्थापित है, जो पूरे परिवेश को आध्यात्मिक और अलौकिक रंगत प्रदान करता है। यह दृश्य दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब के सामने के पवित्र वातावरण से प्रेरित है, जहां प्रतिदिन शब्द कीर्तन होता है।
ट्रेलर के साइड पैनल पर गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब का भव्य मॉडल सुशोभित है, वही ऐतिहासिक स्थल जहां नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए शहादत दी थी। इसके साथ ही गुरु साहिब के तीन महान अनुयायियों—भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी—की अमर शहादत को कलात्मक रूप में दर्शाया गया है। भाई मती दास जी को जिंदा आरे से चीरकर, भाई सती दास जी को ऊन में लपेटकर जिंदा जलाकर और भाई दयाला जी को उबलती देग में डालकर शहीद किया गया था। इन वीरों ने गुरु तेग बहादुर साहिब जी के उच्च आदर्शों पर चलते हुए मानवता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
प्रवक्ता ने कहा कि इन महान शहादतों ने मानव इतिहास में साहस, सत्य और बलिदान की एक अनुपम मिसाल कायम की है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस 23 से 29 नवंबर 2025 तक श्री आनंदपुर साहिब में भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर राज्यभर में श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ विभिन्न समागम आयोजित किए गए।
इतिहास में पहली बार भाई जैता जी यादगार स्थल पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसे एक ऐतिहासिक और अनूठा आयोजन माना जा रहा है। शहादत स्मृति से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत 25 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब में अरदास के साथ हुई। इसके बाद श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर), तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, फरीदकोट और गुरदासपुर से नगर कीर्तन निकलकर पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न हुए। इसके अलावा पूरे पंजाब में नगर कीर्तन और धार्मिक समागम आयोजित कर गुरु साहिब की महान विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

Our Visitor

4 2 9 7 1 8
Total Users : 429718
Total views : 685174

शहर चुनें